Balaghat Development Model: नक्सलमुक्त बालाघाट अब बनेगा विकास का मॉडल, 100 गांवों पर खर्च होंगे 225 करोड़; बीमारी से मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख की मदद

The CSR Journal Magazine
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 अगस्त को जन-विश्वास अभियान के तहत बालाघाट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए जिले के विकास को लेकर सरकार की योजनाओं और प्राथमिकताओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे बालाघाट के 100 गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 225 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, गंभीर बीमारी से जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को उन्होंने अपनी ओर से 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

Balaghat Development Model: बीमारी के मूल कारणों पर काम करने का दावा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव (Madhya Pradesh CM Mohan Yadav News) ने कहा कि सरकार केवल तत्काल राहत देने के बजाय समस्याओं के मूल कारणों तक पहुंचकर उनके स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसी बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने बीमारी के कारण अपने परिजनों को खोया है, उनके दर्द और परेशानी को उन्होंने महसूस किया है। इसी को देखते हुए उन्होंने प्रत्येक प्रभावित परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है।

Balaghat Development Model: 100 गांवों में 225 करोड़ से विकास कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट जिले के 100 ऐसे गांव, जो कभी नक्सल प्रभावित रहे हैं, अब विकास की मुख्यधारा से जोड़े जाएंगे। इसके लिए 225 करोड़ रुपये की राशि से आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इन गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित जरूरी सुविधाओं का विस्तार और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन विकास कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं बेहतर होंगी और लंबे समय तक नक्सल प्रभाव झेल चुके गांवों में विकास की गति तेज होगी।

पशुपालन और पर्यटन से रोजगार पर जोर

डॉ. यादव ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बकरी पालन, मुर्गी पालन और दुग्ध उत्पादन जैसी पशुपालन आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा होम स्टे और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बालाघाट और लांजी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां की खूबसूरती चेरापूंजी को भी मात देने की क्षमता रखती है। उन्होंने क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं और प्राकृतिक विरासत को पर्यटन से जोड़ते हुए इको टूरिज्म और ट्राइबल टूरिज्म की संभावनाओं पर जोर दिया।

बैगा समाज के विकास के लिए बनेगा प्राधिकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने लंबी लड़ाई के बाद बालाघाट समेत मध्यप्रदेश को नक्सलमुक्त किया है। अब स्थानीय लोगों को विश्वास में लेकर सुरक्षित और समृद्ध बालाघाट बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। बैगा समाज के विकास को लेकर उन्होंने कहा कि बैगा परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए बैगा आश्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही समाज के समग्र विकास के लिए बैगा विकास प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। इसके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के साथ अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य नक्सलमुक्त बालाघाट को अब सुरक्षित, समृद्ध और विकास की दृष्टि से प्रदेश का नंबर वन जिला बनाने की दिशा में आगे ले जाना है।
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