ईशा ग्रामोत्सव 2026: ग्रामीण महिलाओं के लिए खेल का सबसे बड़ा मंच बन रहा

The CSR Journal Magazine
ईशा ग्रामोत्सव 2026 में इस बार उत्तर प्रदेश, हरियाणा, ओडिशा, महाराष्ट्र और हिमाचल के गांव शामिल होंगे। यह टूर्नामेंट 10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश से 80,000 से अधिक खिलाड़ियों के लिए एक बड़े मंच के रूप में उभर रहा है। ग्रामीण इलाकों में यह खेल उत्सव अब उत्तर भारत में भी अपनी पहचान बना रहा है। यह आयोजन देश का सबसे बड़ा वार्षिक ग्रामीण खेल उत्सव है, और इस बार के आयोजन को 18वां संस्करण कहा जा रहा है।

पुरस्कार राशि एक करोड़ रुपये से अधिक

इस टूर्नामेंट में टीमों को काफी आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे। ग्रैंड फिनाले में विजेता वॉलीबॉल और थ्रोबॉल टीमों को 5-5 लाख रुपये मिलेंगे। उपविजेता टीमों को 3-3 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, तीसरे और चौथे स्थान पर आने वाली टीमों को क्रमशः 1 लाख और 50,000 रुपये की पुरस्कार राशि प्राप्त होगी। इसके साथ ही, क्लस्टर और डिवीजनल चरणों में भी नकद पुरस्कार दिए जाएंगे।

क्लस्टर मैचों का कार्यक्रम

इस टूर्नामेंट को तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें क्लस्टर-स्तरीय मुकाबले, डिवीजनल चरण और ग्रैंड फिनाले शामिल हैं। क्लस्टर मैचों की शुरुआत जुलाई के दूसरे हफ्ते से होगी, जबकि ग्रैंड फिनाले 6 सितंबर को कोयंबटूर में ईशा योग केंद्र पर आयोजित किया जाएगा। इसके लिए रजिस्ट्रेशन अब शुरू हो चुका है, और ग्रामीण खिलाड़ी ऑनलाइन रजिस्टर कर सकते हैं।

उम्मीदों से भरी ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी

ईशा ग्रामोत्सव ने ग्रामीण महिलाओं के लिए खेलने का एक महत्वपूर्ण मौका प्रदान किया है। देवरायापुरम गांव की थ्रोबॉल खिलाड़ी नंदिनी दुरईसामी कहती हैं, ‘ग्रामोत्सव से पहले खेलने के मौके बहुत कम थे। लेकिन अब हमें बाहर निकलने और अपनी प्रतिभा दिखाने का आत्मविश्वास मिला है।’ ऐसे ही एक उदाहरण.present है, जहाँ एक हाउसवाइफ ने भी थ्रोबॉल में अपनी पहचान बनाई है।

महिलाओं के संघर्ष और मेहनत की कहानी

थ्रोबॉल खिलाड़ी राजेश्वरी कहती हैं, ‘हम गृहिणियां इसे एक प्रतिबद्धता की तरह निभाती हैं। हमारे पति का सहयोग हमें बहुत मिलता है।’ खेलों में भाग लेकर उन्होंने अपनी मेहनत को साबित किया है, और अनेक चुनौतियों का सामना किया है। यह आसान स्थिति नहीं थी, लेकिन उन्होंने विभिन्न बाधाओं को पार किया है।

2.6 लाख से ज्यादा खिलाड़ी जुड़े

पिछले दो दशकों में, ईशा ग्रामोत्सव ने एक क्षेत्रीय खेल उत्सव से देश के सबसे बड़े समुदाय-संचालित खेल टूर्नामेंट में खुद को स्थापित किया है। इस आयोजन ने 35,000 से अधिक गांवों के 2.6 लाख से ज्यादा खिलाड़ियों को जोड़ा है, जिससे अब तक हजारों महिलाओं को खेल के क्षेत्र में भाग लेने का अवसर मिला है।

खेलों के साथ सांस्कृतिक उत्सव का आनंद

ग्रामोत्सव केवल खेल ही नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी उत्सव है। यहां लोग परंपरागत कला, लोक प्रस्तुतियों, संगीत, और नृत्य का आनंद लेते हैं। भाग लेने वाले खिलाड़ी खो-खो, गिल्ली डंडा और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों में भी शामिल हो सकते हैं।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos