महाराष्ट्र में सबसे बड़ी कर्जमाफी का ऐलान! 56 लाख किसानों को मिलेगा लाभ, महिला किसानों को मिलेगा कानूनी दर्जा

The CSR Journal Magazine
महाराष्ट्र विधानसभा के मॉनसून सत्र से ठीक पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों और महिला किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। राज्य सरकार ने 36,585 करोड़ रुपये की कर्जमाफी योजना को मंजूरी देने का फैसला किया है, जिससे राज्य के लगभग 56 लाख किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने इसे महाराष्ट्र के इतिहास की सबसे बड़ी कर्जमाफी बताया है।

36,585 करोड़ रुपये की कर्जमाफी होगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला किसी चुनाव को ध्यान में रखकर नहीं लिया गया है, बल्कि किसानों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्जमाफी कोई स्थायी समाधान नहीं है, लेकिन संकट में फंसे किसानों को दोबारा खड़ा करने और उन्हें नई बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने का यह एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

महिला किसानों को मिलेगा कानूनी अधिकार

इस बार मानसून सत्र में सरकार करीब 10 महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है। इनमें सबसे चर्चित विधेयक महिला किसानों को कानूनी किसान का दर्जा देने से जुड़ा है। वर्तमान में खेती का बड़ा हिस्सा महिलाएं संभालती हैं, लेकिन उन्हें आधिकारिक तौर पर किसान नहीं माना जाता। प्रस्तावित कानून लागू होने के बाद महिला किसानों को सरकारी योजनाओं, कृषि अनुदान, बीमा, ऋण और अन्य लाभ सीधे मिल सकेंगे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि कृषि वैज्ञानिक डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन और उनकी बेटी डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने भी महिला किसानों को कानूनी पहचान देने की सिफारिश की थी।

बारिश ने बढ़ाई चिंता, किसानों से जल्दबाजी में बुवाई न करने की अपील

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में कमजोर मानसून को लेकर चिंता भी जताई। उन्होंने कहा कि जून महीने में सामान्य से लगभग 80 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। विदर्भ में 80 प्रतिशत, मध्य महाराष्ट्र में 83 प्रतिशत, कोंकण में 86 प्रतिशत और मराठवाड़ा में 69 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज हुई है। कई जिलों में अभी तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे जल्दबाजी में बुवाई न करें। खेत में कम से कम 100 मिलीमीटर बारिश का पानी जमा होने के बाद ही बुवाई की जाए ताकि दोबारा बुवाई की नौबत न आए।

पानी का संकट गहराने की आशंका

राज्य के जलाशयों में पानी का भंडारण भी चिंता का विषय बन गया है। सरकार के अनुसार फिलहाल महाराष्ट्र के बांधों में केवल 24 प्रतिशत पानी बचा है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 33 प्रतिशत था। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि मानसून और अधिक देर से आता है तो कई क्षेत्रों में पेयजल संकट खड़ा हो सकता है। इसी वजह से कुछ इलाकों में सिंचाई के लिए पानी के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने जैसे कदम उठाए गए हैं।

एकनाथ शिंदे बोले- राज्य की तिजोरी पर पहला हक किसान का

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य की तिजोरी पर पहला अधिकार किसानों का है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले भी किसानों के लिए आर्थिक सहायता, प्रोत्साहन अनुदान और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत पैकेज दिए हैं। शिंदे ने कहा कि किसानों के मुद्दों पर विधानसभा में सकारात्मक चर्चा होगी।

सुनेत्रा पवार ने महिला किसानों के सम्मान की बात कही

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किया है। ऐसे समय में महिला किसानों को कानूनी पहचान देना ऐतिहासिक कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिला किसानों को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस विधेयक के पारित होने से लाखों महिलाओं को लाभ मिलेगा।

मानसून सत्र में पेश होंगे 10 अहम विधेयक

सरकार इस सत्र में अनुसूचित जाति आयोग, अनुसूचित जनजाति आयोग, विश्वविद्यालय कानून, औद्योगिक विकास, रोजगार गारंटी, महानगरपालिका कानून, जीएसटी संशोधन, कौशल विश्वविद्यालय और वित्तीय विनियोजन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश करेगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि किसानों, महिलाओं और ग्रामीण विकास पर केंद्रित ये फैसले आगामी वर्षों में महाराष्ट्र की राजनीति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों को प्रभावित कर सकते हैं।

किसानों को राहत, लेकिन चुनौतियां बरकरार

एक तरफ राज्य सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देने के लिए रिकॉर्ड कर्जमाफी की घोषणा की है, वहीं दूसरी तरफ कमजोर मानसून और घटते जलस्तर ने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। अब नजर इस बात पर होगी कि कर्जमाफी का लाभ कितनी तेजी से किसानों तक पहुंचता है और मानसून की स्थिति आगे क्या रूप लेती है।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!
App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 
Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos