राजस्थान की शाही पहचान मानी जाने वाली लग्जरी ट्रेन ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ अपने 45 साल के इतिहास में पहली बार मई महीने में संचालित की गई है। अब तक यह ट्रेन केवल सितंबर से अप्रैल के बीच चलती थी, लेकिन इस बार विशेष मांग के चलते ऑफ सीजन में भी इसे चलाया गया। देश-विदेश के मेहमानों से भरी यह ट्रेन राजस्थान की संस्कृति, विरासत और शाही आतिथ्य का अनुभव कराने के लिए 20 से 27 मई तक खास यात्रा पर निकली है। पर्यटन विभाग इसे राजस्थान में ऑफ सीजन लग्जरी टूरिज्म के नए दौर की शुरुआत मान रहा है।
पहली बार ऑफ सीजन में चला शाही सफर
राजस्थान पर्यटन विकास निगम और भारतीय रेलवे की संयुक्त पहल ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ पहली बार मई की भीषण गर्मी में सफर पर निकली है। ट्रेन को एक राष्ट्रीयकृत बैंक ने विशेष टूर के लिए पूरी तरह बुक कराया है। गुरुवार को ट्रेन गांधी नगर स्टेशन पहुंची, जहां यात्रियों का पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में स्वागत किया गया। ट्रेन संचालक भगत सिंह लोहागढ़ के अनुसार, 45 साल के इतिहास में पहली बार पर्यटन के ऑफ सीजन में इस शाही ट्रेन का संचालन हो रहा है। रेलवे और पर्यटन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इससे राजस्थान में गर्मियों के दौरान भी लग्जरी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
1982 से दुनिया की प्रतिष्ठित लग्जरी ट्रेनों में शामिल
‘पैलेस ऑन व्हील्स’ की शुरुआत 26 जनवरी 1982 को हुई थी। इसे देश की पहली लग्जरी हेरिटेज ट्रेन माना जाता है। यह ट्रेन विदेशी और भारतीय पर्यटकों को राजस्थान की शाही संस्कृति, महलों, किलों और राजसी मेहमाननवाजी का अनूठा अनुभव कराती है। दुनिया की प्रतिष्ठित लग्जरी ट्रेनों में शामिल यह ट्रेन राजस्थान पर्यटन को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा चुकी है। ट्रेन के शाही कोचों के नाम राजस्थान की पूर्व रियासतों जैसे जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, बूंदी और जैसलमेर के नाम पर रखे गए हैं।
2610 किलोमीटर का सफर, जैसलमेर में सबसे लंबा ठहराव
यह विशेष यात्रा 20 मई से शुरू होकर 27 मई 2026 तक चलेगी। ट्रेन दिल्ली सफदरजंग स्टेशन से रवाना होकर जयपुर पहुंची और कुल 2610 किलोमीटर का सफर तय करेगी। इस दौरान ट्रेन जयपुर, सवाई माधोपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, मारवाड़ जंक्शन, जैसलमेर और बीकानेर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों से होकर गुजरेगी। यात्रा के दौरान पर्यटकों को राजस्थान के ऐतिहासिक किले, महल, वन्यजीव और सांस्कृतिक धरोहर देखने का अवसर मिलेगा। ट्रेन का सबसे लंबा ठहराव जैसलमेर में रखा गया है, जहां मेहमान थार के रेगिस्तान और स्वर्णनगरी की खूबसूरती का आनंद लेंगे।
ट्रेन के अंदर शाही होटल जैसी सुविधाएं
भारतीय रेलवे की ‘भारत गौरव ट्रेन नीति’ के तहत संचालित इस विशेष ट्रेन का नंबर 00290 रखा गया है। ट्रेन में कुल 22 कोच हैं, जिनमें शाही सैलून, सुपर डीलक्स कोच, रेस्टोरेंट-कम-बार, किचन, स्पा और स्टाफ कोच शामिल हैं।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार, मई में राजस्थान का तापमान सामान्यत 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहता है, इसलिए पहले कभी इस मौसम में ट्रेन नहीं चलाई गई। लेकिन इस बार मिली विशेष बुकिंग ने यह साबित कर दिया कि राजस्थान का लग्जरी पर्यटन हर मौसम में पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखता है।
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