बुलेटप्रूफ कूटनीति: पीएम मोदी और रॉबर्ट फिको ने रक्षा-टेक्नोलॉजी डील पर लगाई मुहर! अब स्लोवाकिया में गूंजेगा भारत का AI डंका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्लोवाकिया के पीएम रॉबर्ट फिको ने ब्रातिस्लावा में हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों देशों के संबंधों को ‘व्यापक साझेदारी’ (Comprehensive Partnership) के स्तर पर ले जाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली स्लोवाकिया यात्रा है। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान रक्षा, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित कई प्रमुख क्षेत्रों पर रणनीतिक सहमति बनी है।
भारत-स्लोवाकिया के संबंधों को मिली नई ऊंचाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने बृहस्पतिवार को ब्रातिस्लावा में एक ऐतिहासिक मुलाकात की। इस मौके पर दोनों देशों के बीच रक्षा, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। इसे दोनों देशों के संबंधों को व्यापक भागीदारी का दर्जा देने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत-ईयू मुफ्त व्यापार समझौते (FTA) को शीघ्र कार्यान्वित करने के लिए स्लोवाकिया का विशेष आभार प्रकट किया।
AI के क्षेत्र में महत्वाकांक्षी कदम
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि स्लोवाकिया की एक यूनिवर्सिटी में ‘AI पर भारत चेयर’ (India Chair on AI) की स्थापना की जाएगी। पीएम मोदी ने जोर दिया कि AI का भविष्य नवाचार के साथ-साथ विश्वास, जिम्मेदारी और मानवीय गरिमा पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने बताया कि AI का उपयोग मानवता और प्रगति के लिए होना चाहिए और इसका भविष्य जिम्मेदारी और मानवीय गरिमा पर आधारित होना चाहिए। क्षेत्र में दोनों देशों के साझा सोच की पुष्टि करते हुए, उन्होंने इसे एक सशक्त माध्यम बताया।
संविधान में गहरी सांस्कृतिक निकटता
मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच गहरी सांस्कृतिक और लोगों के बीच संबंध हमारे साझे रिश्तों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। भारत के प्राचीन उपनिषदों का स्लोवाक भाषा में अनुवाद इस सांस्कृतिक निकटता का एक उदाहरण है। उन्होंने इस सांस्कृतिक गहराई को हमारे संबंधों की मजबूती का आधार बताया। अब यह देखने वाली बात होगी कि ये सांस्कृतिक आदान-प्रदान किस तरह से हमारे संबंधों को और मजबूत करेगा।
रक्षा सहयोग को मिली नई दिशा
पीएम मोदी ने बताया कि स्लोवाकिया में भारतीय मूल के लोग वहां की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। रक्षा सहयोग के क्षेत्र में दोनों देशों का आपसी विश्वास और रणनीतिक अभिसरण बहुत महत्वपूर्ण है। दोनों देशों ने रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग, संयुक्त विकास (Joint Development) और संयुक्त उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ (Letter of Intent) पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे दोनों देशों के लिए जॉइंट डेवलपमेंट और प्रोडक्शन में नई गति मिलेगी। भारत ने 2017 में स्लोवाकिया का पहला सैटेलाइट लॉन्च किया था, जो इस साझेदारी की मजबूती का एक प्रमाण है।
डिजिटल टेक्नोलॉजी व DPI
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) किया गया। इसके अलावा दोनों देश साइबर सुरक्षा, पोस्ट-क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस सेक्टर, ग्रीन एनर्जी और सिविल न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में भी मिलकर काम करेंगे।
UNSC सदस्यता का समर्थन
स्लोवाकिया के पीएम रॉबर्ट फिको ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थाई सदस्यता का पुरजोर समर्थन किया है। दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द से जल्द लागू करने के लिए प्रयासों में तेजी लाने पर सहमति जताई, जिससे दोनों देशों के उद्योगों और स्टार्टअप्स को लाभ मिल सके।
आर्थिक वृद्धि और भविष्य की संभावनाएँ
स्लोवाकिया के पीएम रॉबर्ट फिको ने कहा कि भारत की आर्थिक सफलता के लिए उन्हें बधाई दी, जिसे उन्होंने दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटलाइजेशन और AI के क्षेत्र में भारत ने जो प्रगति की है, वह विश्व के कई विकसित देशों से भी तेज है। ऐसे में यह महत्वपूर्ण है कि इन क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाया जाए ताकि दोनों देश लाभान्वित हो सकें।
भारत की सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन
फिको ने यह भी स्पष्ट किया कि स्लोवाकिया भारत की सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए समर्थन करेगा। यह एक महत्वपूर्ण निर्णय है, जो भारत और स्लोवाकिया के सहयोग को नई दिशा देने में मदद करेगा। इससे न केवल दोनों देशों के संबंधों में मजबूती आएगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत होगा। दोनों देश मिलकर चुनौतियों का सामना करेंगे और नई संभावनाओं का रास्ता खोलेंगे।
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