पेपर लीक से री-एग्जाम तक, NTA क्यों नहीं संभल पाई? क्या अब इसे भंग करना जरूरी है?

The CSR Journal Magazine
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की बैक टू बैक गड़बड़ियों ने छात्रों का भरोसा डगमगाया है। हाल ही में 2024 में 14 परीक्षाओं में से 5 में बड़े विवाद सामने आए। NEET-UG और UGC-NET जैसी परीक्षाओं के पेपर लीक और तकनीकी खराबियों ने इस संस्था की विश्वसनीयता को खतरे में डाल दिया है। केवल ₹448 करोड़ का सरप्लस होने के बावजूद, NTA की परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठते रहते हैं। क्या इसे भंग करना ही स्थायी समाधान होगा? या इसके सुधार की जरूरत है?

पेपर लीक और परीक्षा रद्द करने की घटनाएं

2026 में नीट-यूजी (NEET-UG) का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा को रद्द करना पड़ा, और फिर सीबीआई जांच के बाद दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। इसके अलावा, UGC-NET में इंग्लिश, कॉमर्स, और सोशियोलॉजी के प्रश्नपत्रों में भारी गलतियां देखी गई, जिसके चलते दोबारा एग्जाम कराने का आदेश दिया गया। इन घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य पर गहरा प्रभाव डाला है। क्या यह खुद NTA की प्रशासनिक कमियों का संकेत है?

NTA का ट्रैक रिकॉर्ड

NTA की स्थापना 2018 में हुई थी, लेकिन इसका हालिया ट्रैक रिकॉर्ड इसके उद्देश्यों के खिलाफ है। पिछले कुछ वर्षों में, कम से कम 5 परीक्षणों को स्थगित करना पड़ा है, और प्रश्नपत्रों में लीक या त्रुटियां लगातार बढ़ रही हैं। संसदीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में आयोजित 14 प्रतियोगी परीक्षाओं में 5 में बड़ी समस्याएं आई थीं। क्या ये घटनाएं एक लंबे समय से चल रही बीमारी का हिस्सा हैं?

संरचना और प्रशासन से जुड़ी समस्याएं

NTA की लगातार विफलताओं के पीछे इसके स्ट्रक्चर और एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़े कई कारण हैं। मंत्रालय के अनुसार, NTA के द्वारा ब्लैकलिस्ट किए गए वेंडर्स पर निर्भरता ने प्रक्रिया को और अधिक जटिल बना दिया है। इसके अलावा, धन की कोई कमी नहीं है, लेकिन क्षमता की कमी स्पष्ट है। NTA अपने ₹448 करोड़ के सरप्लस को खुद की क्षमताओं को बढ़ाने में उपयोग नहीं कर रही। क्या यह समस्या की जड़ में है?

परीक्षा प्रक्रिया में खामियां

पेन और पेपर परीक्षा की प्रक्रिया में पेपर लीक होने की संभावना मौजूद है। जबकि कंप्यूटर-आधारित परीक्षण में सुरक्षा के लिए कई उपाय हैं, फिर भी हैकिंग एक समस्या बन गई है। इस तरह की खामियां सुधार के दावों को चुनौती दे रही हैं। क्या NTA के पास वास्तविक सुधार के लिए योजनाएं हैं, या ये महज दिखावे की बातें हैं?

क्या NTA को भंग करना सही है?

NTA को रातों-रात भंग करना आसान हो सकता है, लेकिन इससे शिक्षा प्रणाली में एक बड़ा वैक्यूम पैदा होगा। लाखों छात्रों की परीक्षाओं के लिए नया संस्थान बनाने में समय लगेगा। असली जरूरत NTA की जवाबदेही तय करने की है। संसदीय समिति ने सुझाव दिया है कि पेन-एंड-पेपर परीक्षाओं पर अधिक ध्यान देना चाहिए। क्या NTA इन सुझावों को ध्यान में लेगी, या भविष्य में भी समस्याएं नजर आएंगी?

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