झारखंड हाईकोर्ट के दखल से 48 घंटे में ढूंढा गया लापता छात्रा का कंकाल, पूरा थाना सस्पेंड

The CSR Journal Magazine

पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई से सन्नाटा

झारखंड के बोकारो में पिंड्राजोरा थाना की पुलिस ने लापता छात्रा पुष्पा महतो का कंकाल 48 घंटे में खोज निकाला। हाईकोर्ट के दखल के बाद यह कार्यवाही हुई है। छात्रा के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पहले मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इस मामले में थाना के 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है, जिसमें सब-इंस्पेक्टर और अन्य अधिकारी शामिल हैं।

पिता के आंखों में आंसू

पुष्पा महतो के पिता अनंत महतो ने कहा, “यह कार्रवाई थोड़ी तसल्ली देने वाली है, लेकिन मेरी बेटी अब कभी लौटकर नहीं आएगी।” उनके चेहरे पर गम और इंसाफ की उम्मीद नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पहले मामले को टालने का काम किया।

पुलिस की जांच में ढिलाई

हाईकोर्ट के आदेश पर झारखंड पुलिस की एसआईटी ने जांच शुरू की और मुख्य आरोपी दिनेश महतो को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद, पुलिस ने पुष्पा महतो के कंकाल के अवशेष बरामद किए। पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने कहा कि डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया चल रही है और आरोपी के खिलाफ हत्या की धाराएं लगाई गई हैं।

माँ दबी हुई उम्मीद के साथ

पुष्पा की माँ रेखा देवी ने कहा कि “अगर पुलिस ने समय पर कदम उठाए होते, तो मेरी बेटी शायद आज जिंदा होती।” उन्होंने थाने जाने के बावजूद अधिकारियों से कोई मदद नहीं मिलने की बात कही।

परिजनों की लगातार अपील

रेखा देवी ने थाने जाकर हर बार अपनी बेटी की गुमशुदगी की जानकारी दी, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला। एफआईआर दर्ज करने में भी उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा। जब अंततः मामला दर्ज हुआ, तो पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया।

हाईकोर्ट की सख्त कार्रवाई

मामले में हाईकोर्ट ने सख्ती से पुलिस अधीक्षक पर कार्यवाही की। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि पीड़ित पक्ष के साथ कोई अप्रिय घटना हुई, तो पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह ठहराया जाएगा। इसके बाद विस्तृत जांच के लिए नई एसआईटी का गठन किया गया।

छह महीने का इंतजार

छह महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, इस पर परिजनों ने पुलिस अधिकारियों पर आरोप लगाए। पिंड्राजोरा थाना के निलंबित पुलिसकर्मियों ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभाई, लेकिन आरोपी ने पुलिस को गुमराह किया।

पत्रकारों के सवालों का कोई जवाब नहीं

निलंबित थाना प्रभारी अभिषेक रंजन ने आरोपों का खंडन किया और कहा कि उन्होंने हर पांच में यथासंभव सहायता की। इस पर सवाल उठाते हुए पत्रकारों ने पूछा कि इतनी लंबी कार्रवाई का क्या कारण था। लेकिन उनके पास इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं था।

अनंत महतो की आस

अनंत महतो ने कहा कि उन्हें न्याय चाहिए और उम्मीद है कि मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जाए। उन्होंने बताया कि अब परिवार में केवल उनकी पत्नी और 16 वर्षीय बेटा है। उनका जीवन इस मामले से काफी प्रभावित हुआ है।

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