Mamata को नजरबंद करने की साजिश? बारुईपुर केस के बाद TMC के आरोपों से मचा बवाल

The CSR Journal Magazine
पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे राज्य की राजनीति को प्रभावित कर दिया है। 12 साल की बच्ची के दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पीड़ित परिवार से मिलने जाना था, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर पहले से ही कड़े इंतज़ाम किए गए थे। टीएमसी नेताओं ने इसे ममता बनर्जी को बारुईपुर जाने से रोकने की साजिश बताया है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया में उबाल

बारुईपुर की घटना के बाद टीएमसी में हलचल तेज हो गई है। पार्टी नेताओं ने केंद्रीय बलों की तैनाती पर कड़ी आपत्ति जताई है। सांसद डोला सेन ने आरोप लगाया है कि ममता को नजरबंद करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसे सुपर इमरजेंसी करार दिया। उनके अनुसार, यह टीएमसी के लिए न केवल एक राजनीतिक मुद्दा है, बल्कि ममता की आवाज को भी दबाने का प्रयास है।

विशेष जांच दल की स्थापना

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। टीएमसी सांसद सायानी घोष ने जानकारी देते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ बातचीत भी की गई है। बारुईपुर में हो रहे प्रदर्शनों के बीच बडी सुरक्षा व्यवस्था भी की गई है।

केंद्रीय बलों की तैनाती पर सवाल

ममता के आवास के बाहर केंद्रीय बलों की मौजूदगी को लेकर टीएमसी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। डोला सेन ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि ममता बनर्जी जन नेता हैं और उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने से रोका जाना उचित नहीं। उन्होंने सुरक्षा बलों की तैनाती को संदिग्ध और अनचाही स्थिति बताया।

टीएमसी का न्याय की आवाज उठाने का संकल्प

टीएमसी नेता मदन मित्रा ने भी कहा कि जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने संकेत दिया कि ममता अपने आवास पर पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलकर इस घटना पर बात कर रही हैं। इस प्रकार की प्रशासनिक गतिविधियों के खिलाफ हंगामा करना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग न्याय की मांग कर रहे हैं, उन्हें रोका नहीं जा सकता।

भाजपा पर अभिषेक बनर्जी का हमला

इस बीच, टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल वादे करती है, लेकिन जघन्य अपराधों के आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण देने का माहौल बना रही है। अभिषेक ने सार्वजनिक मंच पर ये बातें कहीं और प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

सोशल मीडिया पर ममता की स्वतंत्रता पर सवाल

सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने भी अपनी चिंता व्यक्त की और कहा कि ममता बनर्जी के निवास के बाहर जानबूझकर पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि उनकी आवाजाही को रोका जा सके। उन्होंने इसे एक राजनीतिक चाल बताते हुए जोर दिया कि इस तरह की कार्रवाई किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि ममता को पीड़ित परिवार से मिलने का मौका मिलना चाहिए।

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