LUCC चिटफंड घोटाला: CBI ने दाखिल की चार्जशीट, 18 आरोपी गिरफ्तार

The CSR Journal Magazine
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उत्तराखंड के LUCC चिटफंड घोटाले के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। CBI ने विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है जिसमें मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल समेत 18 लोगों और एक संस्था का नाम शामिल है। इस मामले में हजारों निवेशकों से ठगी का आरोप लगाया गया है। ये घोटाला पोंजी स्कीम के तहत संचालित हो रहा था, जहां नए निवेशकों का धन पुराने देनदारों को चुकाया जा रहा था। CBI ने बताया कि आरोपियों पर विभिन्न धाराओं के तहत कारवाई की जा रही है।

कई धाराओं में चार्जशीट

CBI ने समीर अग्रवाल, शादाब हुसैन, उत्तम कुमार सिंह राजपूत, सानिया अग्रवाल जैसे आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC), उत्तराखंड निवेशकों के हित संरक्षण अधिनियम और बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम्स (BUDS) एक्ट जैसी धाराओं के अंतर्गत चार्जशीट दाखिल की है। यह कार्रवाई उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश पर की जा रही है।

छानबीन का विस्तार

CBI ने इस मामले की जांच को अपने हाथ में लेकर पिछले साल दर्ज 18 एफआईआर की गहन जांच शुरू की है। एजेंसी ने LUCC चिटफंड घोटाले से संबंधित सभी मामलों की जानकारी एकत्र की है और संदिग्धों की पहचान के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया है।

संस्थान की संदिग्ध गतिविधियाँ

जांच के दौरान यह पाया गया कि LUCC सोसाइटी का गठन 2012 में हुआ था, लेकिन 2016 में समीर अग्रवाल ने इसके प्रबंधन को अपने हाथ में लेकर नये तरीके से काम करना शुरू किया। इस सोसाइटी ने उत्तराखंड में 50 से अधिक शाखाओं के माध्यम से लोगों से पैसे जमा करना शुरू किया।

पोंजी स्कीम का खुलासा

CBI के अनुसार, LUCC ने किसी भी आधिकारिक अनुमति के बिना काम करना शुरू कर दिया था। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इस संस्था के पास कोई वास्तविक कारोबार या स्थायी आय का स्रोत नहीं था। वर्तमान में पुराने निवेशकों को भुगतान केवल नए निवेशकों से आने वाले पैसे से किया जा रहा था, जिससे यह साबित होता है कि यह एक पोंजी स्कीम थी।

संपत्तियों की पहचान और जब्ती

CBI ने इस मामले में 39 संदेहास्पद संपत्तियों की पहचान की है, जो आरोपियों से जुड़ी हैं। इन संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इनमें से 29 संपत्तियों के लिए अस्थायी जब्ती के आदेश दिए जा चुके हैं जबकि बाकी 10 पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। CBI की यह कार्रवाई प्रवर्तन और जांच के अनुकूल होने के लिए महत्वपूर्ण है।

विशेष अदालत में होगी सुनवाई

इस मामले की अब विशेष अदालत में सुनवाई की जाएगी। CBI ने जो साक्ष्य एकत्र किए हैं, उनके आधार पर मामले पर गहराई से चर्चा की जाएगी। CBI का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत मौजूद हैं और न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। इस मामले में अब आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखने योग्य होगा।

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