खाद-बीज घोटाले पर कांग्रेस का बड़ा हमला, कृषि मंत्री किरोड़ी मीणा के इस्तीफे की मांग तेज

The CSR Journal Magazine
राजस्थान राज्य बीज निगम से जुड़े कथित खाद-बीज घोटाले और रिश्वतखोरी मामले में कांग्रेस ने भजनलाल सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीकानेर में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई को पद से हटाने की मांग करते हुए मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। नेताओं ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये के इस कथित भ्रष्टाचार मामले में बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक नेटवर्क की भूमिका सामने आ सकती है।

बीकानेर में कांग्रेस का संयुक्त शक्ति प्रदर्शन

गंगाशहर स्थित कांग्रेस कार्यालय में शहर और देहात कांग्रेस की संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गई। कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक, जिला प्रभारी और कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। नेताओं ने राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में पारदर्शिता चाहती है तो उसे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि राजस्थान राज्य बीज निगम के अशासकीय निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले को केवल कुछ अधिकारियों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसकी गहन जांच से पूरे नेटवर्क का खुलासा होना चाहिए।

13 जिलों तक जांच सीमित रखने पर उठे सवाल

अनूपगढ़ विधायक और बीकानेर जिला संगठन प्रभारी शिमला नायक ने जांच के दायरे पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि खाद-बीज कारोबार में भ्रष्टाचार का मामला व्यापक स्तर पर फैला हुआ है तो फिर एसीबी की कार्रवाई केवल 13 जिलों तक ही क्यों सीमित है। उन्होंने मांग की कि राज्य के सभी जिलों में खाद और बीज वितरण से संबंधित रिकॉर्ड और विभागीय कार्यप्रणाली की जांच कराई जाए। उनके अनुसार, यह केवल रिश्वतखोरी का मामला नहीं बल्कि किसानों के हितों से जुड़ा विषय है। यदि समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज और खाद उपलब्ध नहीं होंगे तो इसका सीधा असर कृषि उत्पादन और किसानों की आय पर पड़ेगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मामले में करोड़ों रुपये के वित्तीय अनियमितताओं की आशंका है, इसलिए जांच का दायरा बढ़ाना आवश्यक है।

कृषि मंत्री और भाजपा नेता को हटाने की मांग

देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता और संगठन से जुड़े प्रभावशाली लोगों के पद पर बने रहने से जांच प्रभावित हो सकती है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक बड़े पदों पर बैठे लोगों को जांच प्रक्रिया से अलग नहीं किया जाएगा, तब तक मामले की तह तक पहुंचना मुश्किल होगा।

एफआईआर से बड़े नेटवर्क के संकेत, आंदोलन की चेतावनी

शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने कहा कि एसीबी द्वारा दर्ज एफआईआर में जिन टेलीफोन वार्तालापों और कॉल रिकॉर्डिंग्स का उल्लेख किया गया है, वे एक बड़े नेटवर्क की ओर संकेत करते हैं। उनके अनुसार, रिश्वतखोरी का यह मामला केवल एक निगम या कुछ अधिकारियों तक सीमित नहीं दिखाई देता। प्रेस वार्ता में मौजूद कांग्रेस नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि मामले में केवल छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई कर बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की गई तो कांग्रेस पूरे राजस्थान में किसानों के बीच व्यापक जनजागरण अभियान और आंदोलन शुरू करेगी। नेताओं ने दावा किया कि किसानों के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर पार्टी ग्राम पंचायत स्तर तक संघर्ष करने के लिए तैयार है। प्रेस वार्ता में पीसीसी महासचिव जिया उर रहमान आरिफ, वरिष्ठ नेता यशपाल गहलोत, आनंद सिंह सोढ़ा, शहजाद भुट्टा, सुमित कोचर और जाकिर नागौरी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

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