जागो ग्राहक जागो: सुरक्षित खरीदारी के लिए जरूरी हैं ये सावधानियां

The CSR Journal Magazine

सावधान ग्राहक ही सुरक्षित ग्राहक: बिल, पैकिंग और उत्पाद की सही जानकारी जांचना क्यों है जरूरी?

बाजार में खरीदारी करते समय केवल उत्पाद पसंद आ जाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी गुणवत्ता, पैकिंग, बिल और उत्पाद संबंधी सभी जानकारियों की सावधानीपूर्वक जांच करना भी उतना ही आवश्यक है। उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा चलाए जा रहे “जागो ग्राहक जागो” अभियान के माध्यम से लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि कोई भी दुकानदार या विक्रेता री-बिल्ट (Re-built), सेकेंड हैंड (Second Hand), री-कंडीशन्ड (Re-conditioned) या पुरानी वस्तु को नई बताकर नहीं बेच सकता। ऐसा करना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार (Unfair Trade Practice) माना जाता है।

उपभोक्ता का जागरूक होना जरूरी

आज ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार के बाजारों में उपभोक्ताओं के पास हजारों विकल्प उपलब्ध हैं। हालांकि इसके साथ नकली उत्पाद, इस्तेमाल की गई वस्तुओं को नया बताकर बेचना, गलत जानकारी देना, बिना बिल सामान बेचना और पैकेजिंग में छेड़छाड़ जैसी शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। ऐसे में प्रत्येक उपभोक्ता का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है।

खरीदारी के समय किन बातों का रखें विशेष ध्यान

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी वस्तु को खरीदते समय सबसे पहले उसका पक्का बिल (Invoice) अवश्य लें। बिल ही वह कानूनी दस्तावेज है जो किसी विवाद की स्थिति में उपभोक्ता के अधिकारों की रक्षा करता है। यदि दुकानदार बिल देने से मना करता है तो यह भी उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन माना जा सकता है। उपभोक्ता संरक्षण कानून में बिल या रसीद जारी न करना भी अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में शामिल किया गया है। इसके अलावा उत्पाद की पैकिंग पूरी तरह सीलबंद होनी चाहिए। यदि पैकिंग टूटी हुई हो, सील खुली हो या उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ दिखाई दे तो ऐसे उत्पाद को खरीदने से बचना चाहिए।

उत्पाद की जानकारी अवश्य पढ़ें

उपभोक्ताओं को खरीदारी से पहले निम्न जानकारियों की जांच करनी चाहिए—
  • निर्माण तिथि (Manufacturing Date)
  • समाप्ति तिथि (Expiry Date)
  • अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP)
  • बैच नंबर
  • निर्माता का नाम और पता
  • ग्राहक सेवा नंबर
  • वारंटी और गारंटी की शर्तें
  • ISI, BIS, AGMARK, FSSAI अथवा अन्य आवश्यक गुणवत्ता प्रमाणन
यदि इनमें से कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है या संदिग्ध प्रतीत होती है तो उपभोक्ता को सावधानी बरतनी चाहिए।

पुराना सामान नया बताकर बेचना कानूनन अपराध

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(47) के अनुसार यदि कोई व्यापारी री-बिल्ट, सेकेंड हैंड, रेनोवेटेड, री-कंडीशन्ड या पुरानी वस्तु को नया बताकर बेचता है तो यह स्पष्ट रूप से अनुचित व्यापार व्यवहारहै। इसी प्रकार किसी वस्तु की गुणवत्ता, विशेषताओं, लाभ या मानकों के बारे में झूठा दावा करना भी कानून का उल्लंघन है। उदाहरण के लिए यदि किसी मोबाइल फोन का पहले उपयोग किया जा चुका है, उसकी वारंटी पहले से सक्रिय है या उसे रिपेयर कर दोबारा पैक कर नया बताकर बेचा जा रहा है, तो उपभोक्ता शिकायत दर्ज करा सकता है।

ऑनलाइन खरीदारी में रखें अतिरिक्त सावधानी

ई-कॉमर्स वेबसाइटों से खरीदारी करते समय उपभोक्ताओं को निम्न सावधानियां बरतनी चाहिए—
  • केवल विश्वसनीय विक्रेता से खरीदारी करें।
  • उत्पाद की रेटिंग और उपभोक्ता समीक्षा पढ़ें।
  • उत्पाद का विवरण ध्यान से देखें।
  • डिलीवरी के समय पैकेज की स्थिति जांचें।
  • आवश्यकता होने पर अनबॉक्सिंग का वीडियो बना लें।
  • ईमेल, एसएमएस और डिजिटल बिल सुरक्षित रखें।

वारंटी और गारंटी को समझना भी जरूरी

कई बार उपभोक्ता केवल कम कीमत देखकर उत्पाद खरीद लेते हैं लेकिन वारंटी की शर्तें नहीं पढ़ते। वारंटी कार्ड पर अंकित अवधि, सर्विस सेंटर की जानकारी और शर्तों को ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए। यदि उत्पाद पर वारंटी का दावा किया गया है तो उसका प्रमाण भी उपलब्ध होना चाहिए।

नकली और ब्रांडेड उत्पाद में अंतर

विशेषज्ञों के अनुसार नकली उत्पादों की पहचान के लिए पैकिंग की गुणवत्ता, ब्रांड का लोगो, सीरियल नंबर, QR कोड, होलोग्राम तथा आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सत्यापन प्रणाली का उपयोग किया जा सकता है। अत्यधिक कम कीमत पर मिलने वाला महंगा उत्पाद भी संदेह का विषय हो सकता है।

उपभोक्ता के प्रमुख अधिकार

उपभोक्ता संरक्षण कानून प्रत्येक नागरिक को कई महत्वपूर्ण अधिकार प्रदान करता है—
  • सुरक्षित उत्पाद प्राप्त करने का अधिकार
  • सही एवं पूर्ण जानकारी प्राप्त करने का अधिकार
  • उचित मूल्य पर वस्तु खरीदने का अधिकार
  • अपनी शिकायत दर्ज कराने का अधिकार
  • क्षतिपूर्ति प्राप्त करने का अधिकार
  • उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार

शिकायत कैसे करें

यदि किसी उपभोक्ता को लगता है कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है, पुराना सामान नया बताकर बेचा गया है, बिल नहीं दिया गया है या गलत जानकारी देकर वस्तु बेची गई है, तो वह संबंधित विक्रेता से शिकायत कर सकता है। समाधान न मिलने पर राष्ट्रीय उपभोक्ता शिकायत व्यवस्था तथा उपभोक्ता आयोग के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कर सकता है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 ऐसे मामलों में उपभोक्ताओं को कानूनी संरक्षण प्रदान करता है।

जागरूकता ही सबसे बड़ा संरक्षण

विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ता यदि खरीदारी से पहले कुछ मिनट निकालकर बिल, पैकिंग, एमआरपी, वारंटी, निर्माण तिथि और उत्पाद की प्रामाणिकता की जांच कर लें तो अधिकांश धोखाधड़ी से बचा जा सकता है। “जागो ग्राहक जागो” अभियान का भी यही संदेश है कि एक जागरूक ग्राहक न केवल स्वयं सुरक्षित रहता है बल्कि बाजार में ईमानदार व्यापार व्यवस्था को भी बढ़ावा देता है।

छोटा कदम बड़ी बचत

आज के डिजिटल युग में समझदारी से खरीदारी करना केवल पैसे बचाने का नहीं, बल्कि अपने कानूनी अधिकारों की रक्षा करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए हर खरीदारी से पहले एक छोटी-सी जांच भविष्य में होने वाले बड़े नुकसान से बचा सकती है।

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