कानपुर में ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट के उड़े परखच्चे, दोनों पायलटों की मौत, DGCA ने शुरू की जांच

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Kanpur Plane Crash: कानपुर में बड़ा विमान हादसा, गंगा बैराज के पास ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश; 2 पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव में गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 11:50 बजे गर्ग एविएशन का एक चार सीटों वाला ट्विन-इंजन टेक्टम (Tecnam P2006T) ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया, जिसमें सवार फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर सचिन भाटिया और ट्रेनी पायलट अभिषेक पुजारी की मौके पर ही मौत हो गई।

कानपुर में बड़ा विमान हादसा

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में आज गुरुवार दोपहर एक हृदयविदारक हवाई दुर्घटना सामने आई है। शहर के प्रसिद्ध गंगा बैराज मार्ग से सटे नत्थूपुरवा गांव (ग्वालटोली/नवाबगंज थाना क्षेत्र) के एक खाली कृषि खेत में निजी फ्लाइंग संस्थान ‘गर्ग एविएशन’ का एक दोहरे इंजन वाला प्रशिक्षण विमान (ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट) अनियंत्रित होकर क्रैश हो गया। इस भीषण हादसे में विमान में सवार दोनों जांबाज पायलटों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान मुख्य फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (प्रशिक्षक) कैप्टन सचिन भाटिया और छात्र पायलट (ट्रेनी) अभिषेक पुजारी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन की टीमें और भारी संख्या में ग्रामीण राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके पर दौड़ पड़े। विमान का मलबा इतनी बुरी तरह बिखर चुका था कि कॉकपिट पूरी तरह से तब्दील हो चुका था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है।

उड़ान भरने के ठीक 20 मिनट बाद हुआ हादसा

कानपुर पुलिस और नागर विमानन मंत्रालय (MoCA) से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, चार सीटों वाले इस ट्विन-इंजन ‘टेक्नम P2006T’ (Tecnam P2006T) विमान ने गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे कानपुर सिविल एयरोड्रोम (कैंट) से अपनी नियमित ट्रेनिंग सॉर्टी (स्थानीय उड़ान) के लिए टेकऑफ किया था। उड़ान भरने के महज 20 मिनट बाद, यानी करीब 11:50 बजे विमान का हवाई अड्डे के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क टूट गया। विमान सिविल एयरपोर्ट से लगभग 5 नॉटिकल मील की दूरी पर गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के ऊपर उड़ रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हवा में अचानक एक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके बाद विमान लड़खड़ाने लगा। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि पायलटों ने विमान पर से अपना नियंत्रण पूरी तरह खो दिया था। विमान तेजी से नीचे आया और सीधे एक खेत में जा गिरा।

प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी: ‘धमाके के साथ जमीन पर गिरा विमान’

हादसे के वक्त खेतों के आसपास काम कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि विमान काफी कम ऊंचाई पर उड़ रहा था और उसके इंजन से अजीब आवाजें आ रही थीं। जमीन पर गिरते ही विमान के परखच्चे उड़ गए और उसका फ्यूजलेज (मुख्य हिस्सा) तथा पंख टूटकर दूर जा गिरे। मलबे के दृश्यों से यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि पायलटों ने अंतिम क्षणों में विमान से इजेक्ट (Eject) करने या आपातकालीन लैंडिंग का प्रयास किया था, क्योंकि विमान की एक सीट मलबे से कुछ दूरी पर कटी हुई स्थिति में पाई गई। ग्रामीण जब तक मदद के लिए दौड़कर मलबे के पास पहुंचे, तब तक दोनों पायलट दम तोड़ चुके थे।

मृतकों का विवरण: अनुभवी थे मुख्य इंस्ट्रक्टर

कानपुर के एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून-व्यवस्था) विपिन टाडा और पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने संयुक्त रूप से हताहतों की पुष्टि की है। हादसे का शिकार हुए दोनों पायलटों का विवरण इस प्रकार है-
कैप्टन सचिन भाटिया (मुख्य प्रशिक्षक): सचिन भाटिया मूल रूप से गुजरात के रहने वाले थे। वह एक बेहद अनुभवी कमर्शियल पायलट और इंस्ट्रक्टर थे, जिन्हें 3,000 से अधिक घंटे की सुरक्षित उड़ान (Flying Hours) का लंबा अनुभव प्राप्त था।
अभिषेक पुजारी (ट्रेनी पायलट): अभिषेक पुजारी कर्नाटक के निवासी थे और विमानन क्षेत्र में अपना करियर बनाने के सपने के साथ कानपुर के गर्ग एविएशन संस्थान से पायलट का प्रशिक्षण ले रहे थे।

महानिदेशालय (DGCA) और AAIB ने संभाली जांच

विमान दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) तुरंत हरकत में आ गए हैं। DGCA की एक तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय टीम विनियामक निरीक्षण और समन्वय के लिए दिल्ली से सीधे कानपुर क्रैश साइट के लिए रवाना हो चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह विमान वर्ष 2023 में ही इस ट्रेनिंग सेंटर में शामिल किया गया था, ऐसे में इसके तकनीकी रखरखाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच दल ब्लैक बॉक्स (यदि उपलब्ध हो) और विमान के मलबे के तकनीकी नमूनों को इकट्ठा करेगा ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह हादसा किसी बड़े तकनीकी खराबी (Technical Snag), इंजन फेल्योर या फिर मानवीय चूक (Human Error) की वजह से हुआ है। सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय पुलिस ने दुर्घटनास्थल को चारों तरफ से घेरकर (Cordon off) आम जनता की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

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