नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए बिल्डिंग हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश के बाद राजधानी के अलग-अलग इलाकों में गैरकानूनी ढांचों की जांच और उन पर कार्रवाई शुरू हो गई है। इसी अभियान के तहत दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के बिंदापुर इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत पर बुलडोजर चलाया गया। कार्रवाई के दौरान मौके पर MCD अधिकारियों के साथ पुलिस बल भी मौजूद रहा।
बिंदापुर में निर्माणाधीन इमारत पर कार्रवाई
MCD की ओर से राजधानी के कई हिस्सों में अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। बिंदापुर में भी इसी अभियान के तहत निर्माणाधीन बिल्डिंग पर कार्रवाई की गई। MCD के जूनियर इंजीनियर अभिषेक पांडे ने बताया कि अवैध निर्माण के खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है। अभिषेक पांडे के मुताबिक, यह कार्रवाई पहले से तय रूटीन कार्यक्रम का हिस्सा थी। संबंधित पुलिस स्टेशन को पहले ही पत्र भेजा जा चुका था। उन्होंने बताया कि करीब एक महीने पहले इमारत को तोड़ने की सूचना दी गई थी। पुलिस थाने और संपत्ति मालिक को भी नोटिस दिया गया था। इसके बाद अब निर्माणाधीन इमारत पर कार्रवाई की गई है।
नेहरू विहार में भी MCD की कार्रवाई
बिंदापुर में हुई कार्रवाई राजधानी में अवैध निर्माण के खिलाफ चल रहे अभियान की पहली कार्रवाई नहीं है। MCD ने दिल्ली के कई इलाकों में कार्रवाई तेज कर दी है और स्ट्रक्चरल ऑडिट भी शुरू किया है। इसी क्रम में नेहरू विहार इलाके में भी एक घर के खिलाफ कार्रवाई की गई। यह अभियान ऐसे समय में चल रहा है, जब साउथ कैंपस के पास स्थित सत्य निकेतन में हाल ही में एक पांच मंजिला इमारत गिर गई थी। इस हादसे में पांच छात्रों समेत सात लोगों की मौत हुई थी।
सत्य निकेतन हादसे के बाद CM के सख्त निर्देश
सत्य निकेतन हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को अवैध और असुरक्षित निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। बुधवार को इन्हीं निर्देशों के तहत दिल्ली के कई हिस्सों में कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने MCD के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर मौजूद रहने और अभियान की प्रभावी निगरानी करने के लिए कहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने दिल्ली में संचालित सभी पेइंग गेस्ट (PG) छात्रावासों का सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। जहां भी अवैध निर्माण मिलता है, वहां तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को पुराने भवनों के रिकॉर्ड की भी जांच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवैध निर्माण किस साल हुआ और उस समय संबंधित अधिकारी या विभाग की जिम्मेदारी क्या थी।

