ओडिशा की एक अदालत ने पाकिस्तानी एजेंटों के साथ संवेदनशील जानकारियाँ साझा करने के आरोप में 7 लोगों को 3 साल की जेल की सजा सुनाई है। मामला तब उजागर हुआ जब पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें कई आपत्तिजनक चीजें बरामद की गईं। इन चीजों में महंगे मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य उपकरण शामिल हैं। इन सभी पर जुर्माना भी लगाया गया है।
दोषियों की पहचान और कार्रवाई
दोषियों की पहचान जाजपुर के प्रीतम कर, सौम्य रंजन पटनायक, नयागढ़ के पथानी सामंत लेंका, सरोज कुमार नायक, प्रद्युम्न साहू, पुणे के अभिजीत संजय, और गुवाहाटी के इकबाल हुसैन के रूप में की गई है। एसडीजेएम कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 32,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सिम कार्ड की अवैध गतिविधियाँ
आरोपियों ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल करते हुए सिम कार्ड हासिल किए और OTP आधारित धोखाधड़ी के जरिए संवेदनशील जानकारियाँ साझा कीं। ओडिशा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कहा कि इन लोगों ने पाकिस्तानी एजेंटों के साथ मिलकर ऐसी गतिविधियों को अंजाम दिया जो भारत की आंतरिक सुरक्षा को खतरे में डाल सकती थीं।
पुलिस ने इंटरपोल से मांगी सहायता
इस मामले की तफ्तीश में ओडिशा पुलिस ने इंटरपोल से भी सहायता मांगी, लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से कोई जानकारी साझा नहीं की गई। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार के आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
छापेमारी में मिली वस्तुएं
पुलिस ने छापेमारी के दौरान 19 महंगे मोबाइल फोन, 47 सिम कार्ड, 61 एटीएम कार्ड, 23 सिम कार्ड कवर, और एक लैपटॉप बरामद किया है। इन वस्तुओं से यह स्पष्ट है कि दोषियों की गतिविधियाँ कितनी व्यापक थीं और ये लोग कितनी सोच-समझकर कार्य कर रहे थे।
सुरक्षा पर पड़ने वाला असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियाँ केवल देश की आंतरिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सूचना प्रौद्योगिकी की सुरक्षा को भी खतरे में डालती हैं। इससे साफ है कि सुरक्षा एजेंसियों को इस मामले पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
अगले कदम
ओडिशा पुलिस ने इस मामले में आगे की कार्रवाई की योजना बनाई है। अधिकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए सख्त कानूनों और निगरानी को बढ़ावा दिया जाए। यह तब भी महत्वपूर्ण है जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है। इन सजाओं से एक संदेश जरूर जाएगा कि देश के प्रति संवेदनशील जानकारी साझा करने वाले कानूनी कार्रवाई का सामना करेंगे।
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