MHADA Kamathipura Redevelopment: मुंबई के ऐतिहासिक और घनी आबादी वाले कामाठीपुरा इलाके के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। म्हाडा के मुंबई इमारत दुरुस्ती व पुनर्रचना मंडल की ओर से प्रस्तावित कामाठीपुरा समूह पुनर्विकास परियोजना का नियोजित ब्लूप्रिंट शुक्रवार, 11 सितंबर को स्थानीय नागरिकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। कामाठीपुरा विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में यह विशेष प्रिजेंटेशन शाम 6 बजे अखिल पद्मशाली समाज, भावना बाग, कामाठीपुरा, छठी गली में आयोजित होगी। इस परियोजना का मकसद कामाठीपुरा की पुरानी और जर्जर इमारतों का नियोजित तरीके से पुनर्विकास कर वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर आवास उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही पूरे इलाके में आधुनिक बुनियादी और नागरिक सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
MHADA Kamathipura Redevelopment: 34 एकड़ में होगा बड़ा पुनर्विकास
महाराष्ट्र सरकार के 12 जनवरी 2023 के शासन निर्णय के तहत कामाठीपुरा की सेस और नॉन-सेस इमारतों के एकीकृत पुनर्विकास की प्रक्रिया प्रस्तावित की गई है। करीब 34 एकड़ क्षेत्र में फैली इस परियोजना में लगभग 943 सेस इमारतें और 349 नॉन-सेस इमारतें, यानी कुल करीब 1,292 इमारतें शामिल हैं। परियोजना से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, इलाके के 8,000 से अधिक रहिवासी और किरायेदार पुनर्विकास प्रक्रिया से प्रभावित होंगे। इनमें करीब 6,625 आवासीय और 1,376 व्यावसायिक किरायेदार शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 800 जमीन मालिक भी इस परियोजना से जुड़े हुए हैं।
MHADA Kamathipura Redevelopment: DCPR 2034 के तहत होगा पुनर्विकास
कामाठीपुरा समूह पुनर्विकास परियोजना को DCPR 2034 के विनियम 33(9) के तहत लागू किया जाना है। महाराष्ट्र सरकार के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी म्हाडा के मुंबई इमारत दुरुस्ती व पुनर्रचना मंडल को दी गई है। इस परियोजना के लिए म्हाडा को नोडल एजेंसी के साथ-साथ विशेष नियोजन प्राधिकरण (SPA) का दर्जा भी दिया गया है। वहीं, मेसर्स भागीरथी हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड और माथी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को Construction & Development Agency यानी C&DA के रूप में नियुक्त किया गया है।
स्थानीय लोगों को दिखाया जाएगा पूरा प्लान
11 सितंबर को होने वाली प्रस्तुति में परियोजना की पूरी अवधारणा और प्रस्तावित विकास योजना स्थानीय लोगों के सामने रखी जाएगी। इसमें पुनर्वास की योजना, लाभार्थियों का विवरण, प्रस्तावित बुनियादी सुविधाएं, नागरिक सुविधाएं, पर्यावरण-अनुकूल उपाय और कामाठीपुरा के भविष्य के विकास से जुड़े प्रस्तावों की जानकारी दी जाएगी। म्हाडा का कहना है कि प्रस्तुति का उद्देश्य स्थानीय रहिवासियों, किरायेदारों, जमीन मालिकों और अन्य संबंधित लोगों को प्रस्तावित आराखड़े की जानकारी देना है, ताकि पुनर्विकास प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
पुराने कामाठीपुरा को मिलेगी नई पहचान
कामाठीपुरा मुंबई के सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। दशकों पुराने इस इलाके में बड़ी संख्या में जर्जर और पुरानी इमारतें हैं। ऐसे में समूह पुनर्विकास के जरिए सिर्फ इमारतों का निर्माण ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके का नियोजित, टिकाऊ और सर्वसमावेशी शहरी विकास करने की योजना है। अब सभी की नजर 11 सितंबर को पेश होने वाले प्रस्तावित प्रोजेक्ट पर है। स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया और उनकी भागीदारी के साथ परियोजना को आगे बढ़ाना इस पूरे पुनर्विकास की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होगी।
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