योगी सरकार की डिजिटल पहल से दिव्यांगजनों की बढ़ी ताकत, स्मार्टफोन-टैबलेट से आसान हुई पढ़ाई और सरकारी सेवाओं तक पहुंच

The CSR Journal Magazine
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को सिर्फ सहायक उपकरण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें शिक्षा, रोजगार और डिजिटल सेवाओं से जोड़ने पर भी जोर दे रही है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना इसी दिशा में अहम भूमिका निभा रही है। योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के हिसाब से कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण मुफ्त उपलब्ध कराए जाते हैं। बदलते समय के साथ इसमें डिजिटल उपकरणों को भी जोड़ा गया है। स्मार्टफोन, टैबलेट और डेजी प्लेयर मिलने से दिव्यांग छात्र-छात्राओं और युवाओं के लिए पढ़ाई, संचार और ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है।

34 हजार से ज्यादा दिव्यांगजनों को मिला लाभ

वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 34,420 पात्र दिव्यांगजनों को विभिन्न कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरित किए गए। डिजिटल उपकरणों को योजना से जोड़ने से इसका दायरा और बढ़ा है। स्मार्टफोन और टैबलेट के जरिए दिव्यांगजन ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल अध्ययन सामग्री, सरकारी योजनाओं की जानकारी और ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल आसानी से कर पा रहे हैं। इससे खासकर विद्यार्थियों और युवाओं को अपनी पढ़ाई और रोजमर्रा के कामों में मदद मिल रही है।

जरूरत के हिसाब से मिल रहे उपकरण

योजना में हर दिव्यांगजन की जरूरत को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। इनमें ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, एमआर किट, ब्रेल किट, एडीएल किट, वॉकर, रोटेटर और स्मार्ट केन शामिल हैं। दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिए ब्रेल किट और स्मार्ट केन दैनिक जीवन को आसान बनाने में मदद करते हैं। वहीं, चलने-फिरने में परेशानी वाले लोगों के लिए ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर और दूसरे मोबिलिटी उपकरण स्वतंत्र आवाजाही में मददगार हैं। जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग भी उपलब्ध कराए जाते हैं। निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले लाभार्थियों को 15 हजार रुपये तक की लागत वाले निर्धारित कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण मुफ्त उपलब्ध कराए जाते हैं।

40 फीसदी दिव्यांगता वाले लोग भी कर सकते हैं आवेदन

योजना का लाभ लेने के लिए सामान्य तौर पर 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता का प्रमाण होना जरूरी है। इसके साथ संबंधित उपकरण की जरूरत के लिए चिकित्साधिकारी की संस्तुति भी जरूरी होती है। आवेदक को विभाग की तय आय सीमा और अन्य पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं। सामान्य तौर पर ग्रामीण क्षेत्र के लिए वार्षिक पारिवारिक आय सीमा 46,080 रुपये, जबकि शहरी क्षेत्र के लिए 56,460 रुपये निर्धारित है। आवेदन के दौरान दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, फोटो और चिकित्सकीय संस्तुति समेत जरूरी दस्तावेज देने होते हैं। आवेदक को पिछले तीन साल में उसी उद्देश्य के लिए समान उपकरण का लाभ नहीं मिला होना चाहिए। नियमित शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए यह अवधि एक साल निर्धारित है।

ऑनलाइन आवेदन से आसान हुई प्रक्रिया

योजना को विभागीय पोर्टल के जरिए ऑनलाइन किया गया है। इससे आवेदन से लेकर लाभार्थियों के चयन और उपकरण वितरण तक की प्रक्रिया को ज्यादा आसान और पारदर्शी बनाने में मदद मिल रही है। विभाग का जोर पात्र दिव्यांगजनों की पहचान, सत्यापन और उपकरण वितरण को समय पर पूरा करने पर है, ताकि जरूरतमंद लोगों को योजना का लाभ लेने के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे दिव्यांगजन

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उपनिदेशक डॉ. अमित कुमार राय के मुताबिक विभाग का लक्ष्य सिर्फ उपकरण देना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को शिक्षा, रोजगार, डिजिटल सेवाओं और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। स्मार्टफोन, टैबलेट और डेजी प्लेयर जैसे डिजिटल उपकरणों के साथ मोबिलिटी और दूसरे सहायक उपकरण दिव्यांगजनों के लिए रोजमर्रा के काम आसान बना रहे हैं। सरकार की इस पहल से दिव्यांगजनों की डिजिटल पहुंच, स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिल रही है।

आगे क्या?

कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना को तकनीक से जोड़ना दिव्यांगजनों के लिए एक बड़ा बदलाव है। पारंपरिक सहायक उपकरणों के साथ डिजिटल डिवाइस मिलने से अब वे पढ़ाई, सूचना और सरकारी सेवाओं तक पहले से ज्यादा आसानी से पहुंच बना सकते हैं। इससे दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में सरकार के प्रयासों को और मजबूती मिलती है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos