IRCTC की नई पहल: ट्रेनों और स्टेशनों पर बिजली से बनेगा खाना, रात 11 बजे के बाद सर्विस रहेगी बंद

The CSR Journal Magazine

IRCTC ने शुरू की नई व्यवस्था,ट्रेनों में बिना LPG सिलेंडर के पकेगा खाना, शुरू हुई नई बिजली व्यवस्था

हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण भारत में पेट्रोल, डीजल, CNG और सोने-चाँदी की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इस बढ़ती कीमतों के बीच, देशभर में LPG सिलेंडरों की सप्लाई में कमी ने कई क्षेत्रों पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। इससे आम लोगों की जीवनशैली पर असर पड़ा है और रसोई के खर्च में वृद्धि हुई है। इस समस्या से निपटने के लिए IRCTC ने बिना गैस सिलेंडर के चलती ट्रेनों और स्टेशनों पर खाना पकाने की नई बिजली आधारित (इलेक्ट्रिक) व्यवस्था शुरू की है।

लोगों की परेशानी बढ़ी

पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) संकट के कारण देश में कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की भारी किल्लत हो गई है। LPG के सिलेंडरों की कमी के चलते विशेषकर निम्न और मध्यम वर्ग के परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रोजमर्रा की आवश्यकताओं के लिए LPG की उपलब्धता में कमी ने खाने की तैयारी को भी प्रभावित किया है। ऐसे में IRCTC ने एक नई पहल की है, जिससे लोगों को राहत मिल सके।

IRCTC की नई व्यवस्था

IRCTC ने एक नई व्यवस्था शुरू की है जिसके तहत खासतौर पर रेलवे यात्रियों के लिए खाने की तैयारी में बदलाव किया गया है। अब यात्रियों को बिना LPG सिलेंडर के भी भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को निगेटिव प्रभाव से बचाना और सेवा में सुधार लाना है।

कैसे होगा खाना तैयार?

नई व्यवस्था के तहत, IRCTC ने पहले से तैयार भोजन के विकल्प को बढ़ावा दिया है। इसमें यात्रा के दौरान पूरक भोजन की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे यात्रियों को ताजा और स्वास्थ्यवर्धक भोजन मिल सकेगा। इसके अलावा, IRCTC ने भोजन वितरण प्रणाली को भी सुधारा है ताकि इस व्यवस्था का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

इलेक्ट्रिक और इंडक्शन कुकिंग की शुरुआत

ट्रेनों की पैंट्री कार और रेलवे स्टेशनों के किचन में अब एलपीजी गैस की जगह बिजली से चलने वाले इंडक्शन स्टोव और माइक्रोवेव का इस्तेमाल किया जा रहा है। IRCTC ने कुछ साल पहले चलती ट्रेनों में खाना बनाने पर रोक लगा दी थी, लेकिन इस संकट के कारण इसे एलएचबी (LHB) पैंट्री कारों में बिजली की मदद से फिर से शुरू कर दिया गया है। स्टेशनों पर स्थित फूड प्लाजा, जन आहार और रिफ्रेशमेंट रूम्स को भी पूरी तरह से इंडक्शन और माइक्रोवेव तकनीक पर शिफ्ट होने के निर्देश दिए गए हैं। इस नई पहल के कारण रेलवे के किचन में बनने वाले कुल भोजन का लगभग 60% हिस्सा अब सीधे बिजली से तैयार हो रहा है।

सुरक्षा और तेल कंपनियों से तालमेल

राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और वंदे भारत जैसी ट्रेनों के आधुनिक एलएचबी (LHB) कोचों में पहले से ही सुरक्षित इलेक्ट्रिक कुकिंग की व्यवस्था मौजूद है, जिसका अब पूरा इस्तेमाल किया जा रहा है। IRCTC ने देश के बेस किचन के लिए IOCL, BPCL और HPCL के साथ विशेष करार किया है ताकि जरूरी जगहों पर बिना रुकावट कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई प्राथमिकता पर मिलती रहे। किसी भी आपात स्थिति या खाने की कमी से बचने के लिए वेंडर्स को पर्याप्त मात्रा में ‘रेडी-टू-ईट’ (तुरंत खाने योग्य) भोजन का स्टॉक रखने के लिए कहा गया है।

रात में सर्विस बंद

खाना पकाने की तकनीक बदलने के साथ ही IRCTC ने एक और अहम नियम लागू किया है। अब ट्रेनों की पैंट्री कार सेवाएं रात 11:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक पूरी तरह बंद रहेंगी। इस दौरान यात्रियों को खाना, चाय या गर्म पानी नहीं मिल सकेगा, क्योंकि इस समय का उपयोग पैंट्री की गहरी सफाई और रखरखाव के लिए किया जाएगा।

सुरक्षा मानकों का पालन

नई व्यवस्था में सुरक्षा मानकों का भी ख़ास ध्यान रखा गया है। सभी खाद्य सामग्री को स्वच्छता और स्वास्थ्य की दृष्टि से जांचा जाएगा। यह पहल यात्रियों को न केवल भोजन की गुणवत्ता में सुधार का अनुभव कराएगी, बल्कि सुरक्षित यात्रा का भी अनुभव प्रदान करेगी।

यात्रियों में उत्साह

IRCTC की इस नई व्यवस्था ने यात्रियों में उत्साह भर दिया है। यात्रियों का कहना है कि इस पहल से उन्हें यात्रा के दौरान सही समय पर भोजन मिलेगा, जिससे यात्रा का अनुभव और भी बेहतर हो जाएगा। कई यात्रियों ने इस नई व्यवस्था की सराहना की है।

रोजगार पर भी असर

LPG सिलेंडरों की कमी का असर केवल आम लोगों तक सीमित नहीं है। इस संकट का प्रतिकूल प्रभाव विभिन्न सेक्टरों पर भी पड़ा है, जिससे रोजगार की स्थितियों में भी चुनौती आई है। IRCTC की नई व्यवस्था से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि इससे जुड़े कर्मचारियों के लिए भी संभावनाएँ खुलेंगी।

अगले कदम

IRCTC की नई पहल से यह संकेत मिलता है कि उन्हें बाजार के वर्तमान हालात का अच्छी तरह से पता है और वे उस पर तेजी से प्रतिक्रिया कर रहे हैं। यह सोचने का विषय है कि आगे चलकर सरकार और अन्य संस्थाएँ भी इस तरह की व्यवस्था को कैसे लागू करेंगी ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos