असम में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों पर पुलिस का बड़ा एक्शन, बच्चे-महिला समेत 27 हिरासत में; जम्मू तवी एक्सप्रेस से जुड़े तार

The CSR Journal Magazine
असम में अवैध प्रवासियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। 16 सितंबर को गुवाहाटी और रंगिया में चलाए गए दो अलग-अलग अभियानों में 27 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया। इनमें पुरुषों के साथ महिलाएं और नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों के पास भारत में रहने की कानूनी स्थिति साबित करने वाले वैध दस्तावेज नहीं थे। असम पुलिस की इस कार्रवाई में एक समूह गुवाहाटी के असम राज्य परिवहन निगम परिसर से पकड़ा गया, जबकि दूसरा समूह जम्मू तवी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये लोग भारत में कैसे दाखिल हुए और क्या किसी दलाल या बिचौलिए ने उनकी मदद की थी।

गुवाहाटी में पहले 12 लोगों को पकड़ा

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस कुलेंद्र नाथ डेका ने बताया कि संदिग्ध अवैध प्रवासियों के एक समूह के बारे में जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने गुवाहाटी स्थित असम राज्य परिवहन निगम परिसर में कार्रवाई की। यहां से कुल 12 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस को पूछताछ के दौरान जम्मू तवी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक अन्य समूह के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद बॉर्डर पुलिस ने सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को सतर्क किया। सूचना के आधार पर ट्रेन में सवार 15 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया।

जम्मू तवी एक्सप्रेस से 15 लोगों की गिरफ्तारी

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दूसरा समूह उस समय पकड़ा गया, जब जम्मू तवी एक्सप्रेस रंगिया रेलवे जंक्शन से गुजर चुकी थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इन 15 लोगों को बोंगाईगांव रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतारा। इसके बाद उन्हें असम पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस तरह दोनों अभियानों में हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या 27 हो गई। पुलिस का कहना है कि सभी लोगों की पहचान और भारत में उनकी मौजूदगी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

ढाका समेत इन इलाकों के रहने वाले हैं लोग

अधिकारियों के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोग बांग्लादेश के अलग-अलग हिस्सों से हैं। शुरुआती जानकारी में ढाका, सुनामगंज, गोपालगंज, बागेरहाट, खुलना और मयमनसिंह जैसे इलाकों के नाम सामने आए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन लोगों को मेघालय के रास्ते भारत में प्रवेश कराने में किसी दलाल या बिचौलिए ने मदद की थी। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि क्या इनके आने-जाने के पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।

नौकरी की तलाश में भारत आने का दावा

शुरुआती जांच में सामने आया है कि हिरासत में लिए गए ज्यादातर लोग नौकरी की तलाश में भारत आए थे। हालांकि, पुलिस अभी यह पता लगा रही है कि उन्होंने भारत में प्रवेश कब और किस रास्ते से किया। असम पुलिस के मुताबिक, 27 लोगों में से किसी के पास भारत में रहने की कानूनी स्थिति साबित करने वाले दस्तावेज नहीं मिले। ऐसे में उनकी नागरिकता, पहचान और भारत में प्रवेश से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

कानूनी प्रक्रिया के बाद बांग्लादेश भेजे जाएंगे

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस कुलेंद्र नाथ डेका ने बताया कि बॉर्डर पुलिस ने संबंधित डिप्टी कमिश्नर से निष्कासन आदेश जारी करने का अनुरोध किया है। अधिकारियों के अनुसार, जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने और आदेश जारी होने के बाद हिरासत में लिए गए लोगों को बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। अधिकारियों का ध्यान इस बात पर है कि ये लोग भारत में किस तरह दाखिल हुए, क्या किसी बिचौलिए ने उनकी मदद की और क्या उनके आने-जाने के पीछे कोई नेटवर्क सक्रिय था। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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