अब चालान सिर्फ ई-चालान मशीन से! मोबाइल से फोटो लेकर चालान काटने पर गिरेगी गाज
अगर आप भी सड़क पर ट्रैफिक नियम तोड़ते वक्त किसी कोने में छिपे पुलिसवाले के मोबाइल कैमरे से बच निकलते थे, तो अब राहत की बात आपके लिए है लेकिन पुलिसकर्मियों के लिए नहीं। महाराष्ट्र पुलिस ने सख्त आदेश जारी किया है कि अब कोई भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी अपने निजी मोबाइल से फोटो खींचकर चालान नहीं काट सकेगा। यह आदेश सीधे महाराष्ट्र के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक) प्रवीण सालुंखे ने राज्यभर के ट्रैफिक अधिकारियों को भेजा है। अब यदि कोई पुलिसकर्मी इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
Traffic Police Challan in Maharashtra: क्या है नया आदेश?
ADGP प्रवीण सालुंखे द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि चालान काटने के लिए केवल सरकारी ई-चालान मशीनों का ही प्रयोग किया जाए। किसी पुलिसकर्मी द्वारा अपने निजी मोबाइल फोन से फोटो खींचकर ई-चालान पोर्टल पर अपलोड करना अब पूरी तरह से निषिद्ध है।
पारदर्शिता और जवाबदेही होगी तय
मुंबई पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) अनिल कुंभारे ने बताया कि इस आदेश से ट्रैफिक व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही भी तय होगी। उन्होंने यह भी माना कि तकनीकी खामियों के चलते कुछ पुलिसकर्मी ई-चालान मशीन की बजाय मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे थे, जो बाद में आदत में बदल गया। अब यह आदत उनके लिए भारी पड़ सकती है, क्योंकि इस बार कार्रवाई के आदेश सीधे ADGP स्तर से आए हैं।
क्यों पड़ा आदेश जारी करने की जरूरत?
दरअसल, ट्रैफिक विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि पुलिसकर्मी पेड़ के पीछे, फुटपाथ पर या गाड़ियों के बीच में छिपकर मोबाइल से फोटो खींचते हैं। फिर इन तस्वीरों को ई-चालान पोर्टल में अपलोड कर चालान काटते हैं। इससे कई बार भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी सामने आईं हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिक संगठनों ने भी इस पर बार-बार आपत्ति जताई थी।
ट्रैफिक यूनियन और परिवहन मंत्री से भी हुई चर्चा
हाल ही में ट्रैफिक विभाग की यूनियनों के प्रतिनिधियों और राज्य के परिवहन मंत्री के बीच एक बैठक हुई थी, जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा की गई थी। इसके बाद आदेश जारी करने की प्रक्रिया तेज हुई और अब यह सख्त निर्देश लागू कर दिए गए हैं।
अब क्या होगा?
पुलिसकर्मियों को सिर्फ सरकारी ई-चालान मशीनों का ही इस्तेमाल करना होगा, किसी भी स्थिति में मोबाइल से फोटो खींचकर चालान नहीं किया जा सकता, उल्लंघन करने पर विभागीय जांच और कार्रवाई की जाएगी, आम लोगों को भी यह अधिकार है कि वे ऐसे मामलों की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
क्या बदलेगा इससे?
इस आदेश से कई बदलाव संभावित हैं जैसे, भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, ट्रैफिक चालानों की प्रक्रिया होगी पारदर्शी, पुलिसकर्मियों की सुनियोजित जवाबदेही तय होगी, झूठे चालान या मनमाने फोटो अपलोड के मामले कम होंगे।
आम जनता को क्या करना चाहिए?
यदि कोई व्यक्ति देखता है कि कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी निजी मोबाइल से फोटो लेकर चालान कर रहा है, तो वह संबंधित थाने में शिकायत कर सकता है, ट्रैफिक विभाग की हेल्पलाइन या ईमेल के ज़रिए भी इसकी सूचना दे सकता है, मोबाइल कैमरे में खुद उस पुलिसकर्मी की रिकॉर्डिंग कर साक्ष्य भी दे सकता है।
नियम सबके लिए एक समान
महाराष्ट्र में ट्रैफिक नियम सिर्फ आम नागरिकों के लिए ही नहीं, अब ट्रैफिक पुलिस पर भी सख्ती से लागू होंगे। चालान सिर्फ ई-चालान मशीन से यह नियम ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार, जवाबदेही और पारदर्शिता का प्रतीक बनेगा। अब देखना होगा कि यह आदेश जमीन पर कितनी सख्ती से लागू होता है और क्या इससे सड़क पर चलने वाले आम लोगों को राहत मिलती है या नहीं।
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