108 ड्रोन, 8 मौतें और 69 घायल… पीस टॉक के बीच रूस का यूक्रेन पर बड़ा हवाई हमला

The CSR Journal Magazine
रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच, हाल ही में 108 ड्रोन के साथ रूस ने यूक्रेन पर बड़ा हवाई हमला किया। इस हमले में आठ लोगों की मौत हो गई और 69 लोग घायल हुए। यूक्रेनी वायु सेना ने दावा किया कि उन्होंने 82 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया, जबकि बाकी के हमले विभिन्न स्थानों पर हुए। यह हमला उस समय हुआ है जब अमेरिका ने युद्ध को समाप्त करने की कूटनीतिक कोशिशों को तेज किया है।

ट्रंप के दूतों की कीव यात्रा

इस हवाई हमले के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शांति वार्ता के लिए कीव पहुंचे हैं। दोनों दूतों ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से तीन घंटे से ज्यादा बातचीत की। हालांकि, इस मीटिंग से तुरंत कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका। व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने कहा है कि बातचीत में ऐसे कदमों की योजना बनाई गई है, जिनकी घोषणा आने वाले हफ्तों में की जाएगी।

अस्थायी युद्ध विराम का असली मतलब

यूक्रेन पर हमले के बावजूद, रूस ने तीन दिन के लिए अपनी राजधानी पर हमले को रोकने का वादा किया है। लेकिन यह अस्थायी विराम असल में बड़ी शांति की ओर नहीं बढ़ रहा है। रूस के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इस बात की पुष्टि की है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भी कहा है कि वे मॉस्को पर हमले को एक निश्चित समय तक रोकने के लिए तैयार हैं।

जेलेंस्की की सुरक्षा गारंटी की मांग

शांति वार्ता से पहले, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपनी टीम को बुलाकर सुरक्षा गारंटी की मांग की। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध को समाप्त करना चाहता है, लेकिन इसके लिए सुरक्षा गारंटी और युद्ध के बाद एक सम्मानजनक शांति की आवश्यकता है। यूक्रेन ने बातचीत के लिए अपने प्रपोजल भी तैयार किए हैं, लेकिन क्या ये वार्ताएं जमीन पर कोई असर डालेंगी? यह देखना होगा।

आगे की चुनौतियां: क्या शांति संभव है?

रूस के लगातार हमले इस बात को दर्शाते हैं कि शांति वार्ताओं के बावजूद क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है। यूक्रेन में दूसरी जगहों पर हवाई हमले जारी हैं, जबकि अमेरिका एक बड़े समझौते के लिए प्रयासरत है। फिर भी, क्रेमलिन और कीव के बीच एक ठोस समझौते की संभावना नजर नहीं आ रही है। यह स्पष्ट है कि दोनों पक्षों के बीच मतभेद अभी भी गहरे हैं।

क्या पीस टॉक में आ सकती है जान?

जबकि विटकॉफ और कुशनर की कीव में उपस्थिति कूटनीतिक प्रयासों को दर्शाती है, असली सवाल यह है कि क्या ये वार्ताएं वास्तव में किसी समाधान की ओर ले जाएंगी। पुतिन का कहना है कि रूस को अपने मकसद पर कायम रहने की उम्मीद है, लेकिन इसके लिए युद्ध के असल कारणों को सुलझाने की आवश्यकता है। समय ही बताएगा कि क्या यह शांति प्रयास सफल होंगे या नहीं।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos