100 साल पुराना मंदिर तोड़ा, अब सहारनपुर मस्जिद पर पाकिस्तान की बयानबाजी

The CSR Journal Magazine
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को हटाए जाने के बाद मामला अब भारत-पाकिस्तान के बीच बयानबाजी तक पहुंच गया है। प्रशासन के मुताबिक, मस्जिद सरकारी जमीन पर अनधिकृत तरीके से बनी थी और अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे हटाया गया। 5 सितंबर को सुबह तड़के प्रशासन ने बुलडोजर से निर्माण को ध्वस्त कर दिया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सहारनपुर की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। पाकिस्तान ने मस्जिद को ऐतिहासिक इस्लामिक धार्मिक स्थल बताते हुए आरोप लगाया कि यह इस्लामी विरासत को मिटाने की कोशिश का हिस्सा है। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी मामले पर ध्यान देने और हस्तक्षेप करने की अपील की है।

सरकारी जमीन पर बनी थी मस्जिद, कोर्ट में चला मामला

सहारनपुर मस्जिद का विवाद करीब डेढ़ साल से चल रहा था। प्रशासन का कहना है कि जिस जमीन पर मस्जिद बनी थी, वह सरकारी संपत्ति है। जुलाई 2026 में सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने निर्माण को सरकारी जमीन पर अनधिकृत कब्जा मानते हुए इसे हटाने का आदेश दिया था। साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। मस्जिद प्रबंधन ने इस आदेश को जिला जज की अदालत में चुनौती दी थी, लेकिन उसकी अपील खारिज हो गई। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। हालांकि, मस्जिद से जुड़े पक्ष का दावा है कि यह काफी पुराना धार्मिक स्थल था और कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर क्यों उठे सवाल?

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया ऐसे वक्त आई है, जब कुछ दिन पहले भारत ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल इलाके में 100 साल से ज्यादा पुराने हिंदू मंदिर को नुकसान पहुंचाए जाने की घटना पर कड़ी आपत्ति जताई थी। मंदिर को लेकर पाकिस्तान में भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं। अल्पसंख्यक संगठनों ने आरोप लगाया कि मंदिर को जानबूझकर निशाना बनाया गया और उसकी जमीन का इस्तेमाल मदरसे के लिए किया जाना था। वहीं पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से दावा किया गया कि मंदिर भारी बारिश के कारण गिरा। इस मामले की सच्चाई को लेकर विवाद जारी है। भारत ने पाकिस्तान से इस मामले की जांच कराने और धार्मिक स्थल को बहाल करने की मांग की थी। भारत ने यह भी कहा था कि पाकिस्तान की जिम्मेदारी है कि वह अपने अल्पसंख्यक नागरिकों के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

भारत-पाकिस्तान के बीच फिर धार्मिक स्थलों का मुद्दा

सहारनपुर में हुई कार्रवाई को लेकर भारत में भी राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ है। विपक्षी दलों और कुछ मुस्लिम संगठनों ने कार्रवाई के तरीके और समय पर सवाल उठाए हैं। वहीं प्रशासन और बीजेपी नेताओं का कहना है कि कार्रवाई किसी धर्म को निशाना बनाकर नहीं, बल्कि सरकारी जमीन पर अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अदालत की प्रक्रिया के तहत हुई है। अब पाकिस्तान के बयान के बाद यह मामला अंतरराष्ट्रीय बयानबाजी का हिस्सा बन गया है। दोनों देशों के बीच धार्मिक स्थलों और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा पहले भी संवेदनशील रहा है। ऐसे में सहारनपुर की घटना पर आगे भी राजनीतिक और कूटनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।

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