चारधाम यात्रा: 105 श्रद्धालुओं की मौत, गर्मी से तड़प रहे यात्री
उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा 2026 के शुरुआती 39 दिनों में 105 से अधिक श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जिसमें से पिछले 14 दिनों में ही बढ़ते तापमान (गर्मी) के कारण 65 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग और राज्य आपदा परिचालन केंद्र (SEOC) की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, मौतों का मुख्य कारण अत्यधिक गर्मी, दिल का दौरा (हार्ट अटैक), हाई एल्टीट्यूड सिकनेस (ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी) और पहले से मौजूद पुरानी बीमारियां हैं।
स्वास्थ्य विभाग की चिंता, बढ़ी संख्या में हो रहीं मौतें
चारधाम यात्रा के पहले 39 दिनों में 105 से ज्यादा श्रद्धालुओं की मौत होने का मामला सामने आया है। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले दोगुना है। 2025 में यात्रा के पहले 28 दिन में 56 मौतें हुई थीं, जबकि पूरी यात्रा के दौरान कुल 83 लोग मृत्यु को प्राप्त हुए। इस साल की शुरुआत में, 14 मई को 40 मौतें रिकार्ड की गई थीं। गर्मी बढ़ने के साथ ही पिछले 14 दिन में 65 लोगों ने अपनी जान गवां दी है। इनमें से 104 मौतें स्वास्थ्य खराब होने के कारण हुई हैं, जबकि एक व्यक्ति की मौत प्राकृतिक आपदा के कारण हुई।
केदारनाथ में सबसे ज्यादा मौतें
इस यात्रा में सबसे ज्यादा मौतें केदारनाथ में हुई हैं, जहां 50 श्रद्धालुओं ने अपनी जान खोई। इसके बाद बद्रीनाथ में 30, यमुनोत्री में 15, और गंगोत्री-गौमुख क्षेत्र में 10 मौतें दर्ज की गई हैं। पिछले 24 घंटों में टिहरी के देवप्रयाग में दो तीर्थयात्रियों की हार्ट अटैक से मौत की खबर भी आई है। राज्य सरकार ने यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों के बावजूद, बढ़ती मौतों की संख्या से स्वास्थ्य चुनौतियों को उजागर किया है।
23 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे चारधाम
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, 19 अप्रैल से अब तक चारधाम यात्रा में 23 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। केदारनाथ में 9.01 लाख, बद्रीनाथ में 6.42 लाख, यमुनोत्री और गंगोत्री में 4 लाख से ज्यादा यात्रियों ने दर्शन किए हैं। यात्रा के लिए अब तक 42 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं, जिसमें केदारनाथ के लिए 14.84 लाख, बद्रीनाथ में 12.68 लाख और गंगोत्री व यमुनोत्री के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
स्वास्थ्य की गंभीरता पर चिंता
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यात्रा में हुई अधिकांश मौतें हार्ट अटैक, हाई एल्टीट्यूड सिकनेस, और अन्य स्वास्थ्य कारणों से हुई हैं। यह यात्रा ऊंचाई वाले क्षेत्रों से होकर गुजरती है, जहां ऑक्सीजन का स्तर कम होता है। यह स्थिति बुजुर्गों और पहले से बीमार यात्रियों के लिए और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है। यात्रा से पहले सरकार ने एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें विशेषकर बुजुर्गों और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ रखने वालों के लिए स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई थी।
स्थिति गंभीर होने के मुख्य कारण
बढ़ता तापमान (Heat Wave)– मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी रूटों पर भी गर्मी अचानक बढ़ी है, जिससे यात्रियों का शरीर पहाड़ी वातावरण में सामंजस्य (Acclimatization) नहीं बिठा पा रहा है।
भारी भीड़ और दबाव– अब तक 23 लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं और 42 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। अत्यधिक भीड़ के कारण स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे पर भारी दबाव है।
अति-उत्साह और लापरवाही– राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, कई यात्री आराम किए बिना और अपने शरीर के संकेतों (थकान, सांस फूलना) को नजरअंदाज कर तेजी से चढ़ाई करने की कोशिश कर रहे हैं।
सरकार की ओर से तैयारियों का दावा
सरकार ने यात्रा शुरू होने से पहले सभी विभागों को तैयारी को पूरा करने के निर्देश दिए थे। स्वास्थ्य मंत्री ने यात्रियों से सावधानी बरतने और किसी भी परेशानी होने पर तुरंत रुकने का आग्रह किया है। हालाँकि, कई यात्री अपने शरीर के संकेतों को नजरअंदाज करते हुए तेजी से यात्रा पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे हार्ट अटैक और हाई एल्टीट्यूड से जुड़ी समस्याएँ बढ़ रही हैं।
यात्रियों के लिए अनिवार्य स्वास्थ्य एडवाइजरी
यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य चारधाम यात्रा 2026 पर जा रहा है, तो सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें। यात्रा शुरू करने से पहले अपनी पूरी स्वास्थ्य जांच (विशेषकर दिल, ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीज) जरूर करवाएं। चढ़ाई के दौरान हर एक-दो घंटे में विश्राम करें। शरीर को ऊंचाई और मौसम के अनुकूल ढालने (Acclimatize) का समय दें। लगातार ओआरएस (ORS), नींबू पानी और पर्याप्त पानी पीते रहें ताकि गर्मी में डिहाइड्रेशन न हो। सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना या अत्यधिक थकान होने पर यात्रा तुरंत रोकें और मार्ग पर बने SDRF या उत्तराखंड पुलिस के मेडिकल कैंप से संपर्क करें।
चारधाम यात्रा की शुरुआत
चारधाम यात्रा 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ शुरू हुई थी। इस दिन के दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यमुनोत्री धाम में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की थी। इसके बाद केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खोले गए। यात्रा के पूरे माहौल
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

