अब Mumbai में आधार से होगा पुनर्वास, MMRDA का e-Punarvasan शुरू  

The CSR Journal Magazine
MMRDA e-Punarvasan: मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने प्रोजेक्ट से प्रभावित परिवारों यानी Project Affected Persons (PAPs) के पुनर्वास को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए e-Punarvasan प्लेटफॉर्म शुरू किया है। MMRDA के मुताबिक, इस व्यवस्था में पहली बार आधार आधारित ऑफलाइन सत्यापन के लिए OVSE फ्रेमवर्क का इस्तेमाल किया गया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म और Computerised Tenement Allotment Cell का उद्घाटन MMRDA के महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी (MMRDA Commissioner Dr Sanjay Mukherjee IAS) ने किया। इस मौके पर संयुक्त महानगर आयुक्त पंकज देवरे और अतिरिक्त महानगर आयुक्त-I वेलरासु भी मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद डॉ. मुखर्जी ने खुद सिस्टम को इस्तेमाल करके देखा और लाभार्थियों से बातचीत भी की।

Mumbai MMRDA e-Punarvasan: सर्वे से लेकर घर मिलने तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल

e-Punarvasan के जरिए पुनर्वास की अलग-अलग प्रक्रियाओं को एक ही डिजिटल सिस्टम से जोड़ दिया गया है। इसमें मोबाइल सर्वे, लाभार्थी का सत्यापन, पात्रता जांच, घर का आवंटन, कब्जा और बाद में निगरानी तक के काम शामिल हैं। इसका मतलब है कि प्रोजेक्ट से प्रभावित परिवारों के मामले में जानकारी अलग-अलग जगहों पर बिखरी रहने के बजाय एक ही सिस्टम में दर्ज की जा सकेगी।

Mumbai MMRDA e-Punarvasan: आधार से होगा लाभार्थी का सत्यापन

इस व्यवस्था में Aadhaar OVSE के जरिए यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि सही लाभार्थी का मामला सही पुनर्वास रिकॉर्ड से जुड़ा है। इसके अलावा बिजली के बिल की ऑनलाइन जांच भी दस्तावेजों के सत्यापन को मजबूत करेगी। पात्रता से जुड़ी सभी जरूरी शर्तें पूरी होने के बाद घरों का आवंटन कंप्यूटराइज्ड ई-लॉटरी के जरिए किया जाएगा। यानी किस लाभार्थी को कौन सा घर मिलेगा, इसका चयन कंप्यूटराइज्ड लॉटरी से होगा और इसमें किसी व्यक्ति के स्तर पर घर चुनने की गुंजाइश नहीं रहेगी।

डिजिटल लेटर और घरों का पूरा रिकॉर्ड

e-Punarvasan में डिजिटल आवंटन पत्र और कब्जा पत्र जारी करने की सुविधा भी होगी। साथ ही सभी मामलों का रिकॉर्ड एक जगह रखा जाएगा और उपलब्ध घरों का डिजिटल हिसाब भी रखा जा सकेगा। MMRDA के पास यह जानकारी भी रहेगी कि कितने घर खाली हैं, कितने आवंटित हो चुके हैं और कितने घर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं।

बिचौलियों पर निर्भरता कम करने की कोशिश

MMRDA का कहना है कि अब तक अलग-अलग जगहों पर रखे जाने वाले मैनुअल रिकॉर्ड और कागजी प्रक्रियाओं को एक डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने से गलतियों और रिकॉर्ड में असंगति को कम करने में मदद मिलेगी। प्रोजेक्ट प्रभावित परिवारों के लिए इसका मकसद प्रक्रिया को ज्यादा साफ और समझने योग्य बनाना है, ताकि उन्हें अपने पुनर्वास से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सके और अनधिकृत बिचौलियों पर निर्भरता कम हो। कुल मिलाकर, e-Punarvasan के जरिए MMRDA ने पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। आधार आधारित सत्यापन, ऑनलाइन दस्तावेज जांच और कंप्यूटराइज्ड लॉटरी से घरों के आवंटन की प्रक्रिया को ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है।
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