7 साल बाद भारत आएंगे जिनपिंग, BRICS समिट में मोदी-पुतिन से करेंगे मुलाकात

The CSR Journal Magazine
ब्रिक्स समिट 2026: 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत आ सकते हैं। यह जिनपिंग का लगभग 7 साल बाद पहला दौरा होगा, जबकि पुतिन का भारत में यह एक साल के भीतर दूसरा दौर है। भारत इस साल सितंबर में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है, जिसमें दोनों देशों के नेता महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, दोनों देशों ने भारत को इस दौरे की औपचारिक सूचना दे दी है।

पुतिन का भारत दौरा और द्विपक्षीय बैठक

क्रेमलिन के सलाहकार यूरी उशाकोव ने बताया है कि राष्ट्रपति पुतिन भी इस सम्मेलन का हिस्सा होंगे। इसके अलावा, ब्रिक्स समिट के दौरान पुतिन और जिनपिंग के बीच एक द्विपक्षीय बैठक भी निर्धारित है। यह बैठक भारत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे दोनों देशों के बीच रिश्तों में मजबूती आएगी। पुतिन ने पिछले साल दिसंबर में भारत का दौरा किया था। इस बार उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्‍य ब्रिक्स सदस्य देशों के साथ सहयोग को और बढ़ाना है।

जिनपिंग का लंबे समय बाद आना

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का यह दौरा विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह पिछले 7 वर्षों में उनका पहला भारत दौरा है। जिनपिंग ने आखिरी बार 2019 में भारत का दौरा किया था, जब वह चेन्नई के मामल्लापुरम गए थे। इस बार उनका लक्ष्य ब्रिक्स समिट के जरिए भारत के साथ सहयोग को और भी विस्तारित करना है।

भारत और BRICS: एक महत्वपूर्ण नेटवर्क

ब्रिक्स देशों का समूह भारत सहित 11 देशों का एक महत्वपूर्ण नेटवर्क है। इसके सदस्य देशों में पहले केवल 5 देश शामिल थे – ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका। हाल के वर्षों में इस समूह में नए देशों का शामिल होना भारत की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति का प्रतीक है। इस समूह का लगभग 49.5 फीसदी वैश्विक जनसंख्या का प्रतिनिधित्व है और यह वैश्विक व्यापार का 26 फीसदी हिस्सा भी संभालता है।

SCO में महत्वपूर्ण बैठकें

ब्रिक्स समिट से पहले, 31 अगस्त और 1 सितंबर को किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का सम्मेलन भी होगा। इस सम्मेलन में भी पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है। यह बैठक भी दोनों देशों के बीच सहकार्य को और बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर होगी।

नई दिल्ली में संजीवनी का अहसास

नई दिल्ली में होने वाला यह ब्रिक्स सम्मेलन भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे विश्व की नजरें भारत की ओर होंगी और इससे देश की अंतरराष्ट्रीय छवि में सुधार होगा। खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास जैसे मुद्दे इस सम्मेलन में प्रमुख रहने की उम्मीद है। पुतिन और जिनपिंग का ये दौरा न केवल उनकी देशों के लिए, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा महत्व रखता है।

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