80 हजार करोड़ का बजट, लेकिन रिकॉर्ड में बड़ी गड़बड़ी से घिरी BMC 

The CSR Journal Magazine

 बजट, भ्रष्टाचार और AI- बदलती BMC की नई तस्वीर, रिकॉर्ड बजट के साथ नई चुनौतियों का सामना कर रही बीएमसी

 मुंबई की सबसे बड़ी नागरिक संस्था Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) इन दिनों कई बड़े फैसलों और विवादों को लेकर चर्चा में है। एक तरफ बीएमसी ने वर्ष 2026-27 के लिए 80,952.56 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पारित किया है, वहीं दूसरी तरफ जन्म प्रमाणपत्रों में भारी अनियमितताओं का खुलासा प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है। इसके साथ ही बीएमसी अब नागरिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का सहारा लेने जा रही है।

80,952 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट

बीएमसी द्वारा पेश किया गया 2026-27 का बजट अब तक का सबसे बड़ा बजट माना जा रहा है। मुंबई जैसे महानगर की बढ़ती आबादी, ट्रैफिक, जलभराव और बुनियादी ढांचे की चुनौतियों को देखते हुए इस बजट में बड़े पैमाने पर पूंजीगत खर्च का प्रावधान किया गया है। कुल बजट का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि यह बजट मुंबई को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और विकसित शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।

सड़कों, पुलों और सीवेज परियोजनाओं पर सबसे ज्यादा फोकस

बीएमसी ने इस बजट में सड़क कंक्रीटीकरण, कोस्टल रोड, पुल निर्माण और सीवेज ट्रीटमेंट परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया है। मुंबई सीवेज डिस्पोजल प्रोजेक्ट के लिए हजारों करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं ताकि समुद्री प्रदूषण और जलनिकासी की समस्या को कम किया जा सके। इसके अलावा गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड, नए फ्लाईओवर और ट्रैफिक सुधार परियोजनाओं पर भी बड़ा निवेश किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इन योजनाओं से ट्रैफिक जाम कम होगा और यात्रा का समय घटेगा।

स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को भी मिला बड़ा बजट

बीएमसी ने स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं के विस्तार पर भी जोर दिया है। अस्पतालों को आधुनिक बनाने, डिजिटल हेल्थ सिस्टम लागू करने और नागरिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए अलग से फंड निर्धारित किया गया है। वहीं बीएमसी स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम, स्मार्ट शिक्षा और तकनीकी सुविधाएं बढ़ाने की योजना बनाई गई है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी स्कूलों और अस्पतालों को निजी संस्थानों के बराबर सुविधाएं देने की कोशिश की जा रही है।

जन्म प्रमाणपत्रों में 10 हजार से ज्यादा गड़बड़ियों का खुलासा

बीएमसी की आंतरिक जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। वर्ष 2024 से 2026 के बीच 10 हजार से अधिक जन्म प्रमाणपत्रों में बिना किसी वैध दस्तावेज के सुधार किए गए। कई मामलों में नाम, जन्मतिथि और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी बदली गई लेकिन संबंधित फाइलों में कोई सपोर्टिंग दस्तावेज मौजूद नहीं थे। इस खुलासे ने बीएमसी की रिकॉर्ड प्रणाली और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फर्जी पहचान और धोखाधड़ी का बढ़ा खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि जन्म प्रमाणपत्र किसी भी नागरिक की मूल पहचान का सबसे अहम दस्तावेज होता है। ऐसे में बिना सत्यापन के बदलाव होना बेहद गंभीर मामला है। इससे फर्जी पहचान पत्र बनवाने, सरकारी योजनाओं का गलत फायदा उठाने और अन्य वित्तीय धोखाधड़ी की आशंका बढ़ गई है। बीएमसी अब यह जांच कर रही है कि इन बदलावों के पीछे कौन अधिकारी जिम्मेदार थे और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।

रिकॉर्ड सुरक्षा के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल

अनियमितताओं के सामने आने के बाद बीएमसी ने अब रिकॉर्ड सुरक्षा के लिए AI आधारित तकनीक लागू करने का फैसला किया है। नई प्रणाली के तहत जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र समेत अन्य नागरिक दस्तावेजों की डिजिटल स्कैनिंग और सत्यापन AI की मदद से किया जाएगा। यह तकनीक संदिग्ध बदलावों की पहचान करने, डेटा मिलान करने और रिकॉर्ड में छेड़छाड़ रोकने में मदद करेगी। प्रशासन का दावा है कि इससे भविष्य में फर्जीवाड़े की घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगेगी।

बीएमसी ने लॉन्च की 2026 सिविक डायरी

बीएमसी ने अपनी 2026 “सिविक डायरी” भी लॉन्च की है। इसमें शहर की प्रमुख परियोजनाओं, नागरिक सेवाओं, बजट योजनाओं और प्रशासनिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई है। बीएमसी का कहना है कि यह डायरी नागरिकों को शहर के विकास कार्यों से जोड़ने और प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास है।

दुर्घटना-प्रवण इलाकों की विशेष जांच शुरू

मुंबई में लगातार बढ़ते सड़क हादसों और मानसून के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए बीएमसी ने दुर्घटना-प्रवण इलाकों की जांच शुरू की है। इस अभियान के तहत खराब सड़कों, गड्ढों, ट्रैफिक ब्लैक स्पॉट और जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि सुधारात्मक कदम उठाकर सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाया जाएगा।

विपक्ष ने उठाए प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल

बीएमसी के रिकॉर्ड बजट और नई परियोजनाओं के बावजूद विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मुंबई अब भी ट्रैफिक जाम, गड्ढों, जलभराव और अव्यवस्थित नागरिक सेवाओं जैसी समस्याओं से जूझ रही है। जन्म प्रमाणपत्र अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद विपक्ष ने बीएमसी की जवाबदेही और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

आधुनिक मुंबई के दावों के बीच भरोसे की परीक्षा

बीएमसी एक ओर मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और आधुनिक तकनीक के जरिए मुंबई को विश्वस्तरीय शहर बनाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर रिकॉर्ड में गड़बड़ी और प्रशासनिक लापरवाही की घटनाएं उसकी छवि को प्रभावित कर रही हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि AI आधारित निगरानी और नई जांच प्रणाली वास्तव में व्यवस्था को कितना पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बना पाती है।
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