महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव परिणाम 2026: महायुति की ऐतिहासिक जीत, MVA को करारी शिकस्त

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महाराष्ट्र MLC चुनाव: भाजपा नीत महायुति की प्रचंड जीत, 17 में से 16 सीटों पर लहराया परचम, विपक्ष का सूपड़ा साफ

महाराष्ट्र विधान परिषद के चुनाव की मतगणना आज सुबह 8 बजे शुरू हो चुकी है। शुरुआती नतीजों में महायुति (बीजेपी-शिंदे गुट) ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है और कई सीटों पर जीत हासिल की है। खासकर सांगली-सातारा में बीजेपी उम्मीदवार धैर्यशील कदम ने भारी मतों से जीत हासिल की है। अमरावती में प्रवीण पोटे और धाराशिव-लातूर-बीड में बसवराज पाटील ने भी सफलतापूर्वक अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराया है। अब सभी की नजरें अन्य परिणामों पर टिकी हुई हैं।

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव 2026: भाजपा नीत महायुति की प्रचंड जीत

महाराष्ट्र की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य विधान परिषद (MLC) की 17 सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने ऐतिहासिक और एकतरफा जीत दर्ज की है। इस चुनाव में महायुति (भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजीत पवार की एनसीपी) ने विपक्षी महाविकास आघाड़ी (MVA) को चारों खाने चित करते हुए 17 में से कुल 16 सीटों पर कब्जा जमा लिया है। इस प्रचंड जीत के साथ ही महायुति ने आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सूबे की सियासत में अपनी मजबूत पकड़ का अहसास करा दिया है। दूसरी ओर, कांग्रेस, शरद पवार की एनसीपी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) वाले विपक्षी गठबंधन ‘MVA’ को इस चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है।

सुबह 8 बजे शुरू हुई थी मतगणना

शुरुआती दौर से ही दिखा महायुति का दबदबास्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली 11 सीटों के लिए आज सुबह 8 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना प्रक्रिया शुरू की गई। मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि काउंटिंग हॉल में मौजूद थे। जैसे ही वोटों की गिनती शुरू हुई, पहले ही दौर से महायुति के उम्मीदवारों ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदियों पर भारी बढ़त बनानी शुरू कर दी। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, अधिकांश सीटों पर महायुति के प्रत्याशियों ने पहली पसंती के वोटों के आधार पर ही आवश्यक कोटा पार कर लिया, जिसके चलते दोपहर होते-होते नतीजों की पूरी तस्वीर साफ हो गई।

चुनाव का पूरा गणित-6 सीटों पर पहले ही हो चुकी थी निर्विरोध जीत

महाराष्ट्र विधान परिषद की कुल 17 सीटों पर चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई थी। हालांकि, नाम वापसी के अंतिम दिन राजनीतिक समीकरणों और आंकड़ों के खेल को देखते हुए 6 सीटों पर महायुति के उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए थे। जिन सीटों पर महायुति ने बिना किसी विरोध के जीत दर्ज की थी, उनमें शामिल हैं-
ठाणे स्थानीय निकाय सीट
पुणे स्थानीय निकाय सीट
यवतमाळ सीट
रायगड-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग सीट
वर्धा-गडचिरोली-चंद्रपूर सीटअहिल्यानगर (अहमदनगर) सीट
इन 6 सीटों पर निर्विरोध जीत के बाद, बाकी बची 11 सीटों के लिए बीते 18 जून को मतदान कराया गया था। आज सुबह जब इन 11 सीटों के लिए मतपेटियां खोली गईं, तो महायुति की चुनावी मशीनरी के सामने विपक्ष टिक नहीं सका और गठबंधन ने इन 11 में से 10 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

नाशिक सीट पर सबसे बड़ा उलटफेर

इस चुनाव में जहाँ एक तरफ महायुति ने क्लीन स्वीप जैसी स्थिति पैदा कर दी, वहीं नाशिक स्थानीय निकाय सीट पर सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला। इस सीट पर महायुति की ओर से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने नरेंद्र दराडे को मैदान में उतारा था। लेकिन भाजपा के बागी नेता गोकुल गीते ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़कर महायुति के आधिकारिक उम्मीदवार को करारी शिकस्त दे दी।जीत दर्ज करने के बाद गोकुल गीते ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं भले ही अब राजनीतिक रूप से आसमान छू लूं या विमान में बैठूं, लेकिन मेरे पैर हमेशा जमीन पर ही रहेंगे और मैं जनता के लिए काम करता रहूंगा।” इस बीच, सूत्रों के हवाले से खबर है कि नतीजों के तुरंत बाद ही महायुति के डैमेज कंट्रोल की कोशिशें शुरू हो गई हैं और गोकुल गीते को वापस अपने पाले में लाने के लिए वरिष्ठ मंत्रियों ने उनसे संपर्क साधा है।

महाविकास आघाड़ी (MVA) में क्रॉस वोटिंग और करारी हार

यह चुनाव विपक्षी महाविकास आघाड़ी (MVA) के लिए किसी बड़े दुःस्वप्न से कम नहीं रहा। नतीजों से साफ है कि कई सीटों पर एमवीए गठबंधन के भीतर बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग (Cross Voting) हुई है। सोलापूर सीट का उदाहरण लें, तो यहाँ भाजपा के राजेंद्र राऊत को 483 वोट मिले, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के उम्मीदवार वसंतराव देशमुख को महज 118 वोटों से संतोष करना पड़ा। यहाँ जीत का अंतर 365 वोटों का रहा, जो यह दर्शाता है कि विपक्ष के पार्षदों और जनप्रतिनिधियों ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ जाकर महायुति के पक्ष में मतदान किया।

नांदेड सीट पर उलझा मामला

इसी तरह नांदेड सीट पर कांग्रेस की ऐन वक्त पर नाम वापसी और रणनीतिक चूक के कारण ठाकरे सेना के उम्मीदवार कृष्णा पाटील आष्टीकर को करारी हार का सामना करना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष के पास पर्याप्त संख्याबल न होने के बावजूद चुनाव मैदान में उतरना और एकजुटता की कमी ही उनकी इस दुर्गति की मुख्य वजह बनी।

प्रमुख विजेता उम्मीदवार और सीटों का विवरण

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के नतीजों में महायुति गठबंधन के उम्मीदवारों ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में एकतरफा और प्रभावशाली जीत दर्ज की है। सांगली-सातारा निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के धैर्यशील कदम ने विपक्षी खेमे को पछाड़ते हुए भारी मतों के अंतर से बड़ी जीत हासिल की। इसी तरह, सोलापूर सीट पर भाजपा के राजेंद्र राऊत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के वसंतराव देशमुख को करारी शिकस्त दी, जहाँ जीत का अंतर इतना बड़ा था कि इसने विपक्ष के भीतर बड़े पैमाने पर हुई क्रॉस वोटिंग को उजागर कर दिया। जळगाव सीट पर भाजपा के ही नंदकिशोर महाजन ने जीत का परचम लहराया, जबकि नागपूर सीट पर राजीव पोतदार ने महायुति की पकड़ को और मजबूत करते हुए शानदार सफलता हासिल की।

अमरावती लातूर बीड में शानदार प्रदर्शन

विदर्भ क्षेत्र की बात करें तो अमरावती सीट से भाजपा उम्मीदवार प्रवीण पोटे ने अपनी सीट बरकरार रखते हुए जीत दर्ज की, और भंडारा-गोंदिया क्षेत्र से अविनाश ब्राम्हणकर ने भी महायुति के खाते में एक और महत्वपूर्ण सीट जोड़ दी। मराठवाड़ा क्षेत्र में भी महायुति का प्रदर्शन बेहद दमदार रहा। धाराशिव-लातूर-बीड स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के बसवराज पाटील ने जीत का परचम लहराया। इसके साथ ही नांदेड सीट पर भाजपा के अमरनाथ राजूरकर और छत्रपती संभाजीनगर-जालना सीट पर सुहास शिरसाट ने शानदार जीत दर्ज की, जिसने इस पूरे क्षेत्र में विपक्षी दलों के समीकरणों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

नाशिक रहा सबसे चर्चित

गठबंधन के सहयोगी दलों में, परभणी-हिंगोली सीट से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के उम्मीदवार सईद खान ने जीत हासिल कर महायुति की ताकत को और बढ़ाया। हालांकि, इस पूरे चुनाव में सबसे बड़ा उलटफेर नाशिक स्थानीय निकाय सीट पर देखने को मिला। इस सीट पर महायुति के आधिकारिक उम्मीदवार नरेंद्र दराडे (शिंदे शिवसेना) को भाजपा के ही बागी नेता गोकुल गीते ने निर्दलीय चुनाव लड़कर हरा दिया। गोकुल गीते की इस अप्रत्याशित जीत ने नाशिक के परिणाम को इस पूरे चुनाव का सबसे चर्चित मुकाबला बना दिया।

विधानसभा चुनाव से पहले महायुति का मनोबल सातवें आसमान पर

विधान परिषद के ये नतीजे महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद दूरगामी साबित होने वाले हैं। लोकसभा चुनाव के बाद विपक्ष जहाँ काफी आक्रामक नजर आ रहा था, वहीं इस चुनाव परिणाम ने विपक्ष के दावों की हवा निकाल दी है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व (विशेषकर देवेंद्र फडणवीस) और महायुति के रणनीतिकारों ने जिस तरह से अपनी गोटियां बिछाईं, उससे साफ है कि स्थानीय निकायों पर अभी भी महायुति की पकड़ बेहद मजबूत है। कुछ ही महीनों बाद राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में 17 में से 16 सीटें जीतकर महायुति के कार्यकर्ताओं का मनोबल अब सातवें आसमान पर पहुंच गया है।

विपक्ष के लिए आत्ममंथन

MVA के लिए यह परिणाम एक चेतावनी है। गठबंधन के साथी दलों के बीच समन्वय की कमी और विधायकों-पार्षदों का असंतोष एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है, जिसे अगर समय रहते नहीं सुधारा गया तो आगामी चुनावों में उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। फिलहाल, पूरे महाराष्ट्र में भाजपा और महायुति गठबंधन के दफ्तरों के बाहर जश्न का माहौल है, गुलाल उड़ाए जा रहे हैं और आतिशबाजी हो रही है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार ने सभी विजयी उम्मीदवारों को बधाई देते हुए इसे “जनता के विश्वास और महायुति के विकास कार्यों की जीत” बताया है।

बीजेपी की शानदार जीत

सांगली-सातारा विधान परिषद चुनाव में महायुति समर्थित बीजेपी उम्मीदवार धैर्यशील कदम ने 593 प्रथम वरीयता मत प्राप्त किए और अपने निकटतम प्रतिद्वंदी अभयसिंह जगताप को 301 मतों के अंतर से हराया। अभयसिंह ने नतीजे के बाद दावा किया कि महायुति के लगभग 100 मत उनके पक्ष में आए हैं, लेकिन खाता खुला रहा। इस जीत से बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।

जलगांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

जलगांव में मतगणना जिला कलेक्टर कार्यालय पर हो रही है। यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई है। महायुति समर्थित भाजपा उम्मीदवार नंदकिशोर महाजन और महाविकास आघाड़ी समर्थित शरद तायडे के बीच सीधा मुकाबला है। इस सीट के चुनाव ने सुर्खियों में जगह बनाई है, खासकर शिवसेना शिंदे गुट में बगावत की वजह से।

नांदेड में प्रतिष्ठा की लड़ाई

नांदेड में सुबह 8 बजे से मतगणना चल रही है। यहां 452 में से 451 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया था। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और सांसद नागेश पाटील आष्टीकर के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है। नतीजों पर न सिर्फ जिले, बल्कि राज्य भर की नजरें हैं।

सोलापूर में मुख्य मुकाबला

सोलापूर में बीजेपी के पूर्व विधायक राजेंद्र राऊत और राष्ट्रवादी के विनायक देशमुख के बीच सीधा मुकाबला है। बीजेपी के मंत्री जयकुमार गोरे ने जीत की उम्मीद जताई है, वहीं, विपक्ष भी अपने प्रतिस्पर्धी को जीतने का दावा कर रहा है। सोलापूर में चुनावी परिणाम के बाद खुशियाँ मनाने का माहौल बन गया है।

कड़ा मुकाबला कई सीटों पर

नासिक, पुणे, नांदेड़, नागपुर और धाराशिव-लातूर-बीड सीटों पर नतीजों का इंतजार है। ये सभी सीटें महायुति बनाम महाविकास आघाड़ी के बीच राजनीतिक परीक्षा के रूप में देखी जा रही हैं। इन सीटों पर जो भी नतीजे आएंगे, वे भविष्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे।

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