राष्ट्रीय काव्य उत्सव 2026’ : अपनी आवाज़ से कविता को दें नई पहचान, कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर
विद्यालयी शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय ने देशभर के कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों की साहित्यिक प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से ‘राष्ट्रीय काव्य उत्सव 2026’ (Rashtriya Kavya Utsav 2026) का आयोजन किया है। यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय (Rashtriya e-Pustakalaya – ReP) के माध्यम से आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में कविता-पाठ, साहित्य के प्रति रुचि, आत्मविश्वास, मंच संचालन क्षमता तथा अभिव्यक्ति कौशल का विकास करना है। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए विद्यार्थी अपनी पसंदीदा कविता का 60 से 90 सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड कर अपलोड कर सकते हैं। प्रतियोगिता में पंजीकरण और वीडियो अपलोड करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।
शिक्षा नीति 2020 के अनुकूल
शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि कविता केवल शब्दों का संग्रह नहीं होती, बल्कि वह समाज, संस्कृति, संवेदनाओं और विचारों का जीवंत माध्यम होती है। यही कारण है कि राष्ट्रीय काव्य उत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल कविता पढ़ने और समझने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें अपनी आवाज़ और प्रस्तुति के माध्यम से पूरे देश के सामने अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी दिया जा रहा है। यह पहल नई शिक्षा नीति 2020 के उस उद्देश्य को भी मजबूत करती है, जिसमें भाषा, साहित्य, कला और रचनात्मकता को शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है।
60 से 90 सेकंड का वीडियो तैयार करें
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय पर उपलब्ध निर्धारित कविता सूची में से किसी एक कविता का चयन करना होगा। इस सूची में हिंदी सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं की अनेक प्रसिद्ध कविताएं और प्रतिष्ठित कवियों की रचनाएं शामिल हैं। विद्यार्थी कविता का प्रभावशाली वाचन करते हुए 60 से 90 सेकंड का वीडियो तैयार करेंगे और उसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपलोड करेंगे।
सम्मान से पहचान
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सर्वश्रेष्ठ 10 प्रतिभागियों को राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय में सम्मानित किया जाएगा। वहीं प्रतियोगिता के सभी पात्र प्रतिभागियों को शिक्षा मंत्रालय द्वारा सहभागिता प्रमाणपत्र (Certificate of Participation) भी प्रदान किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ-साथ उनके शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के रिकॉर्ड में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ सकेगी।
व्यक्तित्व विकास का अवसर
विशेषज्ञों का कहना है कि कविता-पाठ जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे भाषा पर पकड़ मजबूत होती है, उच्चारण में सुधार आता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और सार्वजनिक मंच पर बोलने की झिझक दूर होती है। साथ ही विद्यार्थी भारतीय साहित्य और महान कवियों की रचनाओं से भी परिचित होते हैं, जिससे उनमें साहित्यिक संवेदनशीलता और सांस्कृतिक चेतना का विकास होता है।
प्रतियोगिता में भाग लेने की प्रक्रिया
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राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय की वेबसाइट पर जाएं।
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उपलब्ध कविता सूची में से अपनी पसंद की कविता चुनें।
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कविता का 60 से 90 सेकंड का स्पष्ट और प्रभावशाली वीडियो रिकॉर्ड करें।
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निर्धारित निर्देशों के अनुसार वीडियो अपलोड करें।
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आवश्यक विवरण भरकर प्रविष्टि जमा करें।
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अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 से पहले आवेदन अवश्य पूरा करें।

