रेलवे कर्मचारियों की सैलरी दोगुनी? जानें 8th Pay Commission पर क्या है संगठन की मांग

The CSR Journal Magazine

8वां वेतन आयोग: रेलवे कर्मचारियों की सैलरी होगी दोगुनी? IRTSA ने सरकार को सौंपा प्रस्ताव

8वें वेतन आयोग के तहत रेलवे कर्मचारियों की सैलरी दोगुनी होने का प्रस्ताव सरकार को सौंपा गया है। वर्तमान में, 8वां वेतन आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों और यूनियनों से सुझाव व मेमोरेंडम ले रहा है, जिसकी समय सीमा को बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दिया गया है। सरकार ने इस मांग पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय या आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है।

यूनियन ने की बड़ी मांगें

8वें वेतन आयोग के विशेष पैनल के साथ हुई बैठक में, भारतीय रेलवे तकनीकी सेवा संघ (IRTSA) ने कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग की है। संघ के अनुसार, न्यूनतम वेतन को ₹52600 तक बढ़ाए जाने और फिटमेंट फैक्टर को 3.80 पर लाने पर ज़ोर दिया गया है। अगर सरकार इन मांगों को मान लेती है, तो रेलवे कर्मचारियों की सैलरी में एक बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है।

कर्मचारी संगठन (IRTSA) की प्रमुख मांगें

इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर एसोसिएशन (IRTSA) ने वेतन आयोग के पैनल के साथ बैठक में कई बड़े बदलावों का प्रस्ताव रखा है। न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़ाकर ₹52,600 करने की मांग की गई है। अलग-अलग पे-लेवल के लिए 2.92 से लेकर 3.80 तक के फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया गया है। लेवल 1 से 5: वर्तमान ₹20,000 बेसिक पे वाले कर्मचारियों की सैलरी 2.92 गुणा के साथ ₹58,400 करने का प्रस्ताव है। वर्तमान ₹45,000 बेसिक पे वाले कर्मचारियों की सैलरी 3.50 गुणा के साथ ₹1,57,500 करने की मांग है।

फिटमेंट फैक्टर क्या है?

फिटमेंट फैक्टर, जोकि सरकारी कर्मचारियों की सैलरी संरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, को बढ़ाने की मांग की जा रही है। इससे कर्मचारियों की मूल वेतन का एक हिस्सा बढ़ता है, जिससे कुल सैलरी में लाभ होता है। यदि यह फैक्टर 3.80 पर लाया जाता है, तो इसका सीधा असर लाखों रेलवे कर्मचारियों पर पड़ेगा।

सैलरी में भारी उछाल की उम्मीद

कर्मचारियों का मानना है कि सरकार की तरफ से इस मांग पर ध्यान देने से न सिर्फ उनकी वित्तीय स्थिति सुधरेगी, बल्कि काम के प्रति भी उनका मनोबल बढ़ेगा। रेलवे में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों को बेहतर वित्तीय सुरक्षा मिल सकेगी, जो उनकी जीवनशैली को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा।

कर्मचारियों की अन्य प्रमुख मांगें

IRTSA ने सिर्फ न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर पर ही ज़ोर नहीं दिया है, बल्कि संघ ने अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी ध्यान देने की मांग की है। इनमें ओवरटाइम भुगतान को सही तरीके से लागू करना और काम का बोझ कम करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।

सरकारी प्रतिक्रिया का इंतज़ार

अब सभी की नजरें सरकार की तरफ हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार इन मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देती है या नहीं। यदि सकारात्मक निर्णय लिया जाता है, तो यह रेलवे कर्मचारियों के लिए एक बड़ा बदलाव होगा।

बढ़ते खर्च और महंगाई का असर

महंगाई के बढ़ते स्तर को देखते हुए, कर्मचारियों की सैलरी में वृद्धि की मांग को उचित ठहराया जा सकता है। कई कर्मचारी संगठन समय-समय पर महंगाई भत्ते और अन्य लाभों की भी मांग करते रहे हैं, जो उनके जीवन को संतुलित रखने में मददगार साबित होंगे।

क्या रेलवे करेगा सकारात्मक बदलाव?

जैसे-जैसे समय बीत रहा है, रेलवे कर्मचारियों की पूछ और बेहतर सैलरी की मांग की गई है। यदि सरकार इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करती है, तो रेलवे कर्मचारियों का जीवन स्तर ऊँचा उठाने में मदद मिलेगी। भारतीय रेलवे में कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक नई उम्मीद की किरण जगी है।

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