बक्सर में Wednesday को वामन द्वादशी का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर भगवान वामन के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। लेकिन सीएम सम्राट चौधरी की एक विशेष पूजा के चलते मंदिर का मुख्य गेट बंद रखा गया। केवल दोपहर एक बजे के बाद ही सामान्य भक्तों के लिए मंदिर खोला गया। ऐसे में भक्तों को घंटों धूप में इंतजार करना पड़ा।
दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं की समस्याएं
आरा की सबिता देवी ने बताया कि वह भोर से ही वामन मंदिर पहुंच गई थीं। लेकिन मंदिर का गेट बंद होने के कारण उन्हें लंबे समय तक बाहर ही बैठना पड़ा। पुलिसकर्मियों ने भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। यही स्थिति रोहतास जिले से आई भागमनी देवी की थी। उन्होंने कहा, “हम तो सुबह से भूखे-प्यासे सड़क किनारे बैठे थे, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली।”
सुविधाओं की कमी और इंतजार का दर्द
श्रद्धालुओं ने उल्लेख किया कि न तो पानी का इंतजाम था और न ही दर्शन की कोई सुविधा उपलब्ध थी। ऐसे बड़े धार्मिक पर्व पर इस तरह की अनियोजित व्यवस्थाओं ने भक्तों को बेहद नाराज किया। एक श्रद्धालु ने कहा, “भगवान के दर्शन के लिए आए हैं, लेकिन नेताओं के दर्शन का इंतज़ार करना पड़ेगा।”
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, लेकिन भक्तों की सुविधा के लिए कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया। महिला श्रद्धालुओं ने भी इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन में दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को इतनी देर बाहर रखना अनुचित है। इसके बावजूद सीएम के दौरे की तैयारियों में मंदिर परिसर में सड़क सफाई और रंग-रोगन के काम किए गए थे।
वीआईपी सुरक्षा बनाम श्रद्धालुओं की सुविधा
इस खास मौके पर बक्सर की व्यवस्था ने पुराने सवाल दिए। श्रद्धालुओं ने यह सवाल उठाया है कि वीआईपी सुरक्षा और आम भक्तों की सुविधा के बीच बेहतर समन्वय क्यों नहीं हो सका? यह बात ना केवल भक्तों के लिए, बल्कि स्थानीय प्रशासन के लिए भी एक चिंता का विषय बनी हुई है।
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