Bokakhat, India. 20 April 2024. A woman tea plucker plucking tea leaves at a tea estate, in Bokakhat, Assam, India. The tea industry in Assam is a significant and integral part of the global tea production and a major player in the economy of India. Assam, located in the northeastern part of India, is one of the world's largest tea-producing regions, known especially for its Assam tea, a black tea known for its body, briskness, malty flavor, and strong, bright color.
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल ही में कहा कि नॉर्थ-ईस्ट भारत का ग्रोथ इंजन बनने की राह पर है। सिंधिया ने यह भी बताया कि इस क्षेत्र में 18 बड़े प्रोजेक्ट लगभग 80 हजार करोड़ रुपये के हैं। पिछले दस सालों में यहां की विकास दर 10-13% रही है। यह आंकड़ा नॉर्थ-ईस्ट के 4.5 करोड़ लोगों की जिंदगी में अमूल परिवर्तन लाने में सहायक रहा है।
नॉर्थ-ईस्ट: भारत की मुख्यधारा में शामिल
सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नॉर्थ-ईस्ट के विकास को लेकर स्पष्ट दृष्टिकोन है। उन्होंने बताया कि पिछले 65 वर्षों से इस क्षेत्र पर ध्यान नहीं दिया गया। प्रधानमंत्री ने “अष्टलक्ष्मी” नामक एक नई सोच विकसित की है, जिसका उद्देश्य नॉर्थ-ईस्ट को विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है।
ग्लोबल इकोनोमी से जोड़ने का मिशन
सिंधिया ने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट की इकोनॉमी में भरपूर संभावनाएं हैं। यह क्षेत्र वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत की विकास दर पिछले वर्षों में दुनिया की विकास दर से दो से तीन गुना ज्यादा रही है।
नेशनल हाईवे और एयरपोर्ट: अभूतपूर्व विकास
सिंधिया ने कहा कि पिछले दशक में नॉर्थ-ईस्ट में बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। जहां पहले केवल 10,000 किलोमीटर के नेशनल हाईवे थे, वहीं यह आंकड़ा अब 60% बढ़कर हो गया है। इसी तरह, 2014 में केवल 9 एयरपोर्ट थे, अब यह संख्या बढ़कर 17 हो गई है।
शिक्षा और जागरूकता में तेजी
इस क्षेत्र में शिक्षा की स्थिति में सुधार हुआ है, जहां सारक्षरता दर 90% से अधिक है। युवाओं में यह बदलाव एक नई चेतना का संकेत है। सिंधिया ने इसे उत्तर पूर्व के विकास का महत्वपूर्ण भाग बताया।
चार राज्यों के साथ बेहतर कनेक्टिविटी
सिंधिया के मुताबिक, पूर्वोत्तर के चार राज्य अब रेलवे नेटवर्क से जुड़े गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि 2027 तक सात और राज्य की राजधानियां रेलवे से जुड़ जाएंगी।
80 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स
वर्तमान में, उत्तर पूर्व में 80 हजार करोड़ रुपये के 18 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। ये प्रोजेक्ट्स क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुधारने में सहायक बनेंगे। इन सभी पहलुओं से स्पष्ट है कि नॉर्थ-ईस्ट भारत की सामाजिक और आर्थिक धारा में नया परिवर्तन ला रहा है, और यह सब प्रधानमंत्री मोदी के विजन की बदौलत संभव हुआ है।
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