राजस्थान में नई कारों पर सरकारी डिस्काउंट के नाम पर फर्जीवाड़ा, 53 ग्राहकों के नाम बने फर्जी स्क्रैप सर्टिफिकेट
राजस्थान के जोधपुर में नई कारों की खरीद पर मिलने वाले सरकारी डिस्काउंट के नाम पर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, जोधपुर के एक नामी मारुति कार शोरूम (श्रीकृष्णा ऑटो सेल्स) ने कार खरीदने आए 53 ग्राहकों के नाम पर फर्जी स्क्रैप सर्टिफिकेट (Certificate of Deposit – COD) जारी करवा लिए। इस धोखाधड़ी के जरिए ग्राहकों को मिलने वाली छूट को खुद डकार लिया गया।
फर्जीवाड़े की कहानी जब सामने आई
राजस्थान के कार डीलर्स पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें लोगों के नाम पर फर्जी स्क्रैप सर्टिफिकेट बनाकर सरकारी डिस्काउंट हड़पने का खेल चल रहा था। एक कार डीलर ने 53 ग्राहकों के नाम पर फर्जी सर्टिफिकेट बनाये, जिससे उसने लाखों रुपये का फायदा उठाया। यह डिस्काउंट स्क्रैप पॉलिसी के तहत दिया जाता है, जब ग्राहक अपनी पुरानी कार कबाड़ में देकर सर्टिफिकेट हासिल करता है। लेकिन इस मामले में तो ग्राहकों को बाद में पता चला कि उनके नाम पर ये सर्टिफिकेट बने हैं।
कैसे हुआ पूरा फर्जीवाड़ा?
शोरूम संचालक ने नई कार खरीदने आए ग्राहकों को बिना बताए उनके नाम पर दूसरी गाड़ियों (जैसे यूपी, दिल्ली, हरियाणा और गुजरात नंबर की पुरानी कारों) के फर्जी स्क्रैप सर्टिफिकेट ट्रांसफर करवा दिए। स्क्रैप पॉलिसी के तहत 15 से 20 साल पुरानी गाड़ी कबाड़ में देने पर नए वाहन के रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन में ₹50,000 से ₹1,000,000 तक की छूट मिलती है। शोरूम ने ग्राहकों से पूरी कीमत वसूली और इस सरकारी सब्सिडी का फायदा खुद उठा लिया। जब पीड़ित ग्राहकों (जैसे रमेश सुथार और तुलछाराम) से संपर्क किया गया, तो वे चौंक गए। उन्होंने बताया कि उनके पास जीवन में पहले कभी कोई पुरानी कार थी ही नहीं, फिर भी उनके नाम पर हरियाणा व अन्य राज्यों की गाड़ियों के स्क्रैप दस्तावेज दर्ज हैं।
कबाड़ डीलरों और शोरूम का गठजोड़
जांच में सामने आया है कि इस खेल में राजस्थान सरकार द्वारा अधिकृत स्क्रैप डीलर (RVSF कंपनियां) और शोरूम संचालक मिलकर काम कर रहे हैं। जयपुर की एक अधिकृत स्क्रैप कंपनी के मैनेजर ने खुद स्वीकार किया कि वे ₹25,000 से ₹35,000 प्रति सर्टिफिकेट की दर से बैकडेट या थोक में जितने चाहें उतने फर्जी सर्टिफिकेट बेचने को तैयार रहते हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और भविष्य की योजना
जोधपुर के जिला परिवहन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अगर कोई डीलर ग्राहक की अनुमति के बिना स्क्रैप सर्टिफिकेट बनाता है, तो वे जांच करेंगे। इसके अलावा, परिवहन विभाग ने स्क्रैप कंपनियों की निगरानी के लिए एक नई समिति बनाने की योजना बनाई है। बताया गया है कि आने वाले समय में सिर्फ राजस्थान की गाड़ियों के स्क्रैप सर्टिफिकेट बनाने का नियम भी प्रस्तावित किया जा सकता है।
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