महादेव ऐप केस: Ebix चेयरमैन विकास गर्ग गिरफ्तार, ED की बड़ी कार्रवाई

The CSR Journal Magazine
प्रवर्तन निदेशालय ने महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में Ebix ग्रुप के चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें रायपुर की एक अदालत में पेश किया जाएगा। इस गिरफ्तारी से पहले, ईडी ने विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और जुड़ी संस्थाओं की 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त किया था। महादेव ऐप घोटाले में यह गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे न केवल विकास गर्ग, बल्कि उनकी कंपनी एराया लाइफस्पेसेस और उसमें निवेश करने वाले हजारों छोटे निवेशकों पर असर पड़ा है। ईडी का आरोप है कि महादेव बेटिंग ऐप से हुई अवैध कमाई का उपयोग अमेरिका की सॉफ्टवेयर कंपनी Ebix को खरीदने में किया गया था।

एराया लाइफस्पेसेस की दशा

गौरतलब है कि विकास गर्ग तीन सूचीबद्ध कंपनियों के प्रमोटर हैं, जिसमें विकास इकोटेक, विकास लाइफकेयर और एराया लाइफस्पेसेस शामिल हैं। ईडी ने उनके दिल्ली स्थित घर, दफ्तरों के साथ-साथ गोवा, नैनीताल और अन्य स्थानों की संपत्तियों को भी अटैच किया है। यह कार्रवाई 5 जून को ईडी की ओर से जारी एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत की गई है, जिससे इन कंपनियों के भविष्य पर सवाल उठ खड़े हुए हैं।

Ebix का अधिग्रहण विवाद

विकास गर्ग तब सुर्खियों में आए जब उनकी कंपनी एराया लाइफस्पेसेस ने दिवालिया हो चुकी अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी Ebix को 1,273 करोड़ रुपये में खरीदा। यह कंपनी कभी फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में से एक थी, लेकिन भारी कर्ज के चलते इसे 2023 में चैप्टर-11 दिवालियापन संरक्षण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। ईडी का कहना है कि इस खरीद के लिए जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा संदिग्ध है और इसे महादेव बेटिंग ऐप से जुटाए गए फंड से ही जोड़ा जा रहा है।

वित्तीय अनियमितताओं की जांच

ईडी ने इस मामले के मुख्य आरोपियों में से एक सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल का नाम लिया है, जो दुबई में बैठे हुए हैं। इन पर आरोप है कि उन्होंने करीब 6,000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की। जांच एजेंसी के مطابق, दुबई में रहने वाला नितिन तिबरेवाल इस पैसे की मनी लॉन्ड्रिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। पहले भी नवंबर 2025 में ईडी ने इनके ठिकानों पर छापेमारी की थी।

निवेशकों की चिंता बढ़ी

इस पूरे मामले में विकास गर्ग पर वित्तीय अनियमितताओं के चलते बाजार नियामक सेबी द्वारा 4 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। इसके अतिरिक्त, जनवरी 2025 में एराया लाइफस्पेसेस के कुछ बड़े निवेशकों ने सेबी को पत्र लिखकर गंभीर कॉरपोरेट गवर्नेंस की शिकायत की थी। उन्हें आरोप था कि विकास गर्ग ने स्वयं को लंबे समय तक प्रमोटर घोषित नहीं किया। इससे निवेशकों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

विकास गर्ग का भविष्य

इस गिरफ्तारी से विकास गर्ग और उनकी कंपनियों का भविष्य विवादों में आ गया है। महादेव बेटिंग ऐप का मामला न केवल भारतीय वित्तीय प्रणाली में धूमधाम मचा रहा है, बल्कि निवेशकों के सामने भी कई चुनौतियाँ पेश कर रहा है। अब देखना है कि

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos