मराठा आरक्षण पर फिर गरमाई महाराष्ट्र की सियासत, 30 मई से आमरण अनशन करेंगे मनोज जरांगे

The CSR Journal Magazine
मनोज जरांगे पाटिल ने मराठा आरक्षण को लेकर 30 मई से भूख हड़ताल करने की घोषणा की है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि दस महीने का समय बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस बयान के बाद आंदोलन में तेजी आ गई है। जरांगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि वे चिलचिलाती धूप में आमरण अनशन करेंगे। उनका सवाल है, “सरकार को और कितना समय दिया जाना चाहिए?”

अन्याय का आरोप

जरांगे ने कहा है कि मराठा समुदाय के बच्चों के साथ अन्याय हो रहा है और अब समय आ गया है कि हमें कड़ा रुख अपनाना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी पर आरोप नहीं लगाना चाहते, परंतु गरीब मराठों के बच्चों के भविष्य के लिए लड़ाई जरूरी है। उनका उद्देश्य यह है कि मराठा आरक्षण का मुद्दा सुलझे। इस मुद्दे को उठाने के लिए उन्होंने फिर से सड़कों पर आने की बात की है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मनोज जरांगे पाटिल की चेतावनी के बाद सरकार ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है। मराठा आरक्षण उप-समिति के अध्यक्ष और जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने मुंबई के लिए रवाना होने के संकेत दिए हैं। सरकार अब इस अहम मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है। बुधवार को وزیر पाटिल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ बैठक करेंगे।

महत्वपूर्ण बैठकें

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विखे पाटिल मुंबई में मुख्यमंत्री से मिलने के बाद छत्रपति संभाजीनगर पहुंचेंगे। यहां वे संभागीय आयुक्त कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद, वे मनोज जरांगे पाटिल से मिलने की योजना बना रहे हैं। यह बैठक इस विवादास्पद मुद्दे पर बातचीत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

जरांगे का संकल्प

मनोज जरांगे पाटिल ने अपने आंदोलन को लेकर स्पष्ट किया है कि वे पूरी तरह से संकल्पित हैं और अपने हक के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। उनका मानना है कि इस मुद्दे का ठोस समाधान निकालने की जरूरत है। इस क्रम में उन्होंने अपने समर्थकों से भी अपील की है कि वे उनके साथ इस आंदोलन में जुड़ें।

मुख्यमंत्री का सकारात्मक रुख

राधाकृष्ण विखे पाटिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सभी मुद्दों पर सकारात्मक रुख रख रहे हैं। यह जानकर जरांगे के समर्थकों में एक नई उम्मीद जागृत हुई है कि शायद अब सरकार कार्रवाई करेगी। शुक्रवार को होने वाली बैठक को लेकर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

आंदोलन की तैयारी

मनोज जरांगे और उनके समर्थक अब पूरी तैयारी में हैं। 30 मई से शुरू होने वाले आमरण अनशन के लिए सभी आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है। आंदोलनकारियों का मानना है कि इस बार का आंदोलन पहले से अधिक शक्ति और एकता के साथ किया जाएगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार इस बार कोई ठोस कदम उठाएगी या नहीं।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos