महिलाओं की राजनीति: सिर्फ 16 देशों में महिला राष्ट्राध्यक्ष, जानिए ग्लोबल पॉलिटिक्स में महिलाओं की स्थिति

The CSR Journal Magazine
दुनिया में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ ने 2030 तक स्थायी विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए जरूरी कदम उठाने की जरूरत कही है। हालांकि, अगर आप देखेंगे तो दफ्तर, कॉलेज या संसद जैसी जगहों पर महिलाओं की लीडरशिप की भूमिका संतोषजनक नहीं है। तमाम क्षेत्रों में महिलाएं उत्कृष्ट काम कर रही हैं, लेकिन लीडरशिप में उनकी संख्या कम है।

भारत में महिलाओं के लिए नया अधिनियम

भारत सरकार ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाने की प्रक्रिया तेज कर दी है, जिसके तहत महिलाओं को संसद में 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी। इस कदम से महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि देखने को मिल सकती है, लेकिन क्या यह वैश्विक स्तर पर स्थिति में सुधार करेगा? दुनिया में अभी भी महिलाओं की राजनीति में भागीदारी के आंकड़े चिंताजनक हैं।

महिलाओं का उच्च सरकारी पदों पर प्रतिनिधित्व

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, विश्व के 28 देशों में 30 महिलाएं राष्ट्राध्यक्ष या सरकार के प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। इनमें से 16 महिलाएं राष्ट्रपति और 21 महिलाएं प्रधानमंत्री की भूमिका में हैं। हालांकि, कैबिनेट स्तर पर महिलाओं की भागीदारी केवल 22.4% है। 14 देशों में महिलाएं कैबिनेट मंत्रियों के पदों में 50% या उससे ज्यादा का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।

वैश्विक स्तर पर निचले सदनों में महिलाओं की स्थिति

दुनिया की राष्ट्रीय संसदों में महिलाओं की भूमिका भी चिंता का विषय है। रवांडा, क्यूबा, निकारागुआ, बोलीविया, अंडोरा, मेक्सिको और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 50% से ज्यादा है। वहीं, कुछ देशों में तो यह आंकड़ा 10% से भी नीचे है। इसका सीधा मतलब है कि कई देशों में महिलाएं निचले सदनों में गायब हैं।

भारत में संसद में महिलाओं की स्थिति

भारत की 18वीं लोकसभा में 543 सदस्य हैं, जिनमें से 74 महिलाएं हैं, जो 13.63% हैं। राज्यसभा में महिलाओं की संख्या 42 है, जिससे उनकी भागीदारी 17.14% है। जब बात आती है महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी की, तो यह स्थिति निश्चित रूप से सुधार की मांग करती है।

स्थानीय सरकारों में महिलाओं की भागीदारी

UN के आंकड़ों के मुताबिक, 147 देशों में स्थानीय स्तर पर काम करने वाले संस्थाओं में 3 मिलियन महिलाओं की भागीदारी है, जो 36% है। केवल दो देशों में महिलाओं को 50% अवसर प्रदान किए गए हैं। यह दर्शाता है कि महिलाओं की भागीदारी की दिशा में अभी काफी सुधार की जरूरत है।

कोटा वाले देशों में स्थिति

जिन देशों में महिलाओं के लिए कोटा निर्धारित किया गया है, वहां उनकी भागीदारी बेहतर है। ऐसे देशों में संसद और स्थानीय सरकारों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 5-7% ज्यादा होता है। भारत की पंचायतों में अध्ययन से यह भी सामने आया है कि महिलाओं की अगुवाई में चलने वाली परिषदों में विकास परियोजनाएं पुरुषों की परिषदों की तुलना में 62% ज्यादा सफल रही हैं।

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