प्रधानमंत्री मोदी का ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के 45वें स्थापना दिवस में विशेष भाषण

The CSR Journal Magazine
10 मई को बेंगलुरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के 45वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन श्री श्री रवि शंकर के 70वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में होगा। आर्ट ऑफ लिविंग के अंतरराष्ट्रीय केंद्र में होने वाले इस कार्यक्रम में 182 से ज्यादा देशों से लोग जुड़ेंगे। कुछ प्रतिभागी ऑनलाइन भी शामिल होंगे, जिससे यह इवेंट और भी भव्य हो जाएगा।

विभिन्न क्षेत्रों के लोग होंगे शामिल

इस समारोह में विभिन्न पेशेवर backgrounds के लोग शामिल होंगे। इसमें राजनेता, सिविल सेवक, किसान, इंजीनियर, गृहिणियां, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, छात्र और वरिष्ठ नागरिक शामिल रहेंगे। यह एक ऐसा मौका होगा जहां देश और विदेश के लोग एक साथ आकर ध्यान और जीवन जीने के तरीके पर चर्चा करेंगे। इस आयोजन का मकसद मनुष्य के मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करना है।

ध्यान मंदिर का उद्घाटन

प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के बाद आर्ट ऑफ लिविंग के अंतरराष्ट्रीय केंद्र में एक नए ‘ध्यान मंदिर’ का उद्घाटन भी होगा। यह ध्यान मंदिर लोगों को ध्यान की शक्ति को समझने और अपनाने में मदद करेगा। इस मंदिर का उद्देश्य मानसिक शांति और सामुदायिक विकास को बढ़ावा देना है, ताकि लोग बेहतर मानसिक स्वास्थ्य की ओर बढ़ सकें।

नए कार्यक्रमों की शुरुआत

इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री मोदी इस अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक परिवर्तन से जुड़े कई योजनाओं की शुरुआत भी करेंगे। यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न पहलुओं को सुधारने और लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए महत्वपूर्ण कदम होगा।

आर्ट ऑफ लिविंग का सफर

आर्ट ऑफ लिविंग की स्थापना 1981 में श्री श्री रवि शंकर ने की थी। आज यह एक वैश्विक और स्वयंसेवक-आधारित मानवीय संगठन बन चुका है, जिसने अब तक 100 करोड़ से ज्यादा लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। आर्ट ऑफ लिविंग का लक्ष्य मानवता की सेवा करना और लोगों के लिए एक खुशहाल जीवन जीने की दिशा में काम करना है।

विशेष चर्चा का आयोजन

कार्यक्रम के दौरान, 25 और 26 मई को ‘बंदी कल्याण और नीतिगत सुधार’ पर विशेष चर्चा भी होगी। इसका उद्देश्य जेलों की व्यवस्था को बेहतर बनाना और यह दिखाना है कि आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रमों ने कैदियों के व्यवहार और पुनर्वास में कितना सकारात्मक प्रभाव डाला है। यह पहल समाज के कमजोर वर्गों के लिए एक नई उम्मीद पैदा कर सकती है।

बिम्सटेक युवा नेतृत्व आदान-प्रदान

इस आयोजन में विदेश मंत्रालय के सहयोग से ‘बिम्सटेक युवा नेतृत्व आदान-प्रदान’ कार्यक्रम भी होगा। इसमें बिम्सटेक देशों के युवा नेता ‘आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर’ में एकत्रित होंगे, जहां उन्हें नेतृत्व कौशल निखारने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह कार्यक्रम भविष्य के युवा नेताओं को तैयार करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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