किराने के माल के नीचे छिपाकर लाई जा रही थी तेल की खेप, गुजरात बॉर्डर पर 1200 लीटर पेट्रोल-डीजल जब्त

The CSR Journal Magazine
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में पुलिस ने पेट्रोल-डीजल तस्करी के एक बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए 1200 लीटर ईंधन जब्त किया है। गुजरात से सस्ते दामों पर खरीदा गया 900 लीटर पेट्रोल और 300 लीटर डीजल किराने के सामान की आड़ में टेम्पो से राजस्थान लाया जा रहा था। आनंदपुरी थाना पुलिस और डीएसबी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।

किराने के सामान के नीचे छिपा था अवैध ईंधन

बांसवाड़ा जिले की फलवा सीमा पर पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध टेम्पो को रोककर उसकी तलाशी ली। प्रारंभिक जांच में वाहन सामान्य किराना सामग्री से भरा हुआ दिखाई दिया, लेकिन गहन तलाशी लेने पर सामान के नीचे 50-50 लीटर की कई कैनों में पेट्रोल और डीजल भरा हुआ मिला। पुलिस ने कुल 900 लीटर पेट्रोल और 300 लीटर डीजल बरामद किया। यह खेप गुजरात के फतेहपुरा क्षेत्र से राजस्थान लाई जा रही थी। बरामद ईंधन को जब्त कर वाहन को भी पुलिस कब्जे में ले लिया गया।

मुखबिर की सूचना पर रची गई थी पूरी योजना

डीएसबी टीम को लंबे समय से सीमावर्ती क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल की अवैध बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। टीम प्रभारी बाबूलाल ने बताया कि पुलिस ने पहले किराना दुकानों और स्थानीय व्यापारियों से जानकारी जुटाई तथा तस्करी के तरीके को समझने का प्रयास किया। इसके बाद मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। सूचना की पुष्टि होने पर पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह भाटी के सुपरविजन में विशेष अभियान चलाया गया। आनंदपुरी थाना पुलिस और डीएसबी टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए तस्करी की इस बड़ी खेप को पकड़ा।

चालक और सहयोगी गिरफ्तार, मालिक की भूमिका भी जांच के दायरे में

वाहन चालक परतू गरासिया से जब बरामद पेट्रोल-डीजल के संबंध में पूछताछ की गई तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पूछताछ में उसने वाहन को शेरगढ़ निवासी कृष्णा अग्रवाल का बताया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चालक परतू पुत्र रतन गरासिया तथा उसके सहयोगी नरसिंह पुत्र कालू पारगी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवैध ईंधन की आपूर्ति किन क्षेत्रों में की जा रही थी और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस वाहन मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है।

सीमावर्ती इलाकों में बढ़ा अवैध कारोबार, पेट्रोल पंपों पर असर

गुजरात और राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों के अंतर का फायदा उठाकर सीमावर्ती क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध ईंधन कारोबार फल-फूल रहा है। तस्कर गुजरात से सस्ता ईंधन खरीदकर राजस्थान में डिब्बों और कैनों के माध्यम से बेचते हैं। इससे न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि अधिकृत पेट्रोल पंप संचालकों का कारोबार भी प्रभावित होता है।
स्थानीय व्यापारियों के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल के वैध कारोबार पर लगभग 25 प्रतिशत तक असर पड़ा है। कई पेट्रोल पंपों की बिक्री घटकर 500 से 1000 लीटर प्रतिदिन तक सीमित रह गई है, जबकि गुजरात के पंपों पर प्रतिदिन 10 से 11 हजार लीटर तक बिक्री हो रही है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क को समाप्त किया जा सके।

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