उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से 1000 लोग फंसे: UP में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 10 की मौत; राजस्थान में 6 ट्रेन कैंसिल, मकान ढहा

The CSR Journal Magazine
मानसून ने गुरुवार को पूरे उत्तर भारत को अपनी चपेट में ले लिया है। यूपी के 69 शहरों में लगातार बारिश के कारण कई दुखद घटनाएं घटी हैं। इन घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो चुकी है। बुलंदशहर में एक पुरानी मस्जिद की दीवार गिरने से एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान चली गई, वहीं चार लोग घायल हुए हैं। हरदोई में भी पानी में नहाते वक्त दो बहनें बह गईं, जिसमें से एक को बचा लिया गया।

उत्तराखंड में लैंडस्लाइड का गंभीर संकट

उत्तराखंड के नौ जिलों में भारी बारिश के चलते सभी स्कूलों को छुट्टी घोषित कर दी गई है। पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग पर मलबा गिरने से यह मार्ग बंद हो गया है। हरिद्वार में सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जहां तीन से चार फीट तक पानी भर गया है। उत्तरकाशी में यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे भी लैंडस्लाइड की वजह से बंद पड़े हैं। इन घटनाओं के चलते करीब 1000 यात्री फंसे हुए हैं।

राजस्थान में बढ़ती मुश्किलें

राजस्थान के धौलपुर में भी बारिश के चलते एक मकान ढह गया, जिसमें छह लोग मलबे में दब गए। अजमेर के किशनगढ़ में एक कच्चे मकान के गिरने से एक परिवार के माता-पिता और उनका बच्चा भी दब गया। राज्य में भारी बारिश के चलते संकट बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय प्रशासन को राहत कार्य में जुटना पड़ा है।

दिल्ली में भी बारिश से जनजीवन प्रभावित

दिल्ली में भी बुधवार रात से तेज बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे कई इलाकों में पानी भर गया। इस वजह से पेड़ गिरने की घटनाएं भी हुईं, जिससे ट्रैफिक में भारी जाम लग गया। दिल्ली-नोएडा एक्सप्रेसवे और कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बारिश के कारण स्थिति गंभीर होती जा रही है, जिससे जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित

राजस्थान में बारिश के कारण छह ट्रेनें कैंसिल कर दी गई हैं और कई ट्रेनें लेट भी हो रही हैं। लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशान हैं, जिससे यात्रा करना मुश्किल हो गया है। स्थानीय अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कदम उठाए हैं, लेकिन चुनौती बड़ी है।

जलवायु परिवर्तन का असर या प्राकृतिक घटना?

मानसून की ये घटनाएं एक बार फिर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को उजागर करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती हुई गर्मी और पर्यावरणीय बदलाव ने इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं को बढ़ावा दिया है। अगले दो दिन के लिए भी मौसम की स्थिति को लेकर चेतावनी दी गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहना होगा।

एहतियात बरतें, सुरक्षित रहें

इस मुश्किल समय में स्थानीय प्रशासन से लेकर जनता तक सभी को सावधान रहने की जरूरत है। बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की आपात स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहने की अपील की जा रही है। आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

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