20 जून को किसानों के खातों में आएंगे 2,000 रुपये, राजस्थान के 66 लाख से अधिक किसानों को मिलेगा पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ

The CSR Journal Magazine
राजस्थान के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर से एक क्लिक के जरिए किसानों के बैंक खातों में 2,000 रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजेंगे। राज्य के 66 लाख से अधिक पात्र किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। हालांकि ई-केवाईसी, भू-सत्यापन और आधार-बैंक लिंकिंग अधूरी होने पर कुछ किसानों की किस्त अटक सकती है।

खरीफ सीजन से पहले किसानों को मिलेगी आर्थिक संबल

राजस्थान में मानसून के आगमन के साथ खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियां तेज हो गई हैं। बाजरा, मक्का, ग्वार, मूंग और अन्य फसलों की खेती शुरू होने से पहले किसानों को बीज, उर्वरक, कीटनाशक और कृषि कार्यों के लिए धन की आवश्यकता रहती है। ऐसे समय में पीएम किसान योजना की 23वीं किस्त किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आ रही है। केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि 20 जून को देशभर के करोड़ों किसानों के खातों में 2,000 रुपये की सहायता राशि भेजी जाएगी। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचेगी, जिससे उन्हें खेती की तैयारियों में मदद मिलेगी।

पश्चिम बंगाल से प्रधानमंत्री करेंगे राशि जारी

केंद्र सरकार के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जून को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले स्थित तारकेश्वर से पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी करेंगे। डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) प्रणाली के माध्यम से किसानों के खातों में सीधे धनराशि भेजी जाएगी। सरकार का दावा है कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी है और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हुई है। योजना के तहत पात्र किसानों को हर वर्ष 6,000 रुपये तीन समान किस्तों में दिए जाते हैं। 23वीं किस्त के रूप में मिलने वाले 2,000 रुपये किसानों को खेती के महत्वपूर्ण समय पर अतिरिक्त आर्थिक सहारा प्रदान करेंगे।

राजस्थान के 66 लाख से अधिक किसानों को होगा फायदा

ताजा आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में 66 लाख से अधिक किसान इस बार पीएम किसान योजना की किस्त प्राप्त करेंगे। राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा लाभार्थियों के रिकॉर्ड का सत्यापन करने के बाद अंतिम सूची तैयार की गई है। नियमों में पारदर्शिता और पात्रता की जांच को सख्त किए जाने के कारण केवल उन्हीं किसानों को लाभ मिलेगा, जिनके दस्तावेज और रिकॉर्ड पूरी तरह सही पाए गए हैं। जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा, अजमेर सहित प्रदेश के सभी जिलों में किसानों के बीच किस्त को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पात्र किसानों के खातों में राशि बिना किसी देरी के पहुंचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

इन कारणों से अटक सकती है किसानों की किस्त

सरकार ने किसानों से समय रहते आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने की अपील की है। जिन किसानों की ई-केवाईसी अभी तक पूरी नहीं हुई है, उनकी किस्त रुक सकती है। इसके अलावा भू-सत्यापन यानी जमाबंदी और खसरा रिकॉर्ड का डिजिटल मिलान नहीं होने पर भी भुगतान प्रभावित हो सकता है। आधार नंबर का बैंक खाते और एनपीसीआई से लिंक होना भी अनिवार्य है, अन्यथा ट्रांजैक्शन असफल हो सकता है। किसान पीएम किसान पोर्टल पर जाकर ‘Beneficiary List’ और ‘Know Your Status’ विकल्प के माध्यम से अपना नाम और भुगतान स्थिति जांच सकते हैं। सरकार ने सलाह दी है कि जिन किसानों की ई-केवाईसी या भू-सत्यापन प्रक्रिया अधूरी है, वे 20 जून से पहले ई-मित्र केंद्र, सीएससी या संबंधित राजस्व अधिकारियों की मदद से इसे पूरा कर लें, ताकि किस्त का लाभ समय पर मिल सके।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos