MHADA Kamathipura Redevelopment: पुराना कामाठीपुरा, नया कलेवर! 34 एकड़ में 734 इमारतों का पुनर्विकास, 4,500 नए घरों की तैयारी

The CSR Journal Magazine
MHADA Kamathipura Redevelopment: मुंबई के ऐतिहासिक कामाठीपुरा इलाके के पुनर्विकास को लेकर प्रस्तावित योजना लोगों के सामने रखी गई। कामाठीपुरा क्लस्टर पुनर्विकास परियोजना के तहत करीब 34 एकड़ क्षेत्र में मौजूद पुरानी इमारतों, रहवासियों और दुकानदारों का योजनाबद्ध तरीके से पुनर्विकास किया जाएगा। इस परियोजना से 8 हजार से ज्यादा निवासी और किरायेदार जुड़े हुए हैं। मुंबई बिल्डिंग रिपेयर्स एंड रिकंस्ट्रक्शन बोर्ड (MBRRB), म्हाडा और कामाठीपुरा डेवलपमेंट कमेटी की ओर से अखिल पद्मशाली समाज हॉल में योजना की प्रस्तुति और लोगों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों, किरायेदारों, जमीन मालिकों और अन्य हितधारकों ने हिस्सा लिया और अपनी मांगें तथा सुझाव सामने रखे।

नागरिकों की भागीदारी और भरोसे के साथ आगे बढ़ेगा प्रोजेक्ट – संजय जायसवाल

म्हाडा के उपाध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय जायसवाल ने कहा कि कामाठीपुरा मुंबई की सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का अहम हिस्सा है। इसका पुनर्विकास केवल पुरानी इमारतों को तोड़कर नई इमारतें बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे इलाके को सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर सुविधाओं वाला बनाने की कोशिश होगी। उन्होंने कहा कि परियोजना को पारदर्शिता, नागरिकों की भागीदारी और संवाद के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। स्थानीय लोगों की जरूरतों और सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी।

MHADA Kamathipura Redevelopment: 475 से ज्यादा सेस इमारतें, 259 गैर-सेस इमारतें

प्रस्तावित परियोजना करीब 34 एकड़ में फैली है। इसमें लगभग 475 सेस इमारतें और 259 गैर-सेस इमारतें शामिल हैं। परियोजना से करीब 6,625 आवासीय किरायेदार और 1,376 व्यावसायिक किरायेदार जुड़े हैं। इसके अलावा करीब 800 जमीन मालिक भी परियोजना का हिस्सा हैं। मौजूदा रहवासियों और किरायेदारों के पुनर्वास के साथ परियोजना में करीब 4,500 अतिरिक्त आवासीय इकाइयां बनाने का प्रस्ताव है।

दो साल का एडवांस किराया, शिफ्टिंग के लिए ₹25 हजार

पुनर्विकास के दौरान लोगों को आर्थिक परेशानी न हो, इसके लिए दो साल का एडवांस किराया देने को मंजूरी दी गई है। इसके साथ अगले एक साल के किराए के चेक भी दिए जाएंगे। कमरे, दुकान या व्यावसायिक जगह खाली करने के बाद चरणबद्ध तरीके से किराया दिया जाएगा। इसके अलावा शिफ्टिंग और दूसरी जरूरतों के लिए एकमुश्त ₹25 हजार देने की मंजूरी भी दी गई है। व्यावसायिक जगहों के किराए को उनके क्षेत्रफल के हिसाब से तय किया गया है। 200 वर्ग फुट तक की जगह के लिए ₹25 हजार, 200 से 400 वर्ग फुट के लिए ₹30 हजार और 400 वर्ग फुट से ज्यादा के लिए ₹35 हजार प्रति माह किराया तय किया गया है। जमीन मालिकों को पुनर्विकास अवधि में प्रति प्लॉट ₹25 हजार प्रति माह किराया दिया जाएगा।

MHADA Kamathipura Redevelopment: हर इमारत में 5 लिफ्ट का प्रस्ताव

पुनर्वास इमारतों की सुविधाओं को लेकर भी लोगों की मांगों पर चर्चा हुई। रहवासियों ने हर आठ फ्लैट पर चार लिफ्ट की मांग की थी। डेवलपर की ओर से बताया गया कि प्रस्तावित योजना में हर इमारत में पांच लिफ्ट रखी जाएंगी। साथ ही यह भरोसा भी दिया गया कि पुनर्वास इमारतों की निर्माण गुणवत्ता बिक्री के लिए बनाई जाने वाली इमारतों के समान रखी जाएगी।

महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुविधाएं

प्रस्तावित योजना में महिलाओं, बच्चों, छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है। इसके अलावा इलाके में हरे-भरे स्थान, बारिश के पानी को जमा करने की व्यवस्था, सीवेज और कचरा प्रबंधन, आधुनिक अग्नि सुरक्षा, लिफ्ट, आंतरिक सड़कें और ट्रैफिक व्यवस्था विकसित करने का प्रस्ताव है। इमारतों को आधुनिक और भूकंपरोधी तकनीक से बनाने की योजना है।

MHADA Kamathipura Redevelopment: रहवासियों को कानूनी मदद भी मिलेगी

पुनर्विकास के दौरान लोगों को कानूनी सलाह देने के लिए एक सॉलिसिटर नियुक्त करने की मांग को भी मंजूरी दी गई है। खास बात यह है कि सॉलिसिटर की फीस डेवलपर की ओर से वहन की जाएगी। परियोजना से सटे इलाकों के जमीन मालिकों, किरायेदारों या रहवासियों को भी जरूरत पड़ने पर परियोजना में शामिल करने का रास्ता खुला रखा गया है। हालांकि इसके लिए सरकार की मंजूरी जरूरी होगी।

सांसद और विधायक भी रहे मौजूद

कार्यक्रम में सांसद अरविंद सावंत, विधायक अमीन पटेल, म्हाडा के उपाध्यक्ष एवं सीईओ संजीव जायसवाल, MBRRB के मुख्य अधिकारी मिलिंद शांभर्कर, कॉरपोरेटर नसीमा जुनेजा, पूर्व कॉरपोरेटर जावेद जुनेजा सहित म्हाडा और कामाठीपुरा डेवलपमेंट कमेटी के पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने परियोजना से जुड़े सवाल पूछे और अपनी मांगें रखीं। अधिकारियों ने उनके सवालों का जवाब दिया और परियोजना की आगे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। जायसवाल ने कहा कि कामाठीपुरा का विकास सिर्फ इमारतों के पुनर्निर्माण का प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि पूरे इलाके की तस्वीर बदलने की कोशिश है। इसमें बेहतर आवास के साथ सड़क, ट्रैफिक, सार्वजनिक जगहों और पर्यावरण को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।
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