तेजी से बढ़ता वजन बन सकता है कैंसर की बड़ी वजह, नई रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा

The CSR Journal Magazine
नई रिसर्च में खुलासा हुआ है कि कम उम्र से तेजी से बढ़ता वजन कई प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार मोटापा शरीर में हार्मोनल बदलाव, सूजन और इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ाकर कैंसर को बढ़ावा देता है। हेल्दी लाइफस्टाइल और नियमित व्यायाम से इस खतरे को कम किया जा सकता है।

युवावस्था से बढ़ता मोटापा बढ़ा रहा कैंसर का खतरा

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मोटापा एक आम समस्या बन चुका है, लेकिन अब यह सिर्फ शरीर की बनावट तक सीमित नहीं रहा। नई रिसर्च में सामने आया है कि कम उम्र से तेजी से बढ़ता वजन कई गंभीर प्रकार के कैंसर की वजह बन सकता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, युवावस्था से लेकर 60 साल की उम्र तक लगातार बढ़ता वजन शरीर में ऐसे बदलाव पैदा करता है, जो कैंसर के खतरे को कई गुना तक बढ़ा सकते हैं।
यह रिसर्च स्वीडन की Lund University के वैज्ञानिकों द्वारा की गई, जिसे European Congress on Obesity 2026 में प्रस्तुत किया गया। अध्ययन में लाखों लोगों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया और मोटापे तथा कैंसर के बीच गहरा संबंध पाया गया।

रिसर्च में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

शोधकर्ताओं ने करीब 6 लाख से अधिक पुरुषों और महिलाओं के स्वास्थ्य डेटा का अध्ययन किया। इसमें 17 साल की उम्र से लेकर 60 साल तक वजन में हुए बदलावों को ट्रैक किया गया। इसके बाद इन आंकड़ों की तुलना कैंसर के मामलों से की गई।
रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों का वजन तेजी से बढ़ा, उनमें मोटापे से जुड़े कैंसर का खतरा काफी अधिक था। पुरुषों में लिवर कैंसर का खतरा 2.6 गुना तक बढ़ा हुआ पाया गया, जबकि खाने की नली यानी इसोफेगस कैंसर का खतरा 2.2 गुना ज्यादा मिला।
महिलाओं में एंडोमेट्रियल कैंसर का खतरा लगभग 4 गुना अधिक पाया गया। इसके अलावा मेनोपॉज के बाद होने वाले ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी गई। वैज्ञानिकों का कहना है कि मोटापा सिर्फ एक बीमारी नहीं बल्कि कई गंभीर रोगों की जड़ बनता जा रहा है।

कम उम्र में मोटापा सबसे ज्यादा खतरनाक

रिसर्च के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति 30 साल की उम्र से पहले ही मोटापे का शिकार हो जाता है, तो उसके शरीर में लंबे समय तक सूजन और हार्मोनल असंतुलन बना रहता है। यही कारण आगे चलकर कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं। शरीर में अधिक फैट जमा होने से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है और कोशिकाओं में असामान्य बदलाव शुरू हो जाते हैं। यह स्थिति धीरे-धीरे कैंसर कोशिकाओं के विकास को बढ़ावा दे सकती है। रिसर्चर्स ने यह भी बताया कि सिर्फ वजन बढ़ना ही समस्या नहीं है, बल्कि वजन बढ़ने की रफ्तार भी अहम भूमिका निभाती है। खासकर 17 से 45 साल की उम्र के बीच तेजी से बढ़ता वजन शरीर के लिए ज्यादा खतरनाक माना गया है।

स्वस्थ जीवनशैली से कम हो सकता है खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि हेल्दी वेट बनाए रखना कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका हो सकता है। नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन और सही दिनचर्या अपनाकर मोटापे के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करना, जंक फूड और तले-भुने भोजन से दूरी बनाना जरूरी है। ज्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करने की भी सलाह दी गई है। पर्याप्त नींद लेना और तनाव कम रखना भी शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।
विशेषज्ञ शराब और स्मोकिंग से दूरी रखने की भी सलाह देते हैं, क्योंकि ये आदतें मोटापे और कैंसर दोनों के खतरे को बढ़ा सकती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यदि समय रहते वजन नियंत्रित कर लिया जाए, तो कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos