अंधेरे कमरे में कैद इमरान की धुंधली हुई रोशनी, रावलपिंडी जेल से सुप्रीम कोर्ट तक बढ़ा तनाव

The CSR Journal Magazine
इमरान खान की दाहिनी आंख की 85% रोशनी जाने के दावे ने पाकिस्तान में भारी राजनीतिक गतिरोध पैदा कर दिया है। रावलपिंडी की अडियाला जेल में अगस्त 2023 से बंद 73 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री की सेहत को लेकर आई इस रिपोर्ट के बाद उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) और शहबाज शरीफ सरकार व सैन्य प्रतिष्ठान के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है।

 उपेक्षा या राजनीतिक साजिश? सुप्रीम कोर्ट की रिपोर्ट और मेडिकल सच्चाई

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त न्याय मित्र (Amicus Curiae) बैरिस्टर सलमान सफदर ने अपनी सात पन्नों की फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट में पुष्टि की कि इमरान खान की दाहिनी आंख की रोशनी लगभग खत्म होने की कगार पर है। रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान अक्टूबर 2025 से ही जेल प्रशासन से लगातार आंखों में धुंधलापन (Blurred Vision) होने की शिकायत कर रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने इसे पूरी तरह नजरअंदाज किया और केवल साधारण आई ड्रॉप्स दिए। जनवरी 2026 में जब स्थिति बेहद खराब हुई, तो उन्हें गुपचुप तरीके से पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) अस्पताल ले जाया गया। वहां जांच में पता चला कि उनकी आंख की मुख्य नस में खून का थक्का जमने के कारण गंभीर क्षति हुई है। हालांकि, डॉक्टरों ने स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए आंखों में विशेष एंटी-वीईजीएफ (Anti-VEGF) इंट्राविट्रियल इंजेक्शन लगाए हैं, लेकिन नष्ट हो चुकी रोशनी को वापस लाना बेहद मुश्किल माना जा रहा है।

PTI के तीखे आरोप: “इमरान को अंधा बनाने की कोशिश”

इमरान खान की बहन अलीमा खान और उनके बेटों ने सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए वर्तमान शहबाज शरीफ सरकार और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर पर सीधा हमला बोला है। PTI नेताओं का आरोप है कि खान को एक ऐसी कालकोठरी (सॉलिटरी कन्फाइनमेंट) में रखा गया है, जहां न तो धूप आती है और न ही ताजी हवा। पार्टी ने इसे मौलिक मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन बताते हुए आरोप लगाया कि इमरान खान को राजनीतिक परिदृश्य से हटाने के लिए जेल के भीतर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

सरकार और सेना का रुख

दूसरी ओर, सरकार और जेल अधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। सरकारी प्रतिनिधियों का कहना है कि इमरान खान को जेल मैनुअल के अनुसार VIP सुविधाएं दी गई हैं, जिसमें किताबें, कसरत के उपकरण और नियमित मेडिकल चेकअप शामिल हैं। सरकार का दावा है कि राजनीतिक लाभ लेने के लिए पीटीआई इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है और सेना को बदनाम करने का प्रयास कर रही है।

राजनीतिक प्रभाव और आगे की राह

इस संवेदनशील खुलासे के बाद पाकिस्तान की सड़कों से लेकर संसद तक तनाव फैल गया है। PTI कार्यकर्ताओं ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया है और इमरान खान को उनके बेटों से टेलीफोन या व्यक्तिगत रूप से बातचीत करने की तत्काल अनुमति देने को कहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इमरान खान की सेहत में और गिरावट आती है, तो पाकिस्तान में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है, जिससे पहले से ही आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहे देश में अस्थिरता और ज्यादा गहरा जाएगी।

अडियाला जेल में इमरान खान की स्थिति

इमरान खान, जो अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं, पर £190 मिलियन के अल-कादिर ट्रस्ट मामले में 14 साल की सजा सुनाई गई है। उनकी यह सजा राजनीतिक विवाद का कारण बनी हुई है। जेल में इमरान खान की मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में वजाहत सईद खान का दावा और भी चिंताजनक बन गया है।

सुनवाई की अपील

खान के वकील ने बताया कि वे एक नई अपील पर काम कर रहे हैं, जिसमें उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए रिहाई की मांग की जाएगी। इमरान खान की सेहत को लेकर चिंता जताने वाले व्यापक स्तर पर प्रदर्शन हो रहे हैं। उनके समर्थक यह मानते हैं कि उनकी गिरफ्तारी से पाकिस्तान का लोकतंत्र और न्यायपालिका प्रभावित हो रहा है।

सोशल मीडिया पर गर्मागर्मी

सोशल मीडिया की दुनिया में इमरान खान के स्वास्थ्य से जुड़े इस मुद्दे पर बयानबाजी और प्रतिक्रियाएँ तेजी से बढ़ रही हैं। राजनीतिक विश्लेषक भी इस पर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं। कुछ का मानना है कि यह एक रणनीतिक झटका हो सकता है, जबकि अन्य इसे केवल अफवाह मानते हैं। लेकिन स्थिति यह है कि इमरान खान का मामला अब सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे पाकिस्तान का मुद्दा बन चुका है।

खुद को बचाने की कोशिशें

इमरान खान की स्वास्थ्य स्थितियों को लेकर उठे सवालों के बीच, उनके समर्थक उन पर लग रहे आरोपों के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। PTI पार्टी अपने नेता को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। जेल में उनकी स्थिति और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी यथार्थ पर आधारित है या नहीं, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन अब इस मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है और हर किसी की नजरें इस पर टिकी हुई हैं।

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