दिनभर ऑफिस में दौड़भाग या काम के दौरान पैदल चलना आपकी फिटनेस के लिए पर्याप्त नहीं है। नई रिसर्च में सामने आया है कि शरीर के सेल्स ऑफिस की हलचल और असली एक्सरसाइज में फर्क समझते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, लंबी उम्र और बेहतर स्वास्थ्य के लिए रोज़ाना अपनी पसंद की फिजिकल एक्टिविटी करना बेहद जरूरी है।
काम की भागदौड़ से नहीं रुकती बढ़ती उम्र
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि ऑफिस की भागदौड़, सीढ़ियां चढ़ना या दिनभर इधर-उधर चलना ही पर्याप्त एक्सरसाइज है। लेकिन हाल ही में प्रकाशित एक अंतरराष्ट्रीय रिसर्च ने इस सोच को गलत साबित कर दिया है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि शरीर केवल काम के दौरान होने वाली हलचल से जवान नहीं रहता, बल्कि उसे अलग से की गई एक्सरसाइज की जरूरत होती है। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS) के वैज्ञानिकों ने करीब 1.45 लाख लोगों के स्वास्थ्य डेटा का अध्ययन किया। यह रिसर्च मेडिकल जर्नल “द लैंसेट” में प्रकाशित हुई है। अध्ययन में पाया गया कि जो लोग अपने खाली समय में नियमित रूप से वॉक, रनिंग, योग, साइकलिंग या जिम जैसी गतिविधियां करते हैं, उनके शरीर की बायोलॉजिकल उम्र कम दिखाई दी। यानी उनके सेल्स ज्यादा स्वस्थ और जवान पाए गए। इसके उलट, जिन लोगों का काम शारीरिक मेहनत वाला था या जो दिनभर ऑफिस में व्यस्त रहते थे, उनमें ऐसा कोई खास फायदा नहीं दिखा।
डीएनए और सेल्स बताते हैं शरीर की असली उम्र
वैज्ञानिकों ने इस रिसर्च में एपिजेनेटिक क्लॉक्स नाम की तकनीक का इस्तेमाल किया। यह तकनीक हमारे डीएनए के पैटर्न को देखकर यह अनुमान लगाती है कि शरीर के सेल्स कितनी तेजी से बूढ़े हो रहे हैं। रिसर्च में पाया गया कि नियमित एक्सरसाइज करने वालों के सेल्स उनकी वास्तविक उम्र से कम उम्र के नजर आए। इसका मतलब यह है कि शरीर अंदर से ज्यादा स्वस्थ और मजबूत बना रहता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, जब हम अपनी पसंद से वर्कआउट करते हैं, तब शरीर में कई पॉजिटिव बदलाव होते हैं। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, मांसपेशियां मजबूत बनती हैं और शरीर की रिकवरी क्षमता बढ़ती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ कुर्सी से उठकर चल लेना या ऑफिस में बार-बार घूमना उतना असरदार नहीं होता, क्योंकि उसमें शरीर को वह सक्रियता और ऊर्जा नहीं मिलती जो एक्सरसाइज से मिलती है।

