सीमा पर उमड़ी भीड़: बांग्लादेश लौटने की चाह में सैकड़ों लोग पहुंचे चेकपोस्ट

The CSR Journal Magazine
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हाकिमपुर चेकपोस्ट पर इन दिनों अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की भीड़ देखी जा रही है। ये लोग अपनी पहचान बता कर बांग्लादेश लौटने की इच्छा जता रहे हैं। हालांकि, सीमा सुरक्षा बल (BSF) उन्हें सीधे सीमा पार भेजने के बजाय बायोमीट्रिक और अन्य पहचान पत्र लेकर होल्डिंग सेंटरों में भेज रही है। हर दिन लगभग 200 से 300 लोग वेरिफिकेशन के लिए पहुंचते हैं।

अवश्यक स्थायी पहचान के बिना चिंतित प्रवासी

कई लोग जो सालों पहले भारत आए थे, अब अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। इन प्रवासियों में से कई के पास भारतीय दस्तावेज तो हैं, लेकिन बांग्लादेशी पहचान संबंधी कागजात नहीं हैं। स्थानीय संगठन ‘भूखा मानुसेर अधिकार अभियान’ के अध्यक्ष मोहर मंडल के अनुसार, इनमें से अधिकांश लोग बांग्लादेश के छह जिलों से संबंध रखते हैं।

बंगाल में होल्डिंग सेंटर का प्रबंधन

गृह मंत्रालय के निर्देश पर पश्चिम बंगाल में 11 होल्डिंग सेंटर बनाए गए हैं। उत्तर 24 परगना जिले के तेतुलिया स्थित एक होटल को भी इसी उद्देश्य से होल्डिंग सेंटर में बदला गया है। यहां अवैध प्रवासियों को भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं और बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

बांग्लादेश और भारत के बीच तनाव

बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड (BGB) ने BSF पर आरोप लगाया है कि वे अवैध बांग्लादेशियों को सीमा में धकेलने (पुश-इन) की कोशिश कर रहे हैं। BGB का दावा है कि उन्होंने पिछले 24 घंटों में ऐसी 10 कोशिशों को विफल किया है। बांग्लादेश ने सीमा पर गश्त और जवानों की संख्या भी बढ़ा दी है। हाल ही में पश्चिम बंगाल की एजेंसियों द्वारा 386 संदिग्ध अवैध प्रवासियों को हिरासत में लिए जाने के बाद से बांग्लादेश ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है।

भविष्य की चिंता का मंथन

दिल्ली में रहने वाले इस्लाम सरदार ने बताया कि उन्हें इस बात का डर है कि यदि भारत और बांग्लादेश दोनों ही उन्हें स्वीकार नहीं करते, तो उनका भविष्य क्या होगा। मुंबई में रह रहे मोहम्मद अख्तर शेख ने कहा कि उन्हें डर है कि वे अब अपने बच्चों के साथ नहीं रह पाएंगे और न ही बांग्लादेश जा सकेंगे। ऐसे हालात ने प्रवासियों की चिंता को बढ़ा दिया है।

सत्यापन प्रक्रिया में लग रही है समय

BSF के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यह पहली बार है जब अवैध प्रवासियों को तलाशने की जरूरत नहीं पड़ रही। लोग स्वयं वेरिफिकेशन कराने और अपनी पहचान दर्ज कराने के लिए सीमा चौकियों पर पहुंच रहे हैं। अधिकारी के अनुसार, सुबह से शाम तक लोगों की लंबी कतारें लगी रहती हैं और सत्यापन प्रक्रिया में काफी समय लग रहा है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos