C-Section Reduction in Government Hospital: देश में लगातार बढ़ते C-Section Deliveries को लेकर जहां चिंता जताई जाती रही है, वहीं मुंबई के सरकारी सायन हॉस्पिटल से एक उम्मीद जगाने वाली खबर सामने आई है। लोकमान्य तिलक मेडिकल कॉलेज एवं सायन अस्पताल के ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. निरंजन चव्हाण द्वारा तैयार किया गया Sion Model अब सी-सेक्शन दर कम करने में कारगर साबित हो रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि किसी भी क्षेत्र में सी-सेक्शन की आदर्श दर 10 से 15 प्रतिशत होनी चाहिए। लेकिन बीते कुछ वर्षों में मेडिकल जरूरत से ज्यादा सी-सेक्शन एक गंभीर चुनौती बनकर उभरे हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सायन हॉस्पिटल में सायन मॉडल को लागू किया गया है।
बच्चों की नार्मल डिलीवरी का क्या है सायन मॉडल?
डॉ. निरंजन चव्हाण के अनुसार, इस मॉडल का मूल मंत्र है स्वस्थ मां और स्वस्थ नवजात। इसमें प्रसव से पहले सर्विक्स को सुरक्षित तरीके से तैयार करने के लिए 24 फ्रेंच फोलिज कैथेटर और डाइनोप्रोस्टोन जेल का संयोजन उपयोग किया जाता है। यह प्रक्रिया सरकारी अस्पतालों में आसानी से उपलब्ध संसाधनों से की जा सकती है और इससे नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ती है। सायन हॉस्पिटल के ObGyn विभाग में कुल 6 यूनिट्स हैं, जिनमें से एक यूनिट डॉ. चव्हाण के नेतृत्व में काम कर रही है। यहां हर साल करीब 1500 से 1700 प्रसव होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या हाई-रिस्क मामलों की भी होती है।
VBAC को भी मिल रहा बढ़ावा
इस मॉडल के तहत VBAC (Vaginal Birth After Cesarean) को भी सुरक्षित मामलों में प्रोत्साहित किया गया। इससे दोबारा सी-सेक्शन की जरूरत कम हुई है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि VBAC हर महिला के लिए नहीं होता और इसमें पहले के सी-सेक्शन, चीरे के प्रकार और मां की सेहत जैसे फैक्टर्स अहम होते हैं। सायन मॉडल के लागू होने के बाद यूनिट में सी-सेक्शन दर में 5 से 6 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। यह मॉडल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य CMQCC (California Maternal Quality Care Collaborative) की गाइडलाइंस के अनुरूप है, जिसे FIGO और ACOG जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का समर्थन प्राप्त है। डॉ. निरंजन चव्हाण का मानना है कि अगर समय रहते अनावश्यक सी-सेक्शन को नहीं रोका गया, तो आने वाले वर्षों में नॉर्मल डिलीवरी इतिहास की किताबों तक सीमित हो सकती है। ऐसे में सायन मॉडल न सिर्फ मुंबई बल्कि पूरे देश के सरकारी अस्पतालों के लिए एक रोल मॉडल बन सकता है।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!
Mumbai's BMC along with 28 other municipal corporations in Maharashtra recorded 50 percent polling on Thursday, amid a major controversy over allegations that the...
“The government must make strict guidelines for CSR funding,” says Shalini Passi, a philanthropist and artist, popularly remembered for the Netflix reality series Fabulous Lives...
Law enforcement agencies in Mizoram have seized methamphetamine tablets worth over Rs 40 crore in two separate operations conducted over the past 24 hours,...