MHADA Redevelopment GTB Nagar: मुंबई के गुरु तेग बहादुर (GTB) नगर पुनर्विकास परियोजना में रहने वाले दुकानदारों, दुकान धारकों और झोपड़ीवासियों को म्हाडा ने बड़ी राहत दी है। इन लोगों को अपनी जगह स्वेच्छा से खाली करने के लिए 20 अक्टूबर 2026 तक का समय दिया गया है। इसके बाद भी जो अनधिकृत ढांचे खाली नहीं किए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यह फैसला म्हाडा के उपाध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल ने लिया है। GTB नगर के दुकानदारों और झोपड़ीवासियों ने उनसे मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखी थीं और जगह खाली करने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की थी।
नवरात्रि-दशहरा को देखते हुए मिली मोहलत
GTB नगर के दुकानदारों, दुकान धारकों और झोपड़ीवासियों का कहना था कि यदि सीधे तोड़फोड़ या बेदखली की कार्रवाई की गई तो उन्हें आर्थिक नुकसान हो सकता है। उन्होंने अपनी जगह स्वेच्छा से खाली करने के लिए समय मांगा। म्हाडा CEO संजीव जायसवाल ने उनकी मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया। फिलहाल नवरात्रि और दशहरा का समय होने को देखते हुए उन्हें 20 अक्टूबर तक स्वेच्छा से जगह खाली करने की मोहलत दी गई है। म्हाडा ने साफ किया है कि इस अवधि के बाद जो अनधिकृत ढांचे खाली नहीं होंगे, उनके खिलाफ नियमों के मुताबिक बेदखली की कार्रवाई की जा सकती है।
70 साल पुरानी पंजाबी कॉलोनी का हो रहा पुनर्विकास
GTB नगर की पंजाबी कॉलोनी करीब 70 साल से ज्यादा पुरानी है। आजादी के बाद पाकिस्तान से भारत आए सिख और पंजाबी शरणार्थी परिवारों ने यहां अपना बसेरा बनाया था। लंबे समय से यहां रहने वाले परिवारों और कारोबारियों के लिए यह इलाका केवल रहने या व्यापार की जगह नहीं, बल्कि उनकी पुरानी यादों और जीवन से जुड़ा हुआ है। अब इस इलाके का पुनर्विकास म्हाडा द्वारा निर्माण और विकास समझौते (Construction and Development Agreement) के तहत किया जा रहा है। म्हाडा का कहना है कि मौजूदा कार्रवाई का उद्देश्य पुनर्विकास परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाना है।
121 दुकानदार और झोपड़ीवासी पात्र
पुनर्विकास परियोजना के तहत जारी संशोधित ड्राफ्ट परिशिष्ट-II के अनुसार GTB नगर में 121 गैर-आवासीय दुकान धारकों और झोपड़ीवासियों को पात्र पाया गया है। इन लोगों को लागू नियमों के अनुसार पुनर्वास का लाभ दिया जाएगा। वहीं 196 धारकों को सशर्त पात्र माना गया है। इन्हें अपनी पात्रता साबित करने और जरूरी दस्तावेज जमा करने के लिए 6 महीने का समय दिया गया है। इसका मतलब यह है कि इन 196 लोगों को अभी अपनी पात्रता से जुड़े दस्तावेज पूरे करने होंगे। निर्धारित प्रक्रिया के तहत पात्रता साबित होने के बाद उन्हें पुनर्विकास से मिलने वाले लाभ मिल सकेंगे।
पात्र लोगों को हर महीने 10 हजार रुपये किराया
म्हाडा ने पात्र और सशर्त पात्र धारकों के लिए किराये को लेकर भी बड़ा फैसला किया है। 121 पात्र दुकान धारकों और झोपड़ीवासियों को 1 नवंबर 2026 से हर महीने 10 हजार रुपये किराया दिया जाएगा। इसके अलावा 196 सशर्त पात्र धारकों को भी अगले 6 महीने तक हर महीने 10 हजार रुपये किराये के रूप में दिए जाएंगे। इस अवधि में इन लोगों के लिए जरूरी दस्तावेज जमा करना और अपनी पात्रता साबित करना अनिवार्य होगा।
MHADA Redevelopment GTB Nagar: पुनर्विकास को मिलेगी रफ्तार
GTB नगर पुनर्विकास परियोजना में लंबे समय से रहने वाले लोगों की पात्रता और अनधिकृत ढांचों का मुद्दा अहम रहा है। अब म्हाडा ने एक तरफ पात्र लोगों के पुनर्वास और किराये की व्यवस्था की है, वहीं दूसरी तरफ स्वेच्छा से जगह खाली करने के लिए समय सीमा भी तय कर दी है। 20 अक्टूबर के बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई शुरू होने की स्थिति में प्रभावित लोगों के लिए यह अवधि काफी महत्वपूर्ण है। म्हाडा की कोशिश है कि पात्र लोगों को उनका पुनर्वास लाभ मिले और परियोजना में बाधा बन रहे अनधिकृत ढांचे हटाकर GTB नगर पुनर्विकास को गति दी जा सके।
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