बिहार में अब ऐप से मिलेगी खाद, 1 अक्टूबर से शुरू होगा नया सिस्टम; किसानों को पहले करना होगा ये काम

The CSR Journal Magazine
बिहार के गया जिले में किसानों के लिए खाद खरीदने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1 अक्टूबर 2026 से Fertilizer Sale Application System लागू किया जाएगा। इसके जरिए उर्वरक की बिक्री और वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की तैयारी है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे ऐप को मोबाइल में डाउनलोड कर इसकी प्रक्रिया पहले से समझ लें, ताकि खाद खरीदते समय किसी तरह की परेशानी न हो।

1 अक्टूबर से लागू होगा नया सिस्टम

जिला प्रशासन के अनुसार, नए सिस्टम का उद्देश्य किसानों को उर्वरक खरीदने में सुविधा देना और खाद की बिक्री व वितरण पर बेहतर निगरानी रखना है। इसके तहत यूरिया, DAP समेत अन्य उर्वरकों की बिक्री को ऐप आधारित व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। किसानों और खुदरा उर्वरक विक्रेताओं से इस एप्लिकेशन को मोबाइल में डाउनलोड करने और इसके इस्तेमाल की जानकारी हासिल करने की अपील की गई है। प्रशासन का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद खाद खरीदने की प्रक्रिया ज्यादा सुव्यवस्थित होगी।

खाद के स्टॉक की भी हुई जांच

खाद की उपलब्धता और बिक्री को लेकर मिल रही शिकायतों के बीच मंगलवार को कृषि विभाग के अधिकारियों ने मानपुर स्थित थोक उर्वरक प्रतिष्ठान किसान सेवा केंद्र के गोदाम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गोदाम में रखी खाद की स्टैकिंग, बैच नंबर और लॉट नंबर की जांच की गई। इसके साथ ही उर्वरक पोर्टल पर दर्ज मात्रा और गोदाम में मौजूद वास्तविक स्टॉक का मिलान भी किया गया।

गया में यूरिया और DAP का पर्याप्त स्टॉक

जिला प्रशासन के मुताबिक, गया जिले में लक्ष्य के अनुसार नियमित रूप से उर्वरक की आपूर्ति हो रही है। वर्तमान में जिले में यूरिया समेत अन्य खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। फिलहाल जिले में 4,597.155 मीट्रिक टन यूरिया, 1,117.75 मीट्रिक टन DAP, 2,554.78 मीट्रिक टन NPK, 2,695.11 मीट्रिक टन SSP और 522.57 मीट्रिक टन MOP उपलब्ध है। इससे प्रशासन की ओर से किसानों को यह संदेश दिया गया है कि जिले में खाद की उपलब्धता बनी हुई है और आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है।

एक दिन में 3,418 किसानों को मिली खाद

आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में जिले के 3,418 किसानों को कुल 562.81 मीट्रिक टन उर्वरक वितरित किया गया। इनमें 2,706 किसानों ने 468.86 मीट्रिक टन यूरिया खरीदी। वहीं 545 किसानों को 80.65 मीट्रिक टन फास्फेटिक उर्वरक और 167 किसानों को 13.30 मीट्रिक टन पोटाश उर्वरक का वितरण किया गया।

किसानों को अभी से करनी होगी तैयारी

प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली Fertilizer Sale Application System की प्रक्रिया को पहले से समझ लें। इसके लिए ऐप को मोबाइल में डाउनलोड करने और उसके इस्तेमाल की जानकारी हासिल करने को कहा गया है। नई व्यवस्था का मकसद खाद की बिक्री और वितरण को पारदर्शी बनाना है, ताकि किसानों को उर्वरक खरीदने में सुविधा मिले और उपलब्ध स्टॉक की निगरानी भी बेहतर तरीके से की जा सके।

क्या बदलेगा किसानों के लिए?

1 अक्टूबर से गया जिले में खाद खरीदने की व्यवस्था ऐप आधारित सिस्टम से जुड़ जाएगी। इससे खरीद और वितरण का रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में ऐप का आधिकारिक नाम, रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया और बुकिंग के बाद खाद मिलने की विस्तृत प्रक्रिया नहीं बताई गई है। इसलिए इन प्रक्रियाओं की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

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