बढ़ती आबादी से घबराया पाकिस्तान: महिलाओं को बड़ी राहत, पीरियड्स और गर्भनिरोधक पर खत्म किया टैक्स

The CSR Journal Magazine
पाकिस्तान सरकार ने महिलाओं के स्वास्थ्य और परिवार नियोजन को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने सैनिटरी प्रोडक्ट्स और गर्भनिरोधक साधनों पर लगने वाले 18 प्रतिशत सेल्स टैक्स को खत्म करने की घोषणा की है। इस कदम को महिलाओं की स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच बढ़ाने और तेजी से बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

महिलाओं को मिलेगी बड़ी राहत

अब तक पाकिस्तान में सैनिटरी पैड, टैम्पोन और अन्य मासिक धर्म से जुड़े उत्पादों पर भारी टैक्स लगाया जाता था, जिससे इनकी कीमत आम महिलाओं की पहुंच से बाहर हो जाती थी। कई सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं का मानना था कि मासिक धर्म से जुड़े उत्पाद किसी भी तरह से लग्जरी आइटम नहीं हैं, बल्कि ये महिलाओं की बुनियादी जरूरतों का हिस्सा हैं। सरकार के नए फैसले से इन उत्पादों की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है।

बढ़ती आबादी भी बनी वजह

पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने बजट पेश करते हुए कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान के लिए यह फैसला जरूरी था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गर्भनिरोधक उत्पादों पर टैक्स हटाने का उद्देश्य परिवार नियोजन को बढ़ावा देना है। पाकिस्तान दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देशों में शामिल है और सरकार तेजी से बढ़ती जनसंख्या को एक बड़ी चुनौती मान रही है।

दो युवा वकीलों की मुहिम लाई बदलाव

इस बदलाव के पीछे दो युवा वकीलों, अहसान जहांगीर खान और महनूर ओमर की लंबी कानूनी लड़ाई का अहम योगदान माना जा रहा है। दोनों ने अदालत में याचिका दायर कर सरकार को चुनौती दी थी और मांग की थी कि मासिक धर्म से जुड़े उत्पादों को आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में रखा जाए। उनके अभियान ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया।

पाकिस्तान में बेहद कम है सैनिटरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल

UNICEF के आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तान में केवल 12 प्रतिशत महिलाएं और लड़कियां ही कमर्शियल सैनिटरी प्रोडक्ट्स का उपयोग करती हैं। अधिकांश महिलाएं कपड़े या अन्य पारंपरिक विकल्पों का सहारा लेती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि महंगे टैक्स और ऊंची कीमतें इसके पीछे की बड़ी वजह रही हैं।

दुनिया के कई देश पहले ही उठा चुके हैं कदम

पीरियड टैक्स हटाने की शुरुआत 2004 में कीनिया ने की थी। इसके बाद कनाडा, भारत, यूनाइटेड किंगडम और कई यूरोपीय देशों ने भी मासिक धर्म उत्पादों पर टैक्स समाप्त या कम किया। वहीं स्कॉटलैंड दुनिया का पहला देश बना, जहां सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर पीरियड प्रोडक्ट्स मुफ्त उपलब्ध कराए जाते हैं।

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