UP: झांसी में फुटपाथ पर चला बुलडोजर, हाथ जोड़कर मोहलत मांगते दिखे दुकानदार

The CSR Journal Magazine
यूपी के झांसी में नगर निगम की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने एक बार फिर से विद्रोह का माहौल पैदा कर दिया। नगर निगम की टीम तीन बुलडोजर और पुलिस के साथ सड़क किनारे लगी रेहड़ियों और दुकानों को हटाने आई। सुप्रसिद्ध महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के बाहर यह कार्रवाई की गई, जहाँ कई लोग अपनी रोजी-रोटी के लिए यहाँ दुकानें लगाते हैं। जैसे ही बुलडोजर आगे बढ़े, वहाँ उपस्थित दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई।

विपत्ति के समय की पुकार

कुछ दुकानदार हाथ जोड़कर नगर निगम की टीम से मोहलत मांगते नजर आए। उनका कहना था कि यही उनका एकमात्र सहारा है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान, कई ठेले और छोटी दुकानों को तोड़ दिया गया। जब दुकानदारों ने अपनी दुकानों को बचाने की कोशिश की, तब नगर निगम की टीम ने कार्रवाई जारी रखी। यह स्थिति स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब कुछ दूकानदारों ने टीम के सामने आकर विरोध जताया।

सीमाएं खत्म होने का डर

नीतू और निकिता वर्मा, जो रेहड़ी लगाने वाली हैं, ने अपनी परेशानी साझा की। नीतू का कहना है कि उनकी बीमारी के कारण वो अपनी दुकान नहीं खोल सकीं। जब उन्हें पता चला कि नगर निगम आ रहा है, तो वो वहाँ पहुँचने की कोशिश की, लेकिन भीड़ के कारण उनका ठेला हटाने में देरी हो गई। उनका आरोप है कि इस दौरान नगर निगम ने उनका ठेला उठाकर ले लिया।

आरोप और जवाब

नीतू ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम की टीम ने उनके बेटे का मोबाइल छीन लिया और उन्हें गालियाँ दीं। हालाँकि, इन आरोपों की कोई पुष्टि नहीं हुई। निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जानकारी पहले से ही दी गई थी और दुकानदारों को चेतावनी दी गई थी। नगर निगम के अतिक्रमण टीम प्रभारी प्रदीप अग्निहोत्री ने बताया कि सड़क किनारे अतिक्रमण की वजह से जाम और गंदगी की समस्या उत्पन्न हो रही थी।

सड़क पर बेतरतीब व्यवस्था

नगर निगम का दावा है कि वे पहले भी दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने के लिए कह चुके थे। लेकिन जब लोग नहीं माने, तो उन्हें कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने दुकानदारों को चेतावनी दी कि अगर वे फिर से वहाँ दुकान या ठेला लगाते हैं, तो ठोस कार्रवाई की जाएगी। इस विवाद के बीच एक ओर जहाँ नगर निगम सड़क को साफ रखने के अपने प्रयासों को जस्टिफाई कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ रेहड़ी-पटरी वाले इसे अपने जीवन का बड़ा मुद्दा मान रहे हैं।

आज की संजीवनी

झाँसी में हुई इस घटना ने फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान मानवता को ध्यान में रखा जा रहा है। जहाँ नगर निगम का कहना है कि यह सड़क और मेडिकल कॉलेज के आसपास की परिस्थिति को ठीक करने के लिए जरूरी है, वहीं रेहड़ी-पटरी वाले इसे अपनी रोजी का सवाल मानते हैं। ऐसी घटनाएँ समाज में कई मुद्दों को उजागर करती हैं जो कि नगर निगम की कार्यप्रणाली और गरीबों की आर्थिक स्थिति से जुड़ी हैं।

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