Agriculture Infrastructure Fund से भंडारण, प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा, फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने पर जोर
भारत की कृषि अर्थव्यवस्था में केवल अधिक उत्पादन करना ही पर्याप्त नहीं है। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए फसल की कटाई के बाद उसके भंडारण, परिवहन, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन (Value Addition) की मजबूत व्यवस्था भी जरूरी है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने Agriculture Infrastructure Fund (AIF) यानी कृषि अवसंरचना कोष की शुरुआत की है। इस योजना के जरिए कृषि क्षेत्र से जुड़े किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), कृषि उद्यमियों, सहकारी संस्थाओं और अन्य पात्र संस्थाओं को कृषि अवसंरचना तैयार करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। AIF का मूल उद्देश्य ऐसी परियोजनाओं को बढ़ावा देना है, जिनसे खेत से निकलने वाली उपज सीधे बाजार में कम कीमत पर बेचने के बजाय संग्रह, भंडारण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, प्रोसेसिंग और अन्य मूल्यवर्धन सुविधाओं से गुजर सके। इससे किसानों को अपनी उपज को बेहतर तरीके से संभालने और बाजार की मांग के अनुसार बेचने का अवसर मिल सकता है।
क्या है Agriculture Infrastructure Fund?
Agriculture Infrastructure Fund केंद्र सरकार की एक प्रमुख वित्तपोषण सुविधा है, जिसका मकसद कृषि क्षेत्र में फसल कटाई के बाद की आधारभूत संरचना (Post-Harvest Infrastructure) को मजबूत करना है। कई बार किसान फसल तैयार होते ही उसे बेचने के लिए मजबूर हो जाते हैं। यदि गांव या आसपास पर्याप्त गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस, प्रोसेसिंग यूनिट या दूसरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हों, तो किसान को तत्काल बिक्री करनी पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में बाजार में एक साथ बड़ी मात्रा में उपज आने से कीमतों पर भी दबाव पड़ सकता है। AIF के जरिए इसी समस्या को कम करने के लिए कृषि क्षेत्र में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने को प्रोत्साहित किया जाता है।
किसानों को कैसे मिल सकता है फायदा?
कृषि अवसंरचना विकसित होने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसान अपनी उपज को केवल कच्चे माल के रूप में बेचने के बजाय उसकी गुणवत्ता बनाए रखने और कुछ मामलों में उसका वैल्यू एडिशन करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।उदाहरण के लिए, किसान यदि फल और सब्जियों का उत्पादन करते हैं तो उनके लिए कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस, ग्रेडिंग और सॉर्टिंग की सुविधा महत्वपूर्ण हो सकती है। इसी तरह अनाज के लिए आधुनिक भंडारण और प्रसंस्करण इकाइयां उपयोगी हो सकती हैं। इस तरह की सुविधाओं से किसान और कृषि उद्यमी बाजार की जरूरत के अनुसार उत्पाद तैयार कर सकते हैं।
कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने में मदद
फल, सब्जियां, दूध, मछली और कई अन्य कृषि उत्पाद जल्दी खराब होने वाले होते हैं। पर्याप्त कोल्ड चेन और भंडारण सुविधा नहीं होने पर किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। AIF का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य ऐसी परियोजनाओं को बढ़ावा देना है, जो कटाई के बाद की आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर बनाएं। इससे उत्पादन और बाजार के बीच मौजूद बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने में मदद मिल सकती है।
सिर्फ गोदाम बनाना ही उद्देश्य नहीं
Agriculture Infrastructure Fund को केवल वेयरहाउस या गोदाम निर्माण की योजना के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इसका दायरा कृषि उत्पादों की पूरी पोस्ट-हार्वेस्ट वैल्यू चेन को मजबूत करने से जुड़ा है। इसके अंतर्गत पात्र परियोजनाओं में जरूरत के अनुसार वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, पैकिंग और ग्रेडिंग सुविधाएं, सॉर्टिंग यूनिट, प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र, सप्लाई-चेन से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तथा अन्य कृषि अवसंरचना विकसित की जा सकती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
एग्री-उद्यमियों के लिए भी अवसर
AIF का लाभ केवल व्यक्तिगत किसानों तक सीमित नहीं है। कृषि क्षेत्र में काम करने वाले एग्री-उद्यमी, स्टार्टअप, किसान उत्पादक संगठन, सहकारी संस्थाएं और पात्र निजी संस्थाएं भी कृषि अवसंरचना परियोजनाओं के विकास में भूमिका निभा सकती हैं। उदाहरण के तौर पर कोई उद्यमी किसानों के समूह के लिए आधुनिक वेयरहाउस या कोल्ड स्टोरेज तैयार करता है, तो इससे आसपास के किसानों को भी अपनी उपज सुरक्षित रखने की सुविधा मिल सकती है। इसी तरह स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित होने से किसानों को बाजार के करीब वैल्यू एडिशन की सुविधा मिल सकती है।
फसल से तैयार उत्पाद तक का सफर
कृषि क्षेत्र में आम तौर पर किसान अपनी फसल का उत्पादन करता है और फिर उसे मंडी या स्थानीय बाजार में बेच देता है। लेकिन आधुनिक कृषि अर्थव्यवस्था में Farm to Market के साथ-साथ Farm to Value Chain पर भी जोर दिया जा रहा है। मसलन, टमाटर केवल कच्चे टमाटर के रूप में बेचने के बजाय सॉर्टिंग, पैकिंग या प्रोसेसिंग के जरिए अलग-अलग बाजारों तक पहुंच सकता है। इसी तरह फल, अनाज, दालें और अन्य कृषि उत्पादों में भी ग्रेडिंग, पैकेजिंग और प्रोसेसिंग के जरिए अतिरिक्त मूल्य बनाया जा सकता है। यही वैल्यू एडिशन किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल सकती है मजबूती
कृषि अवसंरचना में निवेश का असर केवल किसान तक सीमित नहीं रहता। जब किसी गांव या ग्रामीण क्षेत्र में वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग सेंटर या पैकिंग यूनिट जैसी सुविधाएं विकसित होती हैं, तो उससे स्थानीय रोजगार और संबंधित व्यवसायों के अवसर भी बढ़ सकते हैं। परिवहन, पैकेजिंग, मशीनरी संचालन, रखरखाव, लॉजिस्टिक्स और कृषि प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में रोजगार पैदा होने की संभावना रहती है। इस प्रकार कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कृषि उत्पादन से आगे बढ़ाकर कृषि आधारित व्यवसाय और वैल्यू चेन से जोड़ने का माध्यम बन सकता है।
किसानों के लिए बाजार तक बेहतर पहुंच
अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर किसानों को बाजार से जोड़ने में भी मदद कर सकता है। यदि उत्पाद की उचित ग्रेडिंग, पैकिंग और भंडारण की सुविधा उपलब्ध हो, तो किसान और किसान संगठन अलग-अलग बाजारों की मांग के अनुरूप अपनी उपज तैयार कर सकते हैं। इससे कृषि उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने, उनकी शेल्फ लाइफ बढ़ाने और बेहतर बाजार अवसर तलाशने में सहायता मिल सकती है।
AIF क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत जैसे बड़े कृषि उत्पादक देश में उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट की जरूरत भी बढ़ रही है। यदि किसान अधिक उत्पादन करता है लेकिन उसके पास उसे सुरक्षित रखने या प्रसंस्करण करने की सुविधा नहीं है, तो उत्पादन का पूरा आर्थिक लाभ किसान तक नहीं पहुंच पाता। इसीलिए कृषि क्षेत्र की अगली बड़ी चुनौती केवल ‘More Production’ नहीं, बल्कि ‘Better Storage, Better Processing and Better Value’ भी है। Agriculture Infrastructure Fund इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण वित्तीय ढांचा उपलब्ध कराता है।
योजना से जुड़ी प्रमुख बात
AIF के तहत पात्र परियोजनाओं के लिए मध्यम और दीर्घकालिक ऋण वित्तपोषण की व्यवस्था की गई है। योजना में ब्याज सहायता तथा पात्र ऋणों के लिए क्रेडिट गारंटी जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। हालांकि किसी परियोजना को मिलने वाली वास्तविक सुविधा उसकी पात्रता, परियोजना के प्रकार, ऋणदाता संस्था और लागू सरकारी दिशा-निर्देशों पर निर्भर करती है। इसलिए किसान या एग्री-उद्यमी को आवेदन से पहले मौजूदा आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार अपनी परियोजना की पात्रता और वित्तीय शर्तों की जांच करनी चाहिए।
किसान समूहों के लिए बड़ी संभावना
छोटे और सीमांत किसानों के लिए अकेले बड़ी अवसंरचना परियोजना तैयार करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में FPO और किसान समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कई किसान मिलकर यदि संग्रह केंद्र, पैकिंग सुविधा, प्राथमिक प्रोसेसिंग यूनिट या भंडारण केंद्र विकसित करते हैं, तो उन्हें सामूहिक रूप से अपनी उपज संभालने और बाजार से बेहतर तरीके से जुड़ने का अवसर मिल सकता है। इससे किसानों की सामूहिक सौदेबाजी क्षमता भी मजबूत हो सकती है।
किसानों को वित्तीय समर्थन
Agriculture Infrastructure Fund का लक्ष्य कृषि क्षेत्र में उस कमी को दूर करना है जो अक्सर फसल तैयार होने और उपभोक्ता तक उत्पाद पहुंचने के बीच दिखाई देती है। मजबूत भंडारण, कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और प्रोसेसिंग व्यवस्था से कृषि उत्पादों की बर्बादी कम करने, उनकी गुणवत्ता बनाए रखने और वैल्यू एडिशन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। कृषि का भविष्य केवल खेत में ज्यादा उत्पादन करने में नहीं, बल्कि उत्पादन से लेकर भंडारण, प्रसंस्करण और बाजार तक पूरी वैल्यू चेन को मजबूत बनाने में है। AIF इसी सोच को वित्तीय समर्थन देने वाली महत्वपूर्ण पहल है। यदि इसका प्रभावी क्रियान्वयन जमीनी स्तर तक पहुंचता है, तो किसान, FPO और एग्री-उद्यमी मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों में नई कृषि-आधारित आर्थिक गतिविधियों को गति दे सकते हैं।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!
App Store – https://apps.apple.com/in/ app/newspin/id6746449540
Google Play Store – https://play.google.com/

