ईरान के सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार में देरी, सुरक्षा खतरा बड़ा कारण: भोपाल में बयान

The CSR Journal Magazine
ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में देरी को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। ईरान के प्रतिनिधि मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने रविवार को भोपाल में कहा कि सुरक्षा खतरे के चलते अंतिम संस्कार अभी नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि लाखों लोगों के जुटने से संभावित हमले का डर है। मौलाना इलाही ने आशंका जताई कि अगर अंतिम संस्कार आयोजित होता है तो मशहद शहर में 2 करोड़ से अधिक लोग इकट्ठा हो सकते हैं, जो किसी बड़े खतरे की ओर इशारा करता है।

वार्ता में रुकावट और नए विवादों की चर्चा

मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि यह संघर्ष ईरान द्वारा नहीं शुरू किया गया है, बल्कि यह डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू की निजी जंग है। उन्होंने कहा कि अमेरिका एवं इजराइल को इससे कोई लाभ नहीं हुआ, और ईरान हमेशा से शांति की तलाश में रहा है। ईरान ने बातचीत की कोशिश की, लेकिन दूसरी ओर से हमले की वारदातें बढ़ी हैं। ईरान की सभ्यता 5,000 वर्ष पुरानी है, और इसके पास सभी संसाधन मौजूद हैं।

अमेरिका की गलतफहमियाँ और असफलताएँ

मौलाना इलाही ने कहा कि अमेरिका को यकीन था कि वह तीन दिनों में ईरान की सरकार को गिरा देगा। युद्ध के बाद ईरान का नक्शा बदलने का इरादा था, जिससे ईरान को कई हिस्सों में बांटने की कोशिश की गई। इस युद्ध के परिणामस्वरूप ईरान में भारी तबाही हुई है, जिसमें लाखों नागरिक प्रभावित हुए हैं।

भारत से दवाइयों की खरीदारी का निर्णय

आर्थिक प्रतिबंधों के चलते ईरान अब अपने घायलों के इलाज के लिए भारत से दवाइयां खरीदने पर मजबूर हुआ है। मौलाना इलाही ने बताया कि अमेरिकी सीनेटरों ने इस युद्ध की आलोचना की है, और अधिकारियों ने बताया है कि स्थिति में सुधार हो रहा है।

जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर खुलासे

मौलाना ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का निर्णय सुरक्षा कारणों से लिया गया था। जैसे ही अन्य देश अपने युद्धपोत भेजना चाहते थे, ईरान ने इस कदम को उठाया। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही यह जलडमरूमध्य सभी के लिए फिर से खोला जाएगा।

युद्ध के असर का दर्द बयां करती है एक बच्ची की कहानी

मौलाना ने एक भावनात्मक घटना साझा की, जब एक तीन वर्षीय बच्ची ने रोते हुए अपने सोने की बाली उन्हें दी और कहा कि उसके बहुत से सहपाठियों पर बमबारी हुई है। यह घटना उनके लिए बेहद भावुक थी और उन्हें यकीन दिलाया कि वे अच्छी तरह से लौटेंगे।

भारत-ईरान संबंधों की मजबूती पर जोर

मौलाना इलाही ने कहा कि भारत और ईरान के बीच संबंध बहुत मजबूत हैं। उन्होंने भारत की दयालुता और ईमानदारी की तारीफ की और कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की जानी चाहिए।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos